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Pujari Ji

पिंडदान

पिशाच मोचन कुंड, वाराणसी
  • प्रमाणित पुजारी
  • पूरी पूजा सामग्री
  • वैदिक विधि-विधान
  • मार्गदर्शन व सहायता
पिंडदान

पिशाच मोचन कुंड, वाराणसी में पिंडदान पूर्वजों के प्रति श्रद्धा, कृतज्ञता एवं धार्मिक कर्तव्य व्यक्त करने वाला महत्वपूर्ण पितृ कर्म है। काशी के इस प्राचीन तीर्थ में सम्पन्न पिंडदान को पितरों की तृप्ति, पितृ दोष की शांति, पारिवारिक सुख-शांति एवं आध्यात्मिक कल्याण की मंगलकामना के लिए विशेष महत्व दिया जाता है।

यह अनुष्ठान विशेष रूप से उन श्रद्धालुओं के लिए कराया जाता है जो अपने दिवंगत परिजनों के निमित्त पिशाच मोचन कुंड में पिंडदान एवं संबंधित पितृ कर्म सम्पन्न कराना चाहते हैं।

Duration

45 min – 2h

Best time

पूरा दिन

Starting price

₹5,100

लाभ

  • श्राद्ध पूजा पितरों की आत्मा की शांति एवं तृप्ति के लिए किया जाने वाला पवित्र वैदिक अनुष्ठान माना जाता है।
  • यह पितृ दोष एवं पितृ ऋण के अशुभ प्रभावों की शांति में सहायक मानी जाती है।
  • यह परिवार में सुख, शांति, समृद्धि एवं पारिवारिक सामंजस्य को बढ़ावा देने वाली मानी जाती है।
  • विवाह, संतान, स्वास्थ्य, करियर एवं आर्थिक उन्नति से जुड़ी बाधाओं के निवारण के लिए यह पूजा लाभकारी मानी जाती है।
  • श्राद्ध पूजा मानसिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा एवं आध्यात्मिक संतोष की प्राप्ति में सहायक होती है तथा पूर्वजों के प्रति श्रद्धा एवं कृतज्ञता व्यक्त करने का पवित्र माध्यम है।

पिंडदान

पिंडदान सनातन परंपरा में दिवंगत पूर्वजों के प्रति श्रद्धा एवं कृतज्ञता व्यक्त करने वाला महत्वपूर्ण पितृ कर्म है। धार्मिक मान्यता के अनुसार पिंड अर्पण एवं तर्पण के माध्यम से पितरों की तृप्ति, शांति एवं सद्गति की मंगलकामना की जाती है।

पिशाच मोचन कुंड, वाराणसी काशी के प्राचीन एवं पवित्र तीर्थों में से एक है, जिसका संबंध पितृ कर्म एवं पूर्वजों की शांति से माना जाता है। यहाँ श्रद्धापूर्वक सम्पन्न पिंडदान, तर्पण एवं अन्य पितृ कर्मों के माध्यम से दिवंगत पूर्वजों की शांति तथा परिवार के कल्याण की प्रार्थना की जाती है।

पिंडदान विशेष रूप से उन श्रद्धालुओं के लिए कराया जाता है जो अपने दिवंगत माता-पिता, दादा-दादी, नाना-नानी अथवा अन्य पूर्वजों के निमित्त पितृ कर्म करना चाहते हैं। पितृ पक्ष, वार्षिक श्राद्ध तिथि, अमावस्या अथवा परिवार की परंपरा एवं वैदिक आचार्य के मार्गदर्शन के अनुसार निर्धारित अवसरों पर यह अनुष्ठान सम्पन्न कराया जा सकता है।

पूजा का प्रारम्भ भगवान श्री गणेश के पूजन एवं संकल्प से किया जाता है। इसके पश्चात पितृ आवाहन, तर्पण, पिंड अर्पण, पिंड विसर्जन, वैदिक मंत्रोच्चार एवं पितृ शांति प्रार्थना सहित आवश्यक पितृ कर्म सम्पन्न किए जाते हैं। अनुष्ठान के अंत में पूर्वजों की सद्गति, परिवार के सुख-शांति एवं वंश की उन्नति की मंगलकामना की जाती है।

