“पूरी प्रक्रिया बहुत सरल थी। पंडित जी ने पूरी श्रद्धा से सत्यनारायण पूजा संपन्न की और हमें उसी दिन वीडियो प्रमाण मिल गया।”
प्रिया शर्मा
मुंबई• Satyanarayan Puja

केतु ग्रह शांति पूजा में केतु देव के साथ भगवान शिव और भगवान गणेश की आराधना की जाती है। ज्योतिष शास्त्र में केतु को छाया ग्रह माना गया है और इसे वैराग्य, आध्यात्मिक ज्ञान, अंतर्ज्ञान, रहस्य तथा अचानक होने वाले परिवर्तनों से जोड़ा जाता है।
जब जन्म कुंडली में केतु प्रतिकूल स्थिति में हो अथवा उसकी दशा या अंतर्दशा चल रही हो, तब ज्योतिषीय परामर्श के अनुसार ग्रह शांति अनुष्ठान कराने की परंपरा है। इस पूजा का उद्देश्य केतु से संबंधित अशुभ प्रभावों की शांति तथा मानसिक, आध्यात्मिक और जीवनगत संतुलन की प्रार्थना करना है।
Duration
3h – 4h
Best time
मुहूर्त अनुसार
Starting price
₹11,000
केतु को वैदिक ज्योतिष में छाया ग्रह माना जाता है। इसका संबंध वैराग्य, आध्यात्मिकता, अंतर्ज्ञान, रहस्य, आत्मचिंतन और सांसारिक आसक्ति से मुक्ति की भावना से जोड़ा जाता है। जन्म कुंडली में केतु की स्थिति, राशि, भाव, दृष्टि और अन्य ग्रहों के साथ संबंध के आधार पर उसके ज्योतिषीय प्रभावों का विचार किया जाता है।
जब केतु की स्थिति प्रतिकूल मानी जाती है, तब व्यक्ति मानसिक भ्रम, अस्थिरता, अनिश्चितता, अचानक आने वाली बाधाओं अथवा आध्यात्मिक बेचैनी जैसी परिस्थितियों का अनुभव कर सकता है। ऐसी स्थिति में केतु ग्रह शांति पूजा ग्रहों की शांति, मानसिक स्पष्टता और आध्यात्मिक संतुलन की प्रार्थना के लिए सम्पन्न की जाती है।
इस पूजा में मुख्य रूप से निम्न देवताओं की आराधना की जाती हैः
केतु को ज्योतिषीय परंपरा में वैराग्य, आध्यात्मिक ज्ञान और अंतर्मुखी साधना से संबंधित माना जाता है। भगवान शिव की उपासना आध्यात्मिक चेतना और आत्मचिंतन से जुड़ी हुई है, जबकि भगवान गणेश को विघ्नों के निवारण और शुभारंभ के अधिष्ठाता के रूप में पूजा जाता है। इसलिए केतु ग्रह शांति अनुष्ठान में इन देवताओं की आराधना का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है।
पूजा का उचित समय और विधि जन्म कुंडली तथा संबंधित ग्रह स्थितियों के अनुसार निर्धारित करना अधिक उपयुक्त माना जाता है।
केतु ग्रह शांति पूजा केवल ग्रह शांति से संबंधित अनुष्ठान ही नहीं, बल्कि आत्मचिंतन और आध्यात्मिक साधना की भावना से भी जुड़ी मानी जाती है। ज्योतिषीय परंपरा में केतु को वैराग्य, आत्मज्ञान और मोक्ष की दिशा से संबंधित माना गया है। भगवान शिव की आराधना के साथ यह अनुष्ठान अंतर्मन की शांति, आध्यात्मिक जागरूकता और ईश्वर के प्रति समर्पण की भावना की मंगलकामना करता है।
अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा संकल्प, देव पूजन, मंत्र जप, हवन एवं पूर्णाहुति सहित यह अनुष्ठान पारंपरिक विधि-विधान के अनुसार सम्पन्न कराया जाता है।
