“पूरी प्रक्रिया बहुत सरल थी। पंडित जी ने पूरी श्रद्धा से सत्यनारायण पूजा संपन्न की और हमें उसी दिन वीडियो प्रमाण मिल गया।”
प्रिया शर्मा
मुंबई• Satyanarayan Puja

कुंभ विवाह पूजा वैदिक परंपरा में वर्णित एक विशेष अनुष्ठान है, जिसे मांगलिक दोष तथा विवाह से संबंधित प्रतिकूल ज्योतिषीय प्रभावों की शांति के लिए कराया जाता है। वैदिक ज्योतिष के अनुसार जन्म कुंडली में मंगल की स्थिति को विवाह संबंधी विचारों में महत्वपूर्ण माना जाता है। मंगल के प्रतिकूल प्रभावों के कारण विवाह में विलंब, संबंधों में अस्थिरता अथवा वैवाहिक जीवन से जुड़ी चिंताओं की स्थिति बन सकती है।
ऐसी परिस्थितियों में कुंभ विवाह अनुष्ठान के माध्यम से मांगलिक दोष की शांति तथा वैवाहिक जीवन के लिए शुभता की प्रार्थना की जाती है। यह अनुष्ठान घर पर अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा शास्त्रोक्त विधि से सम्पन्न कराया जा सकता है।
Duration
3h – 5h
Best time
मुहूर्त अनुसार
Starting price
₹11,000
कुंभ विवाह पूजा एक पारंपरिक वैदिक अनुष्ठान है, जिसमें कन्या का प्रतीकात्मक विवाह कुंभ अथवा भगवान विष्णु के स्वरूप के साथ कराया जाता है। इस अनुष्ठान का उद्देश्य मांगलिक दोष एवं उससे संबंधित वैवाहिक बाधाओं की शांति के लिए धार्मिक विधि से प्रार्थना करना है।
शुभ मुहूर्त में संकल्प लेकर गणेश पूजन, स्वस्तिवाचन, मातृका पूजन, नांदी श्राद्ध, कलश स्थापना एवं भगवान विष्णु का पूजन किया जाता है। इसके पश्चात वैदिक मंत्रोच्चार एवं निर्धारित विवाह विधि के अनुसार कुंभ विवाह संस्कार सम्पन्न कराया जाता है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान विष्णु को साक्षी मानकर किया गया यह अनुष्ठान वैवाहिक जीवन में शुभता, स्थिरता एवं मंगल की प्रार्थना के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
मुख्य देवता एवं धार्मिक महत्व
इस अनुष्ठान में मुख्य रूप से भगवान विष्णु की आराधना की जाती है। इसके साथ भगवान गणेश, मातृका देवियों तथा अन्य संबंधित देवताओं का विधिपूर्वक पूजन किया जाता है।
भगवान विष्णु को जगत का पालनकर्ता एवं धर्म के संरक्षक के रूप में पूजा जाता है। कुंभ विवाह में भगवान विष्णु की साक्षी में वैवाहिक संस्कार सम्पन्न कराकर मांगलिक दोष एवं वैवाहिक बाधाओं की शांति की मंगलकामना की जाती है।
शुभ मुहूर्त / यह पूजा कब करानी चाहिए?
पूजा का उचित दिन एवं मुहूर्त जातक की जन्म कुंडली तथा अनुष्ठान की आवश्यकता के अनुसार निर्धारित किया जाना उचित माना जाता है।
किन परिस्थितियों में यह पूजा करानी चाहिए?