मुख्य देवता एवं धार्मिक महत्व

इस पितृ कर्म में मुख्य रूप से पितृ देवताओं का आवाहन एवं पूजन किया जाता है। साथ ही भगवान शिव, भगवान श्री विष्णु, भगवान गणेश एवं यम धर्मराज का स्मरण किया जाता है।

धार्मिक मान्यता के अनुसार पिशाच मोचन कुंड में श्रद्धापूर्वक सम्पन्न पिंडदान एवं तर्पण पितरों की तृप्ति, पितृ शांति एवं सद्गति की मंगलकामना के लिए विशेष महत्व रखता है। काशी की पावन भूमि में सम्पन्न यह पितृ कर्म परिवार एवं वंश के आध्यात्मिक कल्याण की प्रार्थना के साथ किया जाता है।

यह पिंडदान कब कराया जाता है?

  • पितृ पक्ष के दौरान।
  • दिवंगत व्यक्ति की वार्षिक श्राद्ध तिथि पर।
  • अमावस्या एवं महालय अमावस्या के अवसर पर।
  • परिवार की परंपरा के अनुसार निर्धारित तिथि पर।
  • पितृ दोष की शांति की मंगलकामना हेतु।
  • योग्य वैदिक आचार्य द्वारा निर्धारित शुभ अवसर पर।

किन परिस्थितियों में पिंडदान कराया जाता है?

  • दिवंगत माता-पिता एवं पूर्वजों के निमित्त पितृ कर्म करने के लिए।
  • पितरों की तृप्ति एवं सद्गति की मंगलकामना हेतु।
  • पितृ दोष की शांति की प्रार्थना के लिए।
  • परिवार में लगातार अशांति एवं कलह की स्थिति में।
  • संतान प्राप्ति से संबंधित बाधाओं की शांति की मंगलकामना हेतु।
  • विवाह एवं पारिवारिक जीवन में आने वाली बाधाओं के लिए।
  • आर्थिक उन्नति में रुकावटों की शांति की प्रार्थना हेतु।
  • पूर्वजों से संबंधित धार्मिक मान्यताओं के अनुसार उत्पन्न बाधाओं की शांति हेतु।

पिंडदान के लाभ

  • पितरों की तृप्ति एवं आत्मिक शांति की मंगलकामना की जाती है।
  • पितरों की सद्गति एवं आध्यात्मिक कल्याण की प्रार्थना की जाती है।
  • पितृ दोष के अशुभ प्रभावों की शांति की मंगलकामना की जाती है।
  • दिवंगत पूर्वजों के प्रति श्रद्धा एवं कृतज्ञता व्यक्त की जाती है।
  • परिवार में सुख, शांति एवं समृद्धि की मंगलकामना की जाती है।
  • संतान एवं वंश की उन्नति की प्रार्थना की जाती है।
  • पारिवारिक एवं जीवन की बाधाओं के निवारण की मंगलकामना की जाती है।
  • भगवान शिव एवं पितृ देवताओं की कृपा प्राप्त होने की प्रार्थना की जाती है।

आध्यात्मिक महत्व

पिंडदान केवल एक धार्मिक कर्मकांड नहीं, बल्कि अपने दिवंगत पूर्वजों को स्मरण करने एवं उनके प्रति श्रद्धा, कृतज्ञता और धार्मिक कर्तव्य निभाने की सनातन परंपरा है। पिंड अर्पण एवं तर्पण के माध्यम से व्यक्ति अपने पितृ ऋण के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करता है।

पिशाच मोचन कुंड, वाराणसी में वैदिक मंत्रों एवं शास्त्रोक्त विधि-विधान के साथ सम्पन्न पिंडदान पितरों की तृप्ति, सद्गति एवं पितृ शांति की मंगलकामना के लिए विशेष महत्व रखता है। इस अनुष्ठान के माध्यम से परिवार में सुख-शांति, वंश की उन्नति एवं आध्यात्मिक कल्याण की प्रार्थना की जाती है।

हमारे अनुभवी वैदिक आचार्य यजमान एवं दिवंगत पूर्वजों के संकल्प के अनुसार सम्पूर्ण पितृ कर्म शास्त्रोक्त विधि-विधान से सम्पन्न कराते हैं।