यह अनुष्ठान व्यक्ति को आत्मज्ञान, वैराग्य एवं आध्यात्मिक विकास की ओर अग्रसर करने वाला पवित्र माध्यम माना जाता है। केतु देव की कृपा से जीवन के गूढ़ रहस्यों को समझने और मोक्ष के मार्ग पर आगे बढ़ने की मंगलकामना की जाती है। हमारे अनुभवी एवं विद्वान वैदिक आचार्य, जो पारंपरिक वैदिक पाठशालाओं से शिक्षित हैं, पूर्ण विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ यह पूजा श्रद्धापूर्वक सम्पन्न कराते हैं।
2 आचार्य + सभी पूजा सामग्री
उन्नत पैकेज के अंतर्गत 2 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा पूर्ण विधि-विधान से केतु ग्रह शांति पूजा संपन्न कराई जाती है। यह पवित्र वैदिक अनुष्ठान लगभग 2.5 से 3 घंटे में संपन्न होता है, जिसमें केतु ग्रह के मंत्रों का विधिवत जाप, पूजन एवं हवन किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह पूजा कुंडली में केतु के अशुभ प्रभावों की शांति, मानसिक स्थिरता, भय एवं भ्रम से राहत तथा आध्यात्मिक उन्नति की मंगलकामना के लिए की जाती है। यह अनुष्ठान विशेष रूप से केतु महादशा, अंतर्दशा, गोचर या केतु दोष से संबंधित समस्याओं के शमन के लिए कराया जाता है।
पूजा में शामिल विधियां
विशेष सुविधाएं
पूजा की आवश्यक व्यवस्था
भगवान केतु देव की कृपा की मंगलकामना के साथ संपन्न यह पवित्र अनुष्ठान मानसिक शांति, भय एवं भ्रम से राहत, जीवन में स्थिरता तथा आध्यात्मिक उन्नति की प्रार्थना के लिए किया जाता है। श्रद्धापूर्वक किए गए मंत्र जाप, पूजन एवं हवन के माध्यम से यजमान के जीवन में सकारात्मकता, आत्मविश्वास, संतुलन और सुख-शांति की मंगलकामना की जाती है।
सभी आवश्यक पूजा सामग्री जैसे हल्दी, अबीर, गुलाल, आम के पत्ते, तुलसी, कलश, वस्त्र, पान के पत्ते, समिधा, घी आदि आचार्य द्वारा लाई जाएगी।
यजमान को घर की सामान्य वस्तुएं जैसे बर्तन, दीपक, आसन, कटोरी, चौकी, हवन कुंड, थाली, फोटो आदि की व्यवस्था करनी होगी।
नोट: बुकिंग के बाद विस्तृत निर्देश साझा किए जाएंगे।
2 वस्तुएँ शामिल
5 आचार्य + सभी पूजा सामग्री
श्रेष्ठ पैकेज के अंतर्गत 5 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा केतु ग्रह शांति पूजा पूर्ण शास्त्रोक्त विधि-विधान से श्रद्धापूर्वक संपन्न कराई जाती है। यह पवित्र अनुष्ठान लगभग 3 से 4 घंटे में संपन्न होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह पूजा केतु ग्रह के अशुभ प्रभावों की शांति, मानसिक भ्रम, भय, आध्यात्मिक असंतुलन एवं जीवन में आने वाली बाधाओं से राहत की मंगलकामना के लिए की जाती है। यह अनुष्ठान विशेष रूप से उन श्रद्धालुओं के लिए किया जाता है जिनकी कुंडली में केतु दोष, कालसर्प दोष, पितृ दोष, अचानक हानि, मानसिक अस्थिरता, अनिद्रा या कार्यों में बार-बार बाधाएं उत्पन्न हो रही हों।
घर पर पूजा के लिए सभी आवश्यक पूजन सामग्री आचार्य अपने साथ लेकर आएंगे। यजमान को बैठने की व्यवस्था एवं आसन आदि की सामान्य व्यवस्था करनी होगी। पूजा सामग्री की विस्तृत सूची आवश्यकतानुसार उपलब्ध कराई जाएगी।
केतु देव की कृपा की मंगलकामना के साथ संपन्न यह पवित्र अनुष्ठान मानसिक शांति, आत्मविश्वास, आध्यात्मिक उन्नति एवं जीवन की बाधाओं से राहत की प्रार्थना के लिए किया जाता है। श्रद्धापूर्वक किए गए मंत्र जाप, पूजन, महामृत्युंजय मंत्र जाप, हवन एवं पूर्णाहुति के माध्यम से यजमान के जीवन में सकारात्मकता, स्थिरता, शांति एवं मंगल की कामना की जाती है।
