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Pujari Ji

पितृ गायत्री मंत्र जाप

पिशाच मोचन कुंड, वाराणसी
  • प्रमाणित पुजारी
  • पूरी पूजा सामग्री
  • वैदिक विधि-विधान
  • मार्गदर्शन व सहायता
पितृ गायत्री मंत्र जाप

पितृ गायत्री मंत्र जाप पितृ देवताओं के प्रति श्रद्धा, कृतज्ञता एवं धार्मिक कर्तव्य की भावना से किया जाने वाला विशेष वैदिक अनुष्ठान है। धार्मिक मान्यता के अनुसार पितरों की शांति एवं तृप्ति के लिए किए गए मंत्र जाप, तर्पण एवं अन्य वैदिक कर्मों के माध्यम से उनके प्रति श्रद्धा अर्पित की जाती है तथा परिवार के सुख, शांति एवं कल्याण की मंगलकामना की जाती है।

वाराणसी का पिशाचमोचन कुंड पितृ कर्म, तर्पण एवं प्रेत शांति से जुड़े प्राचीन तीर्थों में माना जाता है। यहाँ श्रद्धापूर्वक पितृ गायत्री मंत्र जाप एवं संबंधित धार्मिक अनुष्ठान सम्पन्न कराकर पितरों की सद्गति तथा परिवार पर उनके शुभ आशीर्वाद की प्रार्थना की जाती है।

Duration

3h – 4h

Best time

सुबह

Starting price

₹11,000

लाभ

  • पितृ दोष की शांति तथा परिवार के कल्याण एवं शुभता की मंगलकामना की जाती है।
  • पितरों की सद्गति, शांति एवं आशीर्वाद की प्राप्ति के लिए श्रद्धापूर्वक प्रार्थना की जाती है।
  • परिवार में सुख, शांति, समृद्धि एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण के संचार की मंगलकामना की जाती है।
  • संतान, विवाह एवं करियर से संबंधित बाधाओं में राहत तथा अनुकूल परिस्थितियों की प्राप्ति के लिए प्रार्थना की जाती है।
  • मानसिक तनाव, भय एवं नकारात्मक ऊर्जा के प्रभाव को कम करने तथा मानसिक शांति की प्राप्ति की कामना की जाती है।
  • जीवन में शुभता, सकारात्मकता, आंतरिक शांति एवं आध्यात्मिक उन्नति की प्राप्ति के लिए प्रार्थना की जाती है।

पितृ गायत्री मंत्र जाप

पितृ गायत्री मंत्र जाप पितृ दोष एवं पितृ संबंधी धार्मिक मान्यताओं के अंतर्गत किया जाने वाला एक विशेष अनुष्ठान है। जन्मकुंडली में पितृ दोष के योग होने अथवा परिवार में लगातार बाधाओं का अनुभव होने पर श्रद्धालु पितृ शांति के लिए इस प्रकार के वैदिक अनुष्ठान कराते हैं।

धार्मिक मान्यता के अनुसार पितृ शांति के लिए किए गए तर्पण, मंत्र जाप, पिंड अर्पण तथा हवन के माध्यम से पूर्वजों के प्रति श्रद्धा एवं कृतज्ञता व्यक्त की जाती है। पिशाचमोचन कुंड, वाराणसी में इस अनुष्ठान का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है।

अनुष्ठान का प्रारम्भ भगवान गणेश के पूजन एवं संकल्प से किया जाता है। इसके पश्चात पितृ आवाहन, भगवान विष्णु का पूजन, पितृ गायत्री मंत्र जाप, तर्पण, आवश्यकतानुसार पिंड अर्पण, वैदिक हवन एवं पूर्णाहुति सम्पन्न की जाती है।

मुख्य देवता एवं धार्मिक महत्व

  • भगवान विष्णु
  • पितृ देवता

पिशाचमोचन कुंड को वाराणसी के प्रमुख पितृ तीर्थों में माना जाता है। धार्मिक परंपरा में यहाँ पितृ कर्म, तर्पण एवं शांति अनुष्ठान करने का विशेष महत्व बताया गया है। पितृ गायत्री मंत्र जाप के माध्यम से पूर्वजों की शांति, सद्गति एवं परिवार के कल्याण की मंगलकामना की जाती है।

शुभ मुहूर्त / पितृ गायत्री मंत्र जाप कब कराना चाहिए?

  • अमावस्या के दिन
  • पितृ पक्ष के दौरान
  • महालय के अवसर पर
  • सर्वपितृ अमावस्या के दिन
  • जन्मकुंडली में पितृ दोष के योग होने पर
  • परिवार में पितृ संबंधी धार्मिक शांति की आवश्यकता अनुभव होने पर
  • योग्य आचार्य के परामर्शानुसार निर्धारित शुभ समय में

किन परिस्थितियों में यह अनुष्ठान कराया जाता है?