विशेष जानकारी

  • यह पूजा पिशाच मोचन कुंड, वाराणसी में अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा सम्पन्न कराई जाती है।
  • सम्पूर्ण अनुष्ठान शास्त्रोक्त वैदिक विधि-विधान के अनुसार सम्पन्न होता है।
  • पूजा हेतु आवश्यक समस्त सामग्री हमारी ओर से उपलब्ध कराया जाता है।
  • संकल्प यजमान के नाम एवं गोत्र के अनुसार कराया जाता है।
  • आवश्यकता अनुसार पिंडदान, तर्पण एवं अन्य पितृ कर्म भी सम्पन्न कराए जाते हैं।
  • यदि आप वाराणसी में उपस्थित नहीं हो सकते, तो आपके नाम एवं गोत्र से संकल्प लेकर पूजा सम्पन्न कराई जा सकती है।
  • ऑनलाइन पूजा की सुविधा उपलब्ध है।

पिशाच मोचन कुंड, वाराणसी में सम्पन्न यह पिंडदान अपने दिवंगत पूर्वजों की तृप्ति, सद्गति, पितृ शांति, पारिवारिक सुख-शांति एवं आध्यात्मिक कल्याण की मंगलकामना के साथ सनातन परंपरा के अनुसार किया जाने वाला पवित्र पितृ कर्म है।

पूजा स्थान — वाराणसी

पिशाच मोचन कुंड

पिशाच मोचन कुंड

वाराणसी

पिशाच मोचन कुंड, वाराणसी का एक पवित्र तीर्थ स्थल है, जहाँ अकाल या असामान्य मृत्यु से पीड़ित आत्माओं की शांति हेतु अनुष्ठान किए जाते हैं।

यह स्थान प्रेत योनि, पितृ दोष और ब्रह्म दोष से मुक्ति के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ त्रिपिंडी श्राद्ध, नारायण बलि, पिंडदान और तर्पण जैसे प्रमुख अनुष्ठान संपन्न होते हैं।

निकट स्थित कपर्दीश्वर महादेव मंदिर इसकी आध्यात्मिक महत्ता को बढ़ाता है। कुंड के पास स्थित पीपल वृक्ष को असंतुष्ट आत्माओं की शांति का प्रतीक माना जाता है।

पितृपक्ष के दौरान हजारों श्रद्धालु यहाँ पूर्वजों की शांति और मोक्ष के लिए आते हैं।

पिशाच मोचन कुंड, वाराणसी में स्थित एक अत्यंत पवित्र तीर्थ स्थल है। यह स्थान प्रेत योनि, पितृ दोष, ब्राह्मण दोष तथा अकाल मृत्यु से मुक्ति के लिए विशेष रूप से प्रसिद्ध है।

काशी को मोक्ष की नगरी कहा जाता है, जहाँ भगवान शिव स्वयं आत्मा को तारक मंत्र देकर मुक्ति प्रदान करते हैं। किंतु जो व्यक्ति काशी के बाहर अकाल या असामयिक मृत्यु को प्राप्त होते हैं, उनकी आत्मा की शांति एवं उद्धार के लिए पिशाच मोचन कुंड का विशेष महत्व है।

इतिहास एवं पौराणिक कथा

काशी खंड एवं गरुड़ पुराण के अनुसार, पिशाच मोचन का प्राचीन नाम विमल तीर्थ या विमलोदक तीर्थ था। इसकी उत्पत्ति गंगा के पृथ्वी पर अवतरण से भी पूर्व मानी जाती है।

मान्यता है कि भगवान शिव के भक्त कपर्दी ने इस कुंड की स्थापना की। उनकी तपस्या से यहाँ कपर्दीश्वर महादेव प्रकट हुए।

कथा के अनुसार महर्षि वाल्मीकि के मार्गदर्शन में एक ब्राह्मण, जो अपने पूर्व कर्मों के कारण प्रेत योनि में था, इस कुंड में स्नान कर कपर्दीश्वर महादेव की पूजा करने से मुक्त हुआ। तभी से यह स्थल “पिशाच मोचन” कहलाया।

