“पूरी प्रक्रिया बहुत सरल थी। पंडित जी ने पूरी श्रद्धा से सत्यनारायण पूजा संपन्न की और हमें उसी दिन वीडियो प्रमाण मिल गया।”
प्रिया शर्मा
मुंबई• Satyanarayan Puja

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पंचक काल में मृत्यु होने पर विशेष शांति कर्म करने की परंपरा है। पंचक शांति पूजा के माध्यम से दिवंगत जीवात्मा की शांति, सद्गति एवं मोक्ष की मंगलकामना की जाती है तथा परिवार के सुख, शांति एवं कल्याण के लिए प्रार्थना की जाती है।
पिशाच मोचन कुंड, वाराणसी पितृ कर्म, श्राद्ध, तर्पण, पिंडदान एवं दिवंगत आत्माओं की शांति से संबंधित धार्मिक परंपराओं में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। यहाँ योग्य वैदिक आचार्यों के मार्गदर्शन में दिवंगत व्यक्ति के निमित्त संकल्प लेकर पंचक से संबंधित विशेष शांति कर्म सम्पन्न कराया जाता है।
पंचक शांति की विधि विभिन्न क्षेत्रों, परिवारों एवं कुल परंपराओं के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। इसलिए अनुष्ठान की विधि का निर्धारण योग्य वैदिक आचार्य के मार्गदर्शन में करना उचित माना जाता है।
Duration
2h – 4h
Best time
सुबह
Starting price
₹21,000
पंचक शांति पूजा पंचक काल में दिवंगत हुए व्यक्ति के प्रति श्रद्धा एवं पितृ धर्म के निर्वहन की भावना से किया जाने वाला विशेष धार्मिक अनुष्ठान है। धार्मिक परंपरा के अनुसार इस अवधि में मृत्यु होने पर दिवंगत जीवात्मा की शांति एवं सद्गति के लिए विशेष शांति कर्म किया जाता है।
काशी की धार्मिक परंपराओं में पितृ कर्म का विशेष महत्व माना जाता है। पिशाच मोचन कुंड में दिवंगत व्यक्ति के निमित्त संकल्प, तर्पण तथा अन्य आवश्यक धार्मिक विधियाँ सम्पन्न कर परिवार की ओर से शांति, सद्गति एवं मोक्ष की मंगलकामना की जाती है।
पंचक क्या होता है?
वैदिक ज्योतिषीय परंपरा के अनुसार जब चंद्रमा धनिष्ठा नक्षत्र के उत्तरार्ध, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद एवं रेवती नक्षत्रों में स्थित होता है, तब इस अवधि को सामान्यतः पंचक कहा जाता है।
धार्मिक परंपराओं में पंचक काल को विशेष रूप से विचारणीय माना गया है। यदि इस अवधि में किसी व्यक्ति का निधन हो, तो कुल परंपरा एवं धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पंचक शांति कर्म कराने की परंपरा है।
मुख्य देवता एवं धार्मिक महत्व
इस अनुष्ठान में कुल परंपरा एवं निर्धारित विधि के अनुसार भगवान शिव, भगवान विष्णु, पितृ देवताओं तथा अन्य संबंधित देवताओं का स्मरण एवं पूजन किया जा सकता है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान शिव की आराधना शांति एवं कल्याण की प्रार्थना से जुड़ी है, जबकि भगवान विष्णु की उपासना सद्गति एवं मोक्ष की मंगलकामना के लिए की जाती है। पितृ देवताओं का स्मरण दिवंगत व्यक्ति के प्रति श्रद्धा एवं कृतज्ञता की भावना को व्यक्त करता है।
पंचक शांति पूजा कब करानी चाहिए?
पंचक शांति पूजा कौन करा सकता है?