  • जन्मकुंडली में पितृ दोष के योग होने पर
  • परिवार में लगातार बाधाओं एवं अशांति की स्थिति में
  • संतान संबंधी बाधाओं की शांति की मंगलकामना हेतु
  • विवाह में आने वाली रुकावटों की शांति के लिए
  • कार्य एवं आर्थिक जीवन में बार-बार आने वाली बाधाओं के समय
  • परिवार में मानसिक शांति एवं सुख-समृद्धि की मंगलकामना हेतु
  • पितरों की सद्गति एवं शांति के लिए

मुख्य मंत्र

पितृ गायत्री मंत्रः

ॐ देवताभ्यः पितृभ्यश्च महायोगिभ्य एव च।

नमः स्वधायै स्वाहायै नित्यमेव नमो नमः ॥

पितृ गायत्री मंत्र जाप के लाभ

  • पितृ दोष की शांति की मंगलकामना की जाती है।
  • पितरों की सद्गति एवं शांति के लिए प्रार्थना की जाती है।
  • पितृ देवताओं के आशीर्वाद की मंगलकामना की जाती है।
  • परिवार में सुख, शांति एवं समृद्धि की प्रार्थना की जाती है।
  • संतान, विवाह एवं कार्यक्षेत्र से संबंधित बाधाओं के शमन की कामना की जाती है।
  • मानसिक शांति एवं सकारात्मक वातावरण के लिए प्रार्थना की जाती है।
  • परिवार के आध्यात्मिक कल्याण एवं मंगल की कामना की जाती है।

आध्यात्मिक महत्व

पितृ गायत्री मंत्र जाप पूर्वजों के प्रति श्रद्धा, कृतज्ञता एवं स्मरण की धार्मिक परंपरा से जुड़ा हुआ है। पिशाचमोचन कुंड में इस अनुष्ठान के माध्यम से पितरों का आवाहन, तर्पण एवं मंत्र जाप किया जाता है और उनकी शांति एवं सद्गति की प्रार्थना की जाती है।

अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा संकल्प, पितृ पूजन, मंत्र जाप, तर्पण, हवन एवं पूर्णाहुति सहित सम्पूर्ण अनुष्ठान शास्त्रोक्त विधि से सम्पन्न कराया जाता है।

विशेष जानकारी

  • पिशाचमोचन कुंड, वाराणसी में अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा अनुष्ठान सम्पन्न कराया जाता है।
  • श्रद्धालु के नाम, गोत्र एवं पितरों के संकल्प के साथ पूजा सम्पन्न की जाती है।
  • आवश्यक पूजन सामग्री की व्यवस्था की जाती है।
  • ऑनलाइन सहभागिता की सुविधा उपलब्ध है।
  • अनुष्ठान की विधि जन्मकुंडली एवं पारिवारिक धार्मिक आवश्यकता के अनुसार निर्धारित की जा सकती है।

पिशाचमोचन कुंड, वाराणसी में सम्पन्न यह पितृ गायत्री मंत्र जाप पितृ दोष की शांति, पितरों की तृप्ति एवं सद्गति, परिवार के सुख, शांति एवं समृद्धि तथा आध्यात्मिक कल्याण की मंगलकामना हेतु अत्यंत पवित्र एवं प्रभावशाली वैदिक अनुष्ठान माना जाता है।

पूजा स्थानवाराणसी

पिशाच मोचन कुंड

पिशाच मोचन कुंड

वाराणसी

पिशाच मोचन कुंड, वाराणसी का एक पवित्र तीर्थ स्थल है, जहाँ अकाल या असामान्य मृत्यु से पीड़ित आत्माओं की शांति हेतु अनुष्ठान किए जाते हैं।

यह स्थान प्रेत योनि, पितृ दोष और ब्रह्म दोष से मुक्ति के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ त्रिपिंडी श्राद्ध, नारायण बलि, पिंडदान और तर्पण जैसे प्रमुख अनुष्ठान संपन्न होते हैं।

निकट स्थित कपर्दीश्वर महादेव मंदिर इसकी आध्यात्मिक महत्ता को बढ़ाता है। कुंड के पास स्थित पीपल वृक्ष को असंतुष्ट आत्माओं की शांति का प्रतीक माना जाता है।

पितृपक्ष के दौरान हजारों श्रद्धालु यहाँ पूर्वजों की शांति और मोक्ष के लिए आते हैं।