आध्यात्मिक महत्व

  • गया के बाद यह पितृ कर्म के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान माना जाता है।
  • यहाँ त्रिपिंडी श्राद्ध विधिपूर्वक संपन्न किया जाता है।
  • पितृ पक्ष के दौरान हजारों श्रद्धालु यहाँ श्राद्ध, तर्पण एवं विशेष अनुष्ठान करते हैं।

पवित्र पीपल वृक्ष

कुंड के समीप स्थित पीपल वृक्ष लोक-मान्यता के अनुसार असंतुष्ट आत्माओं की शांति से जुड़ा है। यहाँ प्रतीकात्मक रूप से सिक्के और कीलें लगाई जाती हैं। यद्यपि यह शास्त्रसम्मत परंपरा नहीं है, परंतु यह वर्षों से लोक-विश्वास का भाग रही है।

यहाँ किए जाने वाले प्रमुख अनुष्ठान

🔸 त्रिपिंडी श्राद्ध

सत्व, रज और तम – तीनों प्रकार की प्रेत योनियों से मुक्ति हेतु।

ब्रह्मा, विष्णु एवं शिव की पूजा तथा तिल, जौ और चावल के आटे से पिंडदान।

🔸 नारायण बलि

दुर्घटना, आत्महत्या या अकाल मृत्यु से ग्रस्त आत्माओं की शांति हेतु।

🔸 पिंडदान एवं तर्पण

तीन पीढ़ियों तक के पितरों की शांति और पितृ दोष निवारण के लिए।

पूजारी जी द्वारा उपलब्ध सेवाएँ

  • पूर्ण त्रिपिंडी श्राद्ध व्यवस्था
  • नारायण बलि विशेष अनुष्ठान
  • विधिपूर्वक पिंडदान एवं तर्पण
  • नाम, गोत्र एवं कुल अनुसार व्यक्तिगत संकल्प
  • अनुभवी एवं शास्त्र-प्रमाणित स्थानीय पंडित
  • संपूर्ण पूजा सामग्री (तिल, जौ, चावल, वस्त्र, कलश, हवन सामग्री आदि)
  • ब्राह्मण भोजन एवं दक्षिणा व्यवस्था
  • ऑन-साइट एवं ऑनलाइन बुकिंग सुविधा
  • विदेश से श्रद्धालुओं हेतु लाइव वीडियो विकल्प

हम प्रत्येक अनुष्ठान को पूर्ण श्रद्धा, शुद्ध वैदिक विधि और पारदर्शिता के साथ संपन्न कराते हैं।

👉 पूजारी जी से पिशाच मोचन कुंड में अपनी सेवा बुक करें और पितरों को शांति एवं मोक्ष प्रदान करने का पुण्य लाभ प्राप्त करें।

पिशाच मोचन कुंड, वाराणसी का एक पवित्र तीर्थ स्थल है, जहाँ अकाल या असामान्य मृत्यु से पीड़ित आत्माओं की शांति हेतु अनुष्ठान किए जाते हैं।

यह स्थान प्रेत योनि, पितृ दोष और ब्रह्म दोष से मुक्ति के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ त्रिपिंडी श्राद्ध, नारायण बलि, पिंडदान और तर्पण जैसे प्रमुख अनुष्ठान संपन्न होते हैं।

निकट स्थित कपर्दीश्वर महादेव मंदिर इसकी आध्यात्मिक महत्ता को बढ़ाता है। कुंड के पास स्थित पीपल वृक्ष को असंतुष्ट आत्माओं की शांति का प्रतीक माना जाता है।

पितृपक्ष के दौरान हजारों श्रद्धालु यहाँ पूर्वजों की शांति और मोक्ष के लिए आते हैं।

पिशाच मोचन कुंड, वाराणसी में स्थित एक अत्यंत पवित्र तीर्थ स्थल है। यह स्थान प्रेत योनि, पितृ दोष, ब्राह्मण दोष तथा अकाल मृत्यु से मुक्ति के लिए विशेष रूप से प्रसिद्ध है।