दिवंगत व्यक्ति के निकट पारिवारिक सदस्य सामान्यतः यजमान बन सकते हैं।
यजमान का निर्धारण परिवार की कुल परंपरा एवं योग्य वैदिक आचार्य के मार्गदर्शन के अनुसार किया जाना उचित है।
पंचक शांति पूजा के धार्मिक लाभ
आध्यात्मिक महत्व
पंचक शांति पूजा दिवंगत जीवात्मा के प्रति श्रद्धा, कृतज्ञता एवं पितृ धर्म की भावना से सम्पन्न किया जाने वाला अनुष्ठान है। इसका मुख्य उद्देश्य पंचक काल में दिवंगत व्यक्ति की शांति, सद्गति एवं मोक्ष की मंगलकामना करना तथा परिवार के लिए सुख, शांति एवं कल्याण की प्रार्थना करना है।
पिशाच मोचन कुंड, वाराणसी में यह धार्मिक अनुष्ठान यजमान के संकल्प एवं कुल परंपरा के अनुसार सम्पन्न कराया जाता है। काशी की पितृ कर्म परंपरा में इस प्रकार के अनुष्ठानों को श्रद्धा एवं धार्मिक कर्तव्य की भावना से सम्पन्न किया जाता है।
विशेष जानकारी
पंचक शांति पूजा दिवंगत जीवात्मा के प्रति श्रद्धा, कृतज्ञता एवं पितृ धर्म की भावना से किया जाने वाला एक विशेष धार्मिक एवं वैदिक अनुष्ठान है। इसका उद्देश्य पंचक काल में दिवंगत हुई आत्मा की शांति, सद्गति एवं मोक्ष की मंगलकामना करना तथा परिवार के सुख, शांति एवं कल्याण के लिए श्रद्धापूर्वक प्रार्थना करना है।

वाराणसी
पिशाच मोचन कुंड, वाराणसी का एक पवित्र तीर्थ स्थल है, जहाँ अकाल या असामान्य मृत्यु से पीड़ित आत्माओं की शांति हेतु अनुष्ठान किए जाते हैं।
यह स्थान प्रेत योनि, पितृ दोष और ब्रह्म दोष से मुक्ति के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ त्रिपिंडी श्राद्ध, नारायण बलि, पिंडदान और तर्पण जैसे प्रमुख अनुष्ठान संपन्न होते हैं।
निकट स्थित कपर्दीश्वर महादेव मंदिर इसकी आध्यात्मिक महत्ता को बढ़ाता है। कुंड के पास स्थित पीपल वृक्ष को असंतुष्ट आत्माओं की शांति का प्रतीक माना जाता है।
पितृपक्ष के दौरान हजारों श्रद्धालु यहाँ पूर्वजों की शांति और मोक्ष के लिए आते हैं।
पिशाच मोचन कुंड, वाराणसी में स्थित एक अत्यंत पवित्र तीर्थ स्थल है। यह स्थान प्रेत योनि, पितृ दोष, ब्राह्मण दोष तथा अकाल मृत्यु से मुक्ति के लिए विशेष रूप से प्रसिद्ध है।
काशी को मोक्ष की नगरी कहा जाता है, जहाँ भगवान शिव स्वयं आत्मा को तारक मंत्र देकर मुक्ति प्रदान करते हैं। किंतु जो व्यक्ति काशी के बाहर अकाल या असामयिक मृत्यु को प्राप्त होते हैं, उनकी आत्मा की शांति एवं उद्धार के लिए पिशाच मोचन कुंड का विशेष महत्व है।
इतिहास एवं पौराणिक कथा
काशी खंड एवं गरुड़ पुराण के अनुसार, पिशाच मोचन का प्राचीन नाम विमल तीर्थ या विमलोदक तीर्थ था। इसकी उत्पत्ति गंगा के पृथ्वी पर अवतरण से भी पूर्व मानी जाती है।
मान्यता है कि भगवान शिव के भक्त कपर्दी ने इस कुंड की स्थापना की। उनकी तपस्या से यहाँ कपर्दीश्वर महादेव प्रकट हुए।
कथा के अनुसार महर्षि वाल्मीकि के मार्गदर्शन में एक ब्राह्मण, जो अपने पूर्व कर्मों के कारण प्रेत योनि में था, इस कुंड में स्नान कर कपर्दीश्वर महादेव की पूजा करने से मुक्त हुआ। तभी से यह स्थल “पिशाच मोचन” कहलाया।
आध्यात्मिक महत्व
पवित्र पीपल वृक्ष