प्रमुख मंत्र
अनुष्ठान में आवश्यक अन्य वैदिक मंत्रों का उच्चारण आचार्यों द्वारा निर्धारित विधि के अनुसार किया जाता है।
पूजा के लाभ
आध्यात्मिक महत्व
कुंभ विवाह अनुष्ठान का आध्यात्मिक महत्व भगवान विष्णु की साक्षी में वैदिक विवाह संस्कार सम्पन्न कराने से जुड़ा है। यह अनुष्ठान श्रद्धालु को ईश्वर के प्रति समर्पण, धार्मिक आस्था एवं शुभ संकल्प की भावना से जोड़ता है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार मांगलिक दोष से संबंधित चिंताओं की शांति तथा वैवाहिक जीवन में शुभता एवं संतुलन की मंगलकामना के लिए यह अनुष्ठान किया जाता है। वैदिक मंत्रोच्चार, देव पूजन एवं संकल्प के माध्यम से श्रद्धालु अपने भावी वैवाहिक जीवन के लिए भगवान का आशीर्वाद प्राप्त करने की प्रार्थना करता है।
विशेष जानकारी
घर पर सम्पन्न किया जाने वाला यह कुंभ विवाह अनुष्ठान वैवाहिक जीवन में सुख, शांति, सामंजस्य एवं सकारात्मक ऊर्जा की मंगलकामना के लिए श्रद्धापूर्वक कराया जाता है।
2 आचार्य + सभी पूजा सामग्री
यह विशेष वैदिक अनुष्ठान यजमान के घर पर पूर्ण शास्त्रोक्त विधि-विधान से संपन्न कराया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार कुंभ विवाह पूजा मांगलिक दोष, विवाह में विलंब, वैवाहिक बाधाओं तथा विवाह संबंधी बार-बार आने वाली समस्याओं की शांति के लिए की जाती है। उन्नत पैकेज में 2 अनुभवी वैदिक आचार्य द्वारा संपूर्ण कुंभ विवाह संस्कार एवं संबंधित वैदिक पूजा संपन्न कराई जाती है। यह अनुष्ठान लगभग 3 से 4 घंटे में पूर्ण किया जाता है।
पूजा में शामिल विधियां
विशेष सुविधाएं
आवश्यक जानकारी
कुंभ विवाह अनुष्ठान श्रद्धा एवं वैदिक परंपरा के अनुसार मांगलिक दोष तथा वैवाहिक बाधाओं की शांति की मंगलकामना से किया जाता है। पूजा, संकल्प, कुंभ विवाह संस्कार, हवन एवं पूर्णाहुति के माध्यम से यजमान के वैवाहिक जीवन में सुख, शांति, सामंजस्य, स्थिरता एवं सकारात्मकता की प्रार्थना की जाती है।
2 वस्तुएँ शामिल
3 आचार्य + सभी पूजा सामग्री
यह विशेष वैदिक अनुष्ठान घर पर 3 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा पूर्ण शास्त्रोक्त विधि-विधान से संपन्न कराया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार कुंभ विवाह पूजा का आयोजन मांगलिक दोष, वैवाहिक बाधाओं, विवाह में विलंब तथा बार-बार आने वाली वैवाहिक समस्याओं की शांति की मंगलकामना से किया जाता है। इस अनुष्ठान में संकल्प, विशेष मंत्र जाप, कुंभ पूजन एवं प्रतीकात्मक कुंभ विवाह संस्कार सहित विस्तृत वैदिक विधियां संपन्न कराई जाती हैं। अनुष्ठान की अवधि लगभग 3 से 5 घंटे रहती है।
पूजा में शामिल विधियां
विशेष सुविधाएं
आवश्यक जानकारी
घर पर श्रद्धापूर्वक संपन्न किया गया यह कुंभ विवाह अनुष्ठान मांगलिक दोष एवं वैवाहिक बाधाओं के शमन, दांपत्य जीवन में सुख-शांति, सामंजस्य और सकारात्मकता की मंगलकामना के लिए किया जाता है। वैदिक मंत्र जाप, पूजन, कुंभ संस्कार, हवन एवं पूर्णाहुति के माध्यम से यजमान के वैवाहिक जीवन में मंगल, शांति और स्थिरता की प्रार्थना की जाती है।
सभी आवश्यक पूजा सामग्री जैसे हल्दी, अबीर, गुलाल, आम के पत्ते, तुलसी, कलश, वस्त्र, पान के पत्ते, समिधा, घी आदि आचार्य द्वारा लाई जाएगी।
यजमान को घर की सामान्य वस्तुएं जैसे बर्तन, दीपक, आसन, कटोरी, चौकी, हवन कुंड, थाली, फोटो आदि की व्यवस्था करनी होगी।
नोट: बुकिंग के बाद विस्तृत निर्देश साझा किए जाएंगे।
2 वस्तुएँ शामिल
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WhatsAppभक्तों की प्रतिक्रिया
“पूरी प्रक्रिया बहुत सरल थी। पंडित जी ने पूरी श्रद्धा से सत्यनारायण पूजा संपन्न की और हमें उसी दिन वीडियो प्रमाण मिल गया।”
प्रिया शर्मा
मुंबई• Satyanarayan Puja
“विदेश में रहते हुए काशी में प्रामाणिक पूजा कराने को लेकर चिंतित था। पुजारीजी ने सब कुछ संभाला — सामग्री से लेकर संकल्प तक।”
राजेश गुप्ता
सैन फ्रांसिस्को, अमेरिका• Rudrabhishek
“अपने नए घर के लिए ग्रह शांति पूजा बुक की। पंडित जी बहुत ज्ञानी थे और हर चरण समझाया। वीडियो रिकॉर्डिंग बहुत अच्छी लगी।”
मीना अय्यर
बैंगलोर• Graha Shanti Puja
एक बार जानकारी दें। पुजारी, सामग्री, विधि-विधान और अपडेट — सब आपके लिए संभाला जाता है।
पूजा, तिथि और संकल्प की जानकारी दें।
जाँचे-परखे, आपकी पूजा के अनुसार।
हर वस्तु लाई जाती है — आपको कुछ नहीं जुटाना।
आपके घर पर, नियुक्त पुजारी द्वारा।
संपन्न पूजा का आशीर्वादित प्रसाद और पूर्ण आशीर्वाद आपको।
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