मुख्य सामग्री पर जाएं
Pujari Ji

Pisach Mochan Kund

वाराणसी
Pisach Mochan Kund image 1
1 / 7
500+इस माह पूजाएं
50,000+भक्तों की सेवा
4.9औसत रेटिंग
100%प्रामाणिक अनुष्ठान

Pisach Mochan Kund

पिशाच मोचन कुंड, वाराणसी का एक पवित्र तीर्थ स्थल है, जहाँ अकाल या असामान्य मृत्यु से पीड़ित आत्माओं की शांति हेतु अनुष्ठान किए जाते हैं।

यह स्थान प्रेत योनि, पितृ दोष और ब्रह्म दोष से मुक्ति के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ त्रिपिंडी श्राद्ध, नारायण बलि, पिंडदान और तर्पण जैसे प्रमुख अनुष्ठान संपन्न होते हैं।

निकट स्थित कपर्दीश्वर महादेव मंदिर इसकी आध्यात्मिक महत्ता को बढ़ाता है। कुंड के पास स्थित पीपल वृक्ष को असंतुष्ट आत्माओं की शांति का प्रतीक माना जाता है।

पितृपक्ष के दौरान हजारों श्रद्धालु यहाँ पूर्वजों की शांति और मोक्ष के लिए आते हैं।

पिशाच मोचन कुंड, वाराणसी में स्थित एक अत्यंत पवित्र तीर्थ स्थल है। यह स्थान प्रेत योनि, पितृ दोष, ब्राह्मण दोष तथा अकाल मृत्यु से मुक्ति के लिए विशेष रूप से प्रसिद्ध है।

काशी को मोक्ष की नगरी कहा जाता है, जहाँ भगवान शिव स्वयं आत्मा को तारक मंत्र देकर मुक्ति प्रदान करते हैं। किंतु जो व्यक्ति काशी के बाहर अकाल या असामयिक मृत्यु को प्राप्त होते हैं, उनकी आत्मा की शांति एवं उद्धार के लिए पिशाच मोचन कुंड का विशेष महत्व है।

इतिहास एवं पौराणिक कथा

काशी खंड एवं गरुड़ पुराण के अनुसार, पिशाच मोचन का प्राचीन नाम विमल तीर्थ या विमलोदक तीर्थ था। इसकी उत्पत्ति गंगा के पृथ्वी पर अवतरण से भी पूर्व मानी जाती है।

मान्यता है कि भगवान शिव के भक्त कपर्दी ने इस कुंड की स्थापना की। उनकी तपस्या से यहाँ कपर्दीश्वर महादेव प्रकट हुए।

कथा के अनुसार महर्षि वाल्मीकि के मार्गदर्शन में एक ब्राह्मण, जो अपने पूर्व कर्मों के कारण प्रेत योनि में था, इस कुंड में स्नान कर कपर्दीश्वर महादेव की पूजा करने से मुक्त हुआ। तभी से यह स्थल “पिशाच मोचन” कहलाया।

आध्यात्मिक महत्व

🔹 गया के बाद यह पितृ कर्म के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान माना जाता है।

🔹 यहाँ त्रिपिंडी श्राद्ध विधिपूर्वक संपन्न किया जाता है।

🔹 पितृ पक्ष के दौरान हजारों श्रद्धालु यहाँ श्राद्ध, तर्पण एवं विशेष अनुष्ठान करते हैं।

पवित्र पीपल वृक्ष

कुंड के समीप स्थित पीपल वृक्ष लोक-मान्यता के अनुसार असंतुष्ट आत्माओं की शांति से जुड़ा है। यहाँ प्रतीकात्मक रूप से सिक्के और कीलें लगाई जाती हैं। यद्यपि यह शास्त्रसम्मत परंपरा नहीं है, परंतु यह वर्षों से लोक-विश्वास का भाग रही है।

यहाँ किए जाने वाले प्रमुख अनुष्ठान

🔸 त्रिपिंडी श्राद्ध

सत्व, रज और तम – तीनों प्रकार की प्रेत योनियों से मुक्ति हेतु।

ब्रह्मा, विष्णु एवं शिव की पूजा तथा तिल, जौ और चावल के आटे से पिंडदान।

🔸 नारायण बलि

दुर्घटना, आत्महत्या या अकाल मृत्यु से ग्रस्त आत्माओं की शांति हेतु।

🔸 पिंडदान एवं तर्पण

तीन पीढ़ियों तक के पितरों की शांति और पितृ दोष निवारण के लिए।

Pujariji.com द्वारा उपलब्ध सेवाएँ

🔹 पूर्ण त्रिपिंडी श्राद्ध व्यवस्था

🔹 नारायण बलि विशेष अनुष्ठान

🔹 विधिपूर्वक पिंडदान एवं तर्पण

🔹 नाम, गोत्र एवं कुल अनुसार व्यक्तिगत संकल्प

🔹 अनुभवी एवं शास्त्र-प्रमाणित स्थानीय पंडित

🔹 संपूर्ण पूजा सामग्री (तिल, जौ, चावल, वस्त्र, कलश, हवन सामग्री आदि)