कुंड के समीप स्थित पीपल वृक्ष लोक-मान्यता के अनुसार असंतुष्ट आत्माओं की शांति से जुड़ा है। यहाँ प्रतीकात्मक रूप से सिक्के और कीलें लगाई जाती हैं। यद्यपि यह शास्त्रसम्मत परंपरा नहीं है, परंतु यह वर्षों से लोक-विश्वास का भाग रही है।
यहाँ किए जाने वाले प्रमुख अनुष्ठान
🔸 त्रिपिंडी श्राद्ध
सत्व, रज और तम – तीनों प्रकार की प्रेत योनियों से मुक्ति हेतु।
ब्रह्मा, विष्णु एवं शिव की पूजा तथा तिल, जौ और चावल के आटे से पिंडदान।
🔸 नारायण बलि
दुर्घटना, आत्महत्या या अकाल मृत्यु से ग्रस्त आत्माओं की शांति हेतु।
🔸 पिंडदान एवं तर्पण
तीन पीढ़ियों तक के पितरों की शांति और पितृ दोष निवारण के लिए।
पूजारी जी द्वारा उपलब्ध सेवाएँ
हम प्रत्येक अनुष्ठान को पूर्ण श्रद्धा, शुद्ध वैदिक विधि और पारदर्शिता के साथ संपन्न कराते हैं।
👉 पूजारी जी से पिशाच मोचन कुंड में अपनी सेवा बुक करें और पितरों को शांति एवं मोक्ष प्रदान करने का पुण्य लाभ प्राप्त करें।
पिशाच मोचन कुंड, वाराणसी का एक पवित्र तीर्थ स्थल है, जहाँ अकाल या असामान्य मृत्यु से पीड़ित आत्माओं की शांति हेतु अनुष्ठान किए जाते हैं।
यह स्थान प्रेत योनि, पितृ दोष और ब्रह्म दोष से मुक्ति के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ त्रिपिंडी श्राद्ध, नारायण बलि, पिंडदान और तर्पण जैसे प्रमुख अनुष्ठान संपन्न होते हैं।
निकट स्थित कपर्दीश्वर महादेव मंदिर इसकी आध्यात्मिक महत्ता को बढ़ाता है। कुंड के पास स्थित पीपल वृक्ष को असंतुष्ट आत्माओं की शांति का प्रतीक माना जाता है।
पितृपक्ष के दौरान हजारों श्रद्धालु यहाँ पूर्वजों की शांति और मोक्ष के लिए आते हैं।
पिशाच मोचन कुंड, वाराणसी में स्थित एक अत्यंत पवित्र तीर्थ स्थल है। यह स्थान प्रेत योनि, पितृ दोष, ब्राह्मण दोष तथा अकाल मृत्यु से मुक्ति के लिए विशेष रूप से प्रसिद्ध है।
काशी को मोक्ष की नगरी कहा जाता है, जहाँ भगवान शिव स्वयं आत्मा को तारक मंत्र देकर मुक्ति प्रदान करते हैं। किंतु जो व्यक्ति काशी के बाहर अकाल या असामयिक मृत्यु को प्राप्त होते हैं, उनकी आत्मा की शांति एवं उद्धार के लिए पिशाच मोचन कुंड का विशेष महत्व है।
इतिहास एवं पौराणिक कथा
काशी खंड एवं गरुड़ पुराण के अनुसार, पिशाच मोचन का प्राचीन नाम विमल तीर्थ या विमलोदक तीर्थ था। इसकी उत्पत्ति गंगा के पृथ्वी पर अवतरण से भी पूर्व मानी जाती है।
मान्यता है कि भगवान शिव के भक्त कपर्दी ने इस कुंड की स्थापना की। उनकी तपस्या से यहाँ कपर्दीश्वर महादेव प्रकट हुए।
कथा के अनुसार महर्षि वाल्मीकि के मार्गदर्शन में एक ब्राह्मण, जो अपने पूर्व कर्मों के कारण प्रेत योनि में था, इस कुंड में स्नान कर कपर्दीश्वर महादेव की पूजा करने से मुक्त हुआ। तभी से यह स्थल “पिशाच मोचन” कहलाया।
आध्यात्मिक महत्व
पवित्र पीपल वृक्ष
कुंड के समीप स्थित पीपल वृक्ष लोक-मान्यता के अनुसार असंतुष्ट आत्माओं की शांति से जुड़ा है। यहाँ प्रतीकात्मक रूप से सिक्के और कीलें लगाई जाती हैं। यद्यपि यह शास्त्रसम्मत परंपरा नहीं है, परंतु यह वर्षों से लोक-विश्वास का भाग रही है।
यहाँ किए जाने वाले प्रमुख अनुष्ठान
🔸 त्रिपिंडी श्राद्ध
सत्व, रज और तम – तीनों प्रकार की प्रेत योनियों से मुक्ति हेतु।
ब्रह्मा, विष्णु एवं शिव की पूजा तथा तिल, जौ और चावल के आटे से पिंडदान।