काशी को मोक्ष की नगरी कहा जाता है, जहाँ भगवान शिव स्वयं आत्मा को तारक मंत्र देकर मुक्ति प्रदान करते हैं। किंतु जो व्यक्ति काशी के बाहर अकाल या असामयिक मृत्यु को प्राप्त होते हैं, उनकी आत्मा की शांति एवं उद्धार के लिए पिशाच मोचन कुंड का विशेष महत्व है।

इतिहास एवं पौराणिक कथा

काशी खंड एवं गरुड़ पुराण के अनुसार, पिशाच मोचन का प्राचीन नाम विमल तीर्थ या विमलोदक तीर्थ था। इसकी उत्पत्ति गंगा के पृथ्वी पर अवतरण से भी पूर्व मानी जाती है।

मान्यता है कि भगवान शिव के भक्त कपर्दी ने इस कुंड की स्थापना की। उनकी तपस्या से यहाँ कपर्दीश्वर महादेव प्रकट हुए।

कथा के अनुसार महर्षि वाल्मीकि के मार्गदर्शन में एक ब्राह्मण, जो अपने पूर्व कर्मों के कारण प्रेत योनि में था, इस कुंड में स्नान कर कपर्दीश्वर महादेव की पूजा करने से मुक्त हुआ। तभी से यह स्थल “पिशाच मोचन” कहलाया।

आध्यात्मिक महत्व

  • गया के बाद यह पितृ कर्म के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान माना जाता है।
  • यहाँ त्रिपिंडी श्राद्ध विधिपूर्वक संपन्न किया जाता है।
  • पितृ पक्ष के दौरान हजारों श्रद्धालु यहाँ श्राद्ध, तर्पण एवं विशेष अनुष्ठान करते हैं।

पवित्र पीपल वृक्ष

कुंड के समीप स्थित पीपल वृक्ष लोक-मान्यता के अनुसार असंतुष्ट आत्माओं की शांति से जुड़ा है। यहाँ प्रतीकात्मक रूप से सिक्के और कीलें लगाई जाती हैं। यद्यपि यह शास्त्रसम्मत परंपरा नहीं है, परंतु यह वर्षों से लोक-विश्वास का भाग रही है।

यहाँ किए जाने वाले प्रमुख अनुष्ठान

🔸 त्रिपिंडी श्राद्ध

सत्व, रज और तम – तीनों प्रकार की प्रेत योनियों से मुक्ति हेतु।

ब्रह्मा, विष्णु एवं शिव की पूजा तथा तिल, जौ और चावल के आटे से पिंडदान।

🔸 नारायण बलि

दुर्घटना, आत्महत्या या अकाल मृत्यु से ग्रस्त आत्माओं की शांति हेतु।

🔸 पिंडदान एवं तर्पण

तीन पीढ़ियों तक के पितरों की शांति और पितृ दोष निवारण के लिए।

पूजारी जी द्वारा उपलब्ध सेवाएँ

  • पूर्ण त्रिपिंडी श्राद्ध व्यवस्था
  • नारायण बलि विशेष अनुष्ठान
  • विधिपूर्वक पिंडदान एवं तर्पण
  • नाम, गोत्र एवं कुल अनुसार व्यक्तिगत संकल्प
  • अनुभवी एवं शास्त्र-प्रमाणित स्थानीय पंडित
  • संपूर्ण पूजा सामग्री (तिल, जौ, चावल, वस्त्र, कलश, हवन सामग्री आदि)
  • ब्राह्मण भोजन एवं दक्षिणा व्यवस्था
  • ऑन-साइट एवं ऑनलाइन बुकिंग सुविधा
  • विदेश से श्रद्धालुओं हेतु लाइव वीडियो विकल्प

हम प्रत्येक अनुष्ठान को पूर्ण श्रद्धा, शुद्ध वैदिक विधि और पारदर्शिता के साथ संपन्न कराते हैं।