सभी आवश्यक पूजा सामग्री जैसे हल्दी, अबीर, गुलाल, आम के पत्ते, तुलसी, कलश, वस्त्र, पान के पत्ते, समिधा, घी आदि आचार्य द्वारा लाई जाएगी।
यजमान को घर की सामान्य वस्तुएं जैसे बर्तन, दीपक, आसन, कटोरी, चौकी, हवन कुंड, थाली, फोटो आदि की व्यवस्था करनी होगी।
नोट: बुकिंग के बाद विस्तृत निर्देश साझा किए जाएंगे।
2 वस्तुएँ शामिल
7 आचार्य + सभी पूजा सामग्री
विशिष्ट पैकेज के अंतर्गत 7 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा पूर्ण विधि-विधान एवं श्रद्धापूर्वक केतु ग्रह शांति पूजा तथा विशेष वैदिक अनुष्ठान संपन्न कराया जाता है। यह पवित्र अनुष्ठान लगभग 4 से 5 घंटे में पूरा होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह पूजा केतु ग्रह के अशुभ प्रभावों, मानसिक भ्रम, भय, अचानक होने वाली हानि तथा जीवन में आने वाली बाधाओं की शांति के लिए की जाती है। इसके माध्यम से मानसिक स्थिरता, पारिवारिक सुख, शांति एवं आध्यात्मिक उन्नति की मंगलकामना की जाती है।
इस अनुष्ठान में केतु के वैदिक मंत्र का 17,000 बार विधिवत जाप कराया जाता है। यह विशेष मंत्र जाप केतु दोष की शांति, मानसिक संतुलन एवं जीवन में सकारात्मकता की प्रार्थना के लिए किया जाता है। यह पूजा विशेष रूप से उन लोगों के लिए उपयुक्त है जिनकी जन्मकुंडली में केतु से संबंधित अशुभ योग हों या जो मानसिक अस्थिरता, संतान संबंधी बाधाओं, अचानक होने वाली हानि अथवा आध्यात्मिक असंतुलन से राहत की कामना करते हैं।
पूजा में शामिल विधियां
विशेष सुविधाएं
पूरी पूजा सामग्री अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा अपने साथ लाई जाएगी। घर पर यजमान को बैठने की उचित व्यवस्था एवं आसन आदि तैयार रखने होंगे। आवश्यक सामग्री की विस्तृत सूची पूजा निर्धारित होने के बाद उपलब्ध कराई जाएगी।
केतु देव की कृपा की मंगलकामना के साथ संपन्न यह पवित्र अनुष्ठान मानसिक शांति, स्थिरता, भय एवं भ्रम से राहत तथा आध्यात्मिक उन्नति के लिए किया जाता है। श्रद्धापूर्वक किए गए वैदिक मंत्र जाप, पूजन, हवन एवं पूर्णाहुति के माध्यम से यजमान और उसके परिवार के सुख, समृद्धि, सकारात्मकता एवं मंगलमय जीवन की प्रार्थना की जाती है।
सभी आवश्यक पूजा सामग्री जैसे हल्दी, अबीर, गुलाल, आम के पत्ते, तुलसी, कलश, वस्त्र, पान के पत्ते, समिधा, घी आदि आचार्य द्वारा लाई जाएगी।
यजमान को घर की सामान्य वस्तुएं जैसे बर्तन, दीपक, आसन, कटोरी, चौकी, हवन कुंड, थाली, फोटो आदि की व्यवस्था करनी होगी।
नोट: बुकिंग के बाद विस्तृत निर्देश साझा किए जाएंगे।
2 वस्तुएँ शामिल
21 आचार्य + सभी पूजा सामग्री
इस दिव्य पैकेज के अंतर्गत 21 अनुभवी वैदिक ब्राह्मणों द्वारा केतु ग्रह शांति पूजा एवं विशेष वैदिक अनुष्ठान पूर्ण विधि-विधान और श्रद्धापूर्वक संपन्न कराया जाता है। यह विस्तृत अनुष्ठान 3 दिनों में संपन्न होता है। इसमें केतु ग्रह के अशुभ प्रभावों की शांति, मानसिक भ्रम, भय, संतान संबंधी बाधाओं, अचानक होने वाली हानि तथा आध्यात्मिक असंतुलन से राहत की मंगलकामना की जाती है।