🔹 ब्राह्मण भोजन एवं दक्षिणा व्यवस्था

🔹 ऑन-साइट एवं ऑनलाइन बुकिंग सुविधा

🔹 विदेश से श्रद्धालुओं हेतु लाइव वीडियो विकल्प

हम प्रत्येक अनुष्ठान को पूर्ण श्रद्धा, शुद्ध वैदिक विधि और पारदर्शिता के साथ संपन्न कराते हैं।

👉 Pujariji.com से पिशाच मोचन कुंड में अपनी सेवा बुक करें और पितरों को शांति एवं मोक्ष प्रदान करने का पुण्य लाभ प्राप्त करें।

पिशाच मोचन कुंड, वाराणसी का एक पवित्र तीर्थ स्थल है, जहाँ अकाल या असामान्य मृत्यु से पीड़ित आत्माओं की शांति हेतु अनुष्ठान किए जाते हैं।

यह स्थान प्रेत योनि, पितृ दोष और ब्रह्म दोष से मुक्ति के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ त्रिपिंडी श्राद्ध, नारायण बलि, पिंडदान और तर्पण जैसे प्रमुख अनुष्ठान संपन्न होते हैं।

निकट स्थित कपर्दीश्वर महादेव मंदिर इसकी आध्यात्मिक महत्ता को बढ़ाता है। कुंड के पास स्थित पीपल वृक्ष को असंतुष्ट आत्माओं की शांति का प्रतीक माना जाता है।

पितृपक्ष के दौरान हजारों श्रद्धालु यहाँ पूर्वजों की शांति और मोक्ष के लिए आते हैं।

पिशाच मोचन कुंड, वाराणसी में स्थित एक अत्यंत पवित्र तीर्थ स्थल है। यह स्थान प्रेत योनि, पितृ दोष, ब्राह्मण दोष तथा अकाल मृत्यु से मुक्ति के लिए विशेष रूप से प्रसिद्ध है।

काशी को मोक्ष की नगरी कहा जाता है, जहाँ भगवान शिव स्वयं आत्मा को तारक मंत्र देकर मुक्ति प्रदान करते हैं। किंतु जो व्यक्ति काशी के बाहर अकाल या असामयिक मृत्यु को प्राप्त होते हैं, उनकी आत्मा की शांति एवं उद्धार के लिए पिशाच मोचन कुंड का विशेष महत्व है।

इतिहास एवं पौराणिक कथा

काशी खंड एवं गरुड़ पुराण के अनुसार, पिशाच मोचन का प्राचीन नाम विमल तीर्थ या विमलोदक तीर्थ था। इसकी उत्पत्ति गंगा के पृथ्वी पर अवतरण से भी पूर्व मानी जाती है।

मान्यता है कि भगवान शिव के भक्त कपर्दी ने इस कुंड की स्थापना की। उनकी तपस्या से यहाँ कपर्दीश्वर महादेव प्रकट हुए।

कथा के अनुसार महर्षि वाल्मीकि के मार्गदर्शन में एक ब्राह्मण, जो अपने पूर्व कर्मों के कारण प्रेत योनि में था, इस कुंड में स्नान कर कपर्दीश्वर महादेव की पूजा करने से मुक्त हुआ। तभी से यह स्थल “पिशाच मोचन” कहलाया।

आध्यात्मिक महत्व

🔹 गया के बाद यह पितृ कर्म के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान माना जाता है।

🔹 यहाँ त्रिपिंडी श्राद्ध विधिपूर्वक संपन्न किया जाता है।

🔹 पितृ पक्ष के दौरान हजारों श्रद्धालु यहाँ श्राद्ध, तर्पण एवं विशेष अनुष्ठान करते हैं।

पवित्र पीपल वृक्ष

कुंड के समीप स्थित पीपल वृक्ष लोक-मान्यता के अनुसार असंतुष्ट आत्माओं की शांति से जुड़ा है। यहाँ प्रतीकात्मक रूप से सिक्के और कीलें लगाई जाती हैं। यद्यपि यह शास्त्रसम्मत परंपरा नहीं है, परंतु यह वर्षों से लोक-विश्वास का भाग रही है।