पिशाच मोचन कुंड, वाराणसी में स्थित एक अत्यंत पवित्र तीर्थ स्थल है। यह स्थान प्रेत योनि, पितृ दोष, ब्राह्मण दोष तथा अकाल मृत्यु से मुक्ति के लिए विशेष रूप से प्रसिद्ध है।

काशी को मोक्ष की नगरी कहा जाता है, जहाँ भगवान शिव स्वयं आत्मा को तारक मंत्र देकर मुक्ति प्रदान करते हैं। किंतु जो व्यक्ति काशी के बाहर अकाल या असामयिक मृत्यु को प्राप्त होते हैं, उनकी आत्मा की शांति एवं उद्धार के लिए पिशाच मोचन कुंड का विशेष महत्व है।

इतिहास एवं पौराणिक कथा

काशी खंड एवं गरुड़ पुराण के अनुसार, पिशाच मोचन का प्राचीन नाम विमल तीर्थ या विमलोदक तीर्थ था। इसकी उत्पत्ति गंगा के पृथ्वी पर अवतरण से भी पूर्व मानी जाती है।

मान्यता है कि भगवान शिव के भक्त कपर्दी ने इस कुंड की स्थापना की। उनकी तपस्या से यहाँ कपर्दीश्वर महादेव प्रकट हुए।

कथा के अनुसार महर्षि वाल्मीकि के मार्गदर्शन में एक ब्राह्मण, जो अपने पूर्व कर्मों के कारण प्रेत योनि में था, इस कुंड में स्नान कर कपर्दीश्वर महादेव की पूजा करने से मुक्त हुआ। तभी से यह स्थल “पिशाच मोचन” कहलाया।

आध्यात्मिक महत्व

  • गया के बाद यह पितृ कर्म के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान माना जाता है।
  • यहाँ त्रिपिंडी श्राद्ध विधिपूर्वक संपन्न किया जाता है।
  • पितृ पक्ष के दौरान हजारों श्रद्धालु यहाँ श्राद्ध, तर्पण एवं विशेष अनुष्ठान करते हैं।

पवित्र पीपल वृक्ष

कुंड के समीप स्थित पीपल वृक्ष लोक-मान्यता के अनुसार असंतुष्ट आत्माओं की शांति से जुड़ा है। यहाँ प्रतीकात्मक रूप से सिक्के और कीलें लगाई जाती हैं। यद्यपि यह शास्त्रसम्मत परंपरा नहीं है, परंतु यह वर्षों से लोक-विश्वास का भाग रही है।

यहाँ किए जाने वाले प्रमुख अनुष्ठान

🔸 त्रिपिंडी श्राद्ध

सत्व, रज और तम – तीनों प्रकार की प्रेत योनियों से मुक्ति हेतु।

ब्रह्मा, विष्णु एवं शिव की पूजा तथा तिल, जौ और चावल के आटे से पिंडदान।

🔸 नारायण बलि

दुर्घटना, आत्महत्या या अकाल मृत्यु से ग्रस्त आत्माओं की शांति हेतु।

🔸 पिंडदान एवं तर्पण

तीन पीढ़ियों तक के पितरों की शांति और पितृ दोष निवारण के लिए।

पूजारी जी द्वारा उपलब्ध सेवाएँ

  • पूर्ण त्रिपिंडी श्राद्ध व्यवस्था
  • नारायण बलि विशेष अनुष्ठान
  • विधिपूर्वक पिंडदान एवं तर्पण
  • नाम, गोत्र एवं कुल अनुसार व्यक्तिगत संकल्प
  • अनुभवी एवं शास्त्र-प्रमाणित स्थानीय पंडित
  • संपूर्ण पूजा सामग्री (तिल, जौ, चावल, वस्त्र, कलश, हवन सामग्री आदि)
  • ब्राह्मण भोजन एवं दक्षिणा व्यवस्था
  • ऑन-साइट एवं ऑनलाइन बुकिंग सुविधा
  • विदेश से श्रद्धालुओं हेतु लाइव वीडियो विकल्प

हम प्रत्येक अनुष्ठान को पूर्ण श्रद्धा, शुद्ध वैदिक विधि और पारदर्शिता के साथ संपन्न कराते हैं।

👉 पूजारी जी से पिशाच मोचन कुंड में अपनी सेवा बुक करें और पितरों को शांति एवं मोक्ष प्रदान करने का पुण्य लाभ प्राप्त करें।

पिशाच मोचन कुंड, वाराणसी का एक पवित्र तीर्थ स्थल है, जहाँ अकाल या असामान्य मृत्यु से पीड़ित आत्माओं की शांति हेतु अनुष्ठान किए जाते हैं।