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  • उन्नत

    1 आचार्य + सभी पूजा सामग्री

    45 min

    यह पवित्र वैदिक अनुष्ठान पिशाच मोचन कुंड, वाराणसी में पूर्ण शास्त्रोक्त विधि-विधान से अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा सम्पन्न कराया जाता है। सनातन धर्म में पिशाच मोचन कुंड को श्राद्ध पूजा, पितृ तर्पण, पितृ दोष निवारण एवं पितरों की सद्गति के लिए अत्यंत पवित्र एवं सिद्ध तीर्थ माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान शिव की पावन नगरी काशी में स्थित इस दिव्य तीर्थ पर सम्पन्न श्राद्ध पूजा पितरों की आत्मा की शांति, सद्गति, पितृ दोष की शांति, पूर्वजों के आशीर्वाद, पारिवारिक सुख-समृद्धि एवं आध्यात्मिक उन्नति के लिए विशेष फलदायी मानी जाती है।

    इस उन्नत पैकेज में 1 अनुभवी वैदिक आचार्य द्वारा लगभग 45 मिनट से 2 घंटे तक पूर्ण वैदिक विधि-विधान के अनुसार श्राद्ध पूजा सम्पन्न कराई जाती है।

    पूजा में शामिल प्रमुख अनुष्ठान

    • संकल्प
    • पितृदेव आवाहन
    • तर्पण
    • श्राद्ध पूजा
    • पिंडदान
    • आशीर्वाद

    विशेष सुविधाएं

    • पवित्र पिशाच मोचन कुंड, वाराणसी में सम्पूर्ण शास्त्रोक्त विधि-विधान से श्राद्ध पूजा सम्पन्न कराई जाएगी।
    • अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा यजमान के नाम, गोत्र एवं संकल्प के अनुसार सम्पूर्ण अनुष्ठान सम्पन्न कराया जाएगा।
    • पूजा की सम्पूर्ण व्यवस्था हमारी टीम द्वारा की जाएगी।
    • समय-समय पर पूजा की जानकारी एवं आवश्यक अपडेट्स प्रदान किए जाएंगे।

    आवश्यक जानकारी

    • संकल्प के लिए यजमान का नाम एवं गोत्र (यदि ज्ञात हो) आवश्यक होगा।
    • पितरों का नाम (यदि ज्ञात हो) उपलब्ध कराएँ।
    • मृत्यु तिथि (यदि उपलब्ध हो) साझा करें।
    • यदि आप स्वयं उपस्थित होंगे, तो निर्धारित समय पर पिशाच मोचन कुंड, वाराणसी पहुँचें।
    • पूजा के समय स्वच्छ एवं पारंपरिक वस्त्र धारण करना तथा श्रद्धा एवं सात्विक भाव बनाए रखना शुभ माना जाता है।

    पिशाच मोचन कुंड, वाराणसी में सम्पन्न यह श्राद्ध पूजा पितरों की आत्मा की शांति, सद्गति, पितृ दोष निवारण, पूर्वजों के आशीर्वाद, पारिवारिक सुख-समृद्धि तथा जीवन में सकारात्मक ऊर्जा की प्राप्ति हेतु अत्यंत पवित्र एवं पुण्यदायी वैदिक अनुष्ठान माना जाता है। भगवान शिव की कृपा से यह अनुष्ठान पितृ ऋण से मुक्ति एवं आध्यात्मिक कल्याण की दिशा में विशेष महत्व रखता है।

    सभी पूजा सामग्रीदक्षिणा
    ₹5,100₹7,10028% off

    2 वस्तुएँ शामिल

  • श्रेष्ठ

    2 आचार्य + सभी पूजा सामग्री

    2h

    यह विशेष वैदिक अनुष्ठान पिशाच मोचन कुंड, वाराणसी में पूर्ण शास्त्रोक्त विधि-विधान से अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा सम्पन्न कराया जाता है। सनातन धर्म में पिशाच मोचन कुंड को श्राद्ध पूजा, पितृ तर्पण, पितृ दोष निवारण एवं पितरों की सद्गति के लिए अत्यंत पवित्र एवं सिद्ध तीर्थ माना जाता है। यह विशेष श्राद्ध पूजा पितरों की आत्मा की शांति, पितृ दोष निवारण, पारिवारिक बाधाओं के निवारण, संतान सुख, मानसिक शांति, समृद्धि एवं पूर्वजों के दिव्य आशीर्वाद की प्राप्ति के लिए विशेष रूप से की जाती है। भगवान शिव की पावन नगरी काशी में सम्पन्न यह अनुष्ठान अत्यंत पुण्यदायी एवं फलदायी माना जाता है।