यहाँ किए जाने वाले प्रमुख अनुष्ठान

🔸 त्रिपिंडी श्राद्ध

सत्व, रज और तम – तीनों प्रकार की प्रेत योनियों से मुक्ति हेतु।

ब्रह्मा, विष्णु एवं शिव की पूजा तथा तिल, जौ और चावल के आटे से पिंडदान।

🔸 नारायण बलि

दुर्घटना, आत्महत्या या अकाल मृत्यु से ग्रस्त आत्माओं की शांति हेतु।

🔸 पिंडदान एवं तर्पण

तीन पीढ़ियों तक के पितरों की शांति और पितृ दोष निवारण के लिए।

Pujariji.com द्वारा उपलब्ध सेवाएँ

🔹 पूर्ण त्रिपिंडी श्राद्ध व्यवस्था

🔹 नारायण बलि विशेष अनुष्ठान

🔹 विधिपूर्वक पिंडदान एवं तर्पण

🔹 नाम, गोत्र एवं कुल अनुसार व्यक्तिगत संकल्प

🔹 अनुभवी एवं शास्त्र-प्रमाणित स्थानीय पंडित

🔹 संपूर्ण पूजा सामग्री (तिल, जौ, चावल, वस्त्र, कलश, हवन सामग्री आदि)

🔹 ब्राह्मण भोजन एवं दक्षिणा व्यवस्था

🔹 ऑन-साइट एवं ऑनलाइन बुकिंग सुविधा

🔹 विदेश से श्रद्धालुओं हेतु लाइव वीडियो विकल्प

हम प्रत्येक अनुष्ठान को पूर्ण श्रद्धा, शुद्ध वैदिक विधि और पारदर्शिता के साथ संपन्न कराते हैं।

👉 Pujariji.com से पिशाच मोचन कुंड में अपनी सेवा बुक करें और पितरों को शांति एवं मोक्ष प्रदान करने का पुण्य लाभ प्राप्त करें।

मुख्य तथ्य

शहर

वाराणसी

मंदिर स्थिति

पूछताछ के लिए खुला

पूजाएं उपलब्ध

2

मैप सहायता

उपलब्ध नहीं

कैसे काम करता है

3 आसान चरणों में पूजा बुक करें

1

अपनी पूजा चुनें

अनुष्ठान देखें और पैकेज चुनें

2

बुक करें और संकल्प साझा करें

सुरक्षित भुगतान और विवरण साझा करें

3

100% सत्यापित पुजारी। प्रामाणिक अनुष्ठान

शुद्ध वैदिक अनुष्ठान—आपके घर या पवित्र तीर्थ स्थलों में

मंदिर अवलोकन

क्या है Pisach Mochan Kund?
Pisach Mochan Kund वाराणसी में एक मंदिर स्थल है, जहां भक्त उपलब्ध पूजाओं को देख सकते हैं और डिजिटल प्रक्रिया के माध्यम से अनुष्ठान बुकिंग की योजना बना सकते हैं।
मंदिर पूजा बुकिंग कैसे काम करती है?
सूचीबद्ध पूजाओं की समीक्षा करें, अपनी आवश्यकता के अनुसार अनुष्ठान चुनें, और चेकआउट पर या पूछताछ के माध्यम से तिथि प्राथमिकता सबमिट करें।

मंदिर विवरण

मंदिर समय

05:30 AM - 06:30 PM

हमारी गारंटी

प्रामाणिक वैदिक अनुष्ठान
100% सत्यापित पुजारी
समर्पित सहायता
लचीला शेड्यूलिंग

भक्तों की प्रतिक्रिया

भक्तों का अनुभव

पूरी प्रक्रिया बहुत सरल थी। पंडित जी ने पूरी श्रद्धा से सत्यनारायण पूजा संपन्न की और हमें उसी दिन वीडियो प्रमाण मिल गया।

प्रिया शर्मा

मुंबईSatyanarayan Puja

विदेश में रहते हुए काशी में प्रामाणिक पूजा कराने को लेकर चिंतित था। पुजारीजी ने सब कुछ संभाला — सामग्री से लेकर संकल्प तक।

राजेश गुप्ता

सैन फ्रांसिस्को, अमेरिकाRudrabhishek

अपने नए घर के लिए ग्रह शांति पूजा बुक की। पंडित जी बहुत ज्ञानी थे और हर चरण समझाया। वीडियो रिकॉर्डिंग बहुत अच्छी लगी।

मीना अय्यर

बैंगलोरGraha Shanti Puja

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पुजारीजी सेवाएं

पूजा बुक करें Pisach Mochan Kund

पुजारीजी Pisach Mochan Kund, वाराणसी में अनुभवी पुजारियों द्वारा प्रामाणिक वैदिक पूजाओं की व्यवस्था करता है। पूजा चुनें, पैकेज चुनें, और सामग्री से लेकर संकल्प तक सब कुछ हम संभालते हैं।

प्रमाणित पुजारीपूजा का वीडियो प्रमाणपारदर्शी मूल्यसुविधाजनक समय

संबंधित पेज