🔸 नारायण बलि
दुर्घटना, आत्महत्या या अकाल मृत्यु से ग्रस्त आत्माओं की शांति हेतु।
🔸 पिंडदान एवं तर्पण
तीन पीढ़ियों तक के पितरों की शांति और पितृ दोष निवारण के लिए।
पूजारी जी द्वारा उपलब्ध सेवाएँ
हम प्रत्येक अनुष्ठान को पूर्ण श्रद्धा, शुद्ध वैदिक विधि और पारदर्शिता के साथ संपन्न कराते हैं।
पूजारी जी से पिशाच मोचन कुंड में अपनी सेवा बुक करें और पितरों को शांति एवं मोक्ष प्रदान करने का पुण्य लाभ प्राप्त करें।
जो भक्त यात्रा नहीं कर पाते, उनके लिए हम तीर्थ पर उनके नाम और संकल्प से पूजा संपन्न कराते हैं और, जहाँ संभव हो, वीडियो व प्रसाद उन तक पहुँचाते हैं — पूरा अनुष्ठान, आपकी ओर से।
5 आचार्य + सभी पूजा सामग्री
पंचक शांति पूजा धार्मिक परंपरा के अनुसार पंचक काल में मृत्यु होने की स्थिति में दिवंगत जीवात्मा की शांति, सद्गति एवं मोक्ष की मंगलकामना के लिए किया जाने वाला विशेष वैदिक अनुष्ठान है। यह पूजा पवित्र पिशाचमोचन कुंड, वाराणसी में भगवान श्री विष्णु की आराधना एवं वैदिक विधि-विधान के साथ सम्पन्न कराई जाती है। इस अनुष्ठान में पंचक से संबंधित धार्मिक मान्यताओं के अनुसार विशेष शांति कर्म, देवता पूजन, मंत्र जाप, हवन, दान एवं प्रार्थना की जाती है। इसका उद्देश्य दिवंगत आत्मा के प्रति श्रद्धा एवं पितृ धर्म का निर्वहन करते हुए परिवार के सुख, शांति एवं कल्याण की मंगलकामना करना है। इस उन्नत पैकेज में 5 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा सम्पूर्ण शास्त्रोक्त अनुष्ठान सम्पन्न कराया जाता है।
पूजा में शामिल विधियां
विशेष सुविधाएं
आवश्यक जानकारी
पवित्र पिशाचमोचन कुंड, वाराणसी में सम्पन्न यह विशेष पंचक शांति अनुष्ठान दिवंगत जीवात्मा की शांति, सद्गति एवं मोक्ष की मंगलकामना तथा परिवार के सुख, शांति एवं कल्याण के लिए श्रद्धापूर्वक किया जाता है। वैदिक विधि, देवता पूजन, मंत्र जाप, हवन, दान एवं प्रार्थना के माध्यम से दिवंगत आत्मा के प्रति श्रद्धा एवं धार्मिक कर्तव्य के निर्वहन की मंगलकामना की जाती है।
2 वस्तुएँ शामिल
पंचक शांति पूजा के बारे में हमसे बात करें
WhatsAppभक्तों की प्रतिक्रिया
“पूरी प्रक्रिया बहुत सरल थी। पंडित जी ने पूरी श्रद्धा से सत्यनारायण पूजा संपन्न की और हमें उसी दिन वीडियो प्रमाण मिल गया।”
प्रिया शर्मा
मुंबई• Satyanarayan Puja
“विदेश में रहते हुए काशी में प्रामाणिक पूजा कराने को लेकर चिंतित था। पुजारीजी ने सब कुछ संभाला — सामग्री से लेकर संकल्प तक।”
राजेश गुप्ता
सैन फ्रांसिस्को, अमेरिका• Rudrabhishek
“अपने नए घर के लिए ग्रह शांति पूजा बुक की। पंडित जी बहुत ज्ञानी थे और हर चरण समझाया। वीडियो रिकॉर्डिंग बहुत अच्छी लगी।”
मीना अय्यर
बैंगलोर• Graha Shanti Puja
एक बार जानकारी दें। पुजारी, सामग्री, विधि-विधान और अपडेट — सब आपके लिए संभाला जाता है।
पूजा, तिथि और संकल्प की जानकारी दें।
जाँचे-परखे, आपकी पूजा के अनुसार।
हर वस्तु लाई जाती है — आपको कुछ नहीं जुटाना।
तीर्थ पर आपके नाम और संकल्प से।
संपन्न पूजा का आशीर्वादित प्रसाद और पूर्ण आशीर्वाद आपको।
ऊपर दिए गए पैकेज में से चुनें या पूछताछ करें, हमारी टीम आपकी तारीख और विवरणों की पुष्टि करेगी।