    इस श्रेष्ठ पैकेज में 2 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा लगभग 45 मिनट से 2 घंटे तक विस्तृत वैदिक विधि-विधान के साथ सम्पूर्ण श्राद्ध पूजा सम्पन्न कराई जाती है।

    पूजा में शामिल प्रमुख अनुष्ठान

    • संकल्प
    • पितृदेव आवाहन
    • तर्पण
    • विस्तृत श्राद्ध पूजा
    • पिंडदान
    • पितृ सूक्त पाठ एवं वैदिक मंत्रोच्चार
    • आशीर्वाद

    विशेष सुविधाएं

    • पवित्र पिशाच मोचन कुंड, वाराणसी में 2 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा सम्पूर्ण शास्त्रोक्त विधि-विधान से श्राद्ध पूजा सम्पन्न कराई जाएगी।
    • यजमान के नाम, गोत्र एवं संकल्प के अनुसार सम्पूर्ण वैदिक अनुष्ठान सम्पन्न कराया जाएगा।
    • पूजा की सम्पूर्ण व्यवस्था हमारी टीम द्वारा की जाएगी।
    • समय-समय पर पूजा की जानकारी एवं आवश्यक अपडेट्स प्रदान किए जाएंगे।

    आवश्यक जानकारी

    • संकल्प के लिए यजमान का नाम एवं गोत्र (यदि ज्ञात हो) आवश्यक होगा।
    • पितरों का नाम (यदि ज्ञात हो) उपलब्ध कराएँ।
    • मृत्यु तिथि (यदि उपलब्ध हो) साझा करें।
    • यदि आप स्वयं उपस्थित होंगे, तो निर्धारित समय पर पिशाच मोचन कुंड, वाराणसी पहुँचें।
    • पूजा के समय स्वच्छ एवं पारंपरिक वस्त्र धारण करना तथा श्रद्धा एवं सात्विक भाव बनाए रखना शुभ माना जाता है।

    पिशाच मोचन कुंड, वाराणसी में सम्पन्न यह श्रेष्ठ श्राद्ध पूजा पितरों की आत्मा की शांति, सद्गति, पितृ दोष निवारण, पारिवारिक सुख-समृद्धि, संतान सुख, मानसिक शांति एवं जीवन में सकारात्मक ऊर्जा की प्राप्ति हेतु अत्यंत पवित्र एवं पुण्यदायी वैदिक अनुष्ठान माना जाता है। भगवान शिव की कृपा से यह अनुष्ठान पूर्वजों के दिव्य आशीर्वाद एवं आध्यात्मिक कल्याण की प्राप्ति का श्रेष्ठ माध्यम माना जाता है।

    सभी पूजा सामग्रीदक्षिणा
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    2 वस्तुएँ शामिल

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भक्तों की प्रतिक्रिया

भक्तों का अनुभव

“पूरी प्रक्रिया बहुत सरल थी। पंडित जी ने पूरी श्रद्धा से सत्यनारायण पूजा संपन्न की और हमें उसी दिन वीडियो प्रमाण मिल गया।”

प्रिया शर्मा

मुंबई• Satyanarayan Puja

“विदेश में रहते हुए काशी में प्रामाणिक पूजा कराने को लेकर चिंतित था। पुजारीजी ने सब कुछ संभाला — सामग्री से लेकर संकल्प तक।”

राजेश गुप्ता

सैन फ्रांसिस्को, अमेरिका• Rudrabhishek

“अपने नए घर के लिए ग्रह शांति पूजा बुक की। पंडित जी बहुत ज्ञानी थे और हर चरण समझाया। वीडियो रिकॉर्डिंग बहुत अच्छी लगी।”

मीना अय्यर

बैंगलोर• Graha Shanti Puja

सामान्य पूछे जाने वाले प्रश्न

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कैसे काम करता है

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    तीर्थ पर आपके नाम और संकल्प से।

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    संपन्न पूजा का आशीर्वादित प्रसाद और पूर्ण आशीर्वाद आपको।

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