इस विशेष अनुष्ठान में केतु के वैदिक मंत्र का 68,000 जप (17,000 × 4) कराया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मंत्र जाप, हवन एवं वैदिक पूजन के माध्यम से केतु देव की कृपा, मानसिक शांति, जीवन में स्थिरता, सकारात्मकता एवं आध्यात्मिक उन्नति की प्रार्थना की जाती है।
पूजा में शामिल विधियां
विशेष सुविधाएं
अनुष्ठान की अवधि
यह विशेष अनुष्ठान 1 या 3 दिनों में संपन्न कराया जाता है। तीनों दिनों में सम्मिलित रूप से कुल 21 ब्राह्मण अनुष्ठान में भाग लेंगे और निर्धारित मंत्र जाप संपन्न करेंगे।
पूजा के लिए सभी आवश्यक सामग्री वैदिक ब्राह्मण अपने साथ लेकर आएंगे। यजमान को घर पर बैठने की व्यवस्था एवं आसन आदि की सामान्य तैयारी करनी होगी। आवश्यक सामग्री की विस्तृत सूची अनुष्ठान निर्धारित होने के बाद उपलब्ध कराई जाएगी।
केतु देव की कृपा की मंगलकामना के साथ संपन्न यह विशेष वैदिक अनुष्ठान मानसिक शांति, आत्मिक संतुलन, आध्यात्मिक उन्नति एवं जीवन में सकारात्मकता के लिए किया जाता है। श्रद्धापूर्वक मंत्र जाप, पूजन, हवन एवं पूर्णाहुति के माध्यम से यजमान और परिवार के सुख, शांति, स्थिरता तथा मंगलमय जीवन की प्रार्थना की जाती है।
सभी आवश्यक पूजा सामग्री जैसे हल्दी, अबीर, गुलाल, आम के पत्ते, तुलसी, कलश, वस्त्र, पान के पत्ते, समिधा, घी आदि आचार्य द्वारा लाई जाएगी।
यजमान को घर की सामान्य वस्तुएं जैसे बर्तन, दीपक, आसन, कटोरी, चौकी, हवन कुंड, थाली, फोटो आदि की व्यवस्था करनी होगी।
नोट: बुकिंग के बाद विस्तृत निर्देश साझा किए जाएंगे।
2 वस्तुएँ शामिल
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WhatsAppभक्तों की प्रतिक्रिया
“पूरी प्रक्रिया बहुत सरल थी। पंडित जी ने पूरी श्रद्धा से सत्यनारायण पूजा संपन्न की और हमें उसी दिन वीडियो प्रमाण मिल गया।”
प्रिया शर्मा
मुंबई• Satyanarayan Puja
“विदेश में रहते हुए काशी में प्रामाणिक पूजा कराने को लेकर चिंतित था। पुजारीजी ने सब कुछ संभाला — सामग्री से लेकर संकल्प तक।”
राजेश गुप्ता
सैन फ्रांसिस्को, अमेरिका• Rudrabhishek
“अपने नए घर के लिए ग्रह शांति पूजा बुक की। पंडित जी बहुत ज्ञानी थे और हर चरण समझाया। वीडियो रिकॉर्डिंग बहुत अच्छी लगी।”
मीना अय्यर
बैंगलोर• Graha Shanti Puja
एक बार जानकारी दें। पुजारी, सामग्री, विधि-विधान और अपडेट — सब आपके लिए संभाला जाता है।
पूजा, तिथि और संकल्प की जानकारी दें।
जाँचे-परखे, आपकी पूजा के अनुसार।
हर वस्तु लाई जाती है — आपको कुछ नहीं जुटाना।
आपके घर पर, नियुक्त पुजारी द्वारा।
संपन्न पूजा का आशीर्वादित प्रसाद और पूर्ण आशीर्वाद आपको।
तीर्थ यात्रा की योजना है या किसी प्रतिष्ठित मंदिर में केतु ग्रह शांति करवाना चाहते हैं? इन पावन स्थलों को जानें और अपनी यात्रा के लिए उपयुक्त पूजा पैकेज चुनें।
ऊपर दिए गए पैकेज में से चुनें या पूछताछ करें, हमारी टीम आपकी तारीख और विवरणों की पुष्टि करेगी।