यह स्थान प्रेत योनि, पितृ दोष और ब्रह्म दोष से मुक्ति के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ त्रिपिंडी श्राद्ध, नारायण बलि, पिंडदान और तर्पण जैसे प्रमुख अनुष्ठान संपन्न होते हैं।

निकट स्थित कपर्दीश्वर महादेव मंदिर इसकी आध्यात्मिक महत्ता को बढ़ाता है। कुंड के पास स्थित पीपल वृक्ष को असंतुष्ट आत्माओं की शांति का प्रतीक माना जाता है।

पितृपक्ष के दौरान हजारों श्रद्धालु यहाँ पूर्वजों की शांति और मोक्ष के लिए आते हैं।

पिशाच मोचन कुंड, वाराणसी में स्थित एक अत्यंत पवित्र तीर्थ स्थल है। यह स्थान प्रेत योनि, पितृ दोष, ब्राह्मण दोष तथा अकाल मृत्यु से मुक्ति के लिए विशेष रूप से प्रसिद्ध है।

काशी को मोक्ष की नगरी कहा जाता है, जहाँ भगवान शिव स्वयं आत्मा को तारक मंत्र देकर मुक्ति प्रदान करते हैं। किंतु जो व्यक्ति काशी के बाहर अकाल या असामयिक मृत्यु को प्राप्त होते हैं, उनकी आत्मा की शांति एवं उद्धार के लिए पिशाच मोचन कुंड का विशेष महत्व है।

इतिहास एवं पौराणिक कथा

काशी खंड एवं गरुड़ पुराण के अनुसार, पिशाच मोचन का प्राचीन नाम विमल तीर्थ या विमलोदक तीर्थ था। इसकी उत्पत्ति गंगा के पृथ्वी पर अवतरण से भी पूर्व मानी जाती है।

मान्यता है कि भगवान शिव के भक्त कपर्दी ने इस कुंड की स्थापना की। उनकी तपस्या से यहाँ कपर्दीश्वर महादेव प्रकट हुए।

कथा के अनुसार महर्षि वाल्मीकि के मार्गदर्शन में एक ब्राह्मण, जो अपने पूर्व कर्मों के कारण प्रेत योनि में था, इस कुंड में स्नान कर कपर्दीश्वर महादेव की पूजा करने से मुक्त हुआ। तभी से यह स्थल “पिशाच मोचन” कहलाया।

आध्यात्मिक महत्व

  • गया के बाद यह पितृ कर्म के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान माना जाता है।
  • यहाँ त्रिपिंडी श्राद्ध विधिपूर्वक संपन्न किया जाता है।
  • पितृ पक्ष के दौरान हजारों श्रद्धालु यहाँ श्राद्ध, तर्पण एवं विशेष अनुष्ठान करते हैं।

पवित्र पीपल वृक्ष

कुंड के समीप स्थित पीपल वृक्ष लोक-मान्यता के अनुसार असंतुष्ट आत्माओं की शांति से जुड़ा है। यहाँ प्रतीकात्मक रूप से सिक्के और कीलें लगाई जाती हैं। यद्यपि यह शास्त्रसम्मत परंपरा नहीं है, परंतु यह वर्षों से लोक-विश्वास का भाग रही है।

यहाँ किए जाने वाले प्रमुख अनुष्ठान

🔸 त्रिपिंडी श्राद्ध

सत्व, रज और तम – तीनों प्रकार की प्रेत योनियों से मुक्ति हेतु।

ब्रह्मा, विष्णु एवं शिव की पूजा तथा तिल, जौ और चावल के आटे से पिंडदान।

🔸 नारायण बलि

दुर्घटना, आत्महत्या या अकाल मृत्यु से ग्रस्त आत्माओं की शांति हेतु।

🔸 पिंडदान एवं तर्पण

तीन पीढ़ियों तक के पितरों की शांति और पितृ दोष निवारण के लिए।

पूजारी जी द्वारा उपलब्ध सेवाएँ

  • पूर्ण त्रिपिंडी श्राद्ध व्यवस्था
  • नारायण बलि विशेष अनुष्ठान
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  • नाम, गोत्र एवं कुल अनुसार व्यक्तिगत संकल्प
  • अनुभवी एवं शास्त्र-प्रमाणित स्थानीय पंडित
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  • ब्राह्मण भोजन एवं दक्षिणा व्यवस्था
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  • विदेश से श्रद्धालुओं हेतु लाइव वीडियो विकल्प

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  • उन्नत

    3 आचार्य + सभी पूजा सामग्री

    3h

    यह विशेष वैदिक पितृ शांति अनुष्ठान पिशाचमोचन कुंड, वाराणसी में अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा पूर्ण शास्त्रोक्त विधि-विधान से सम्पन्न कराया जाता है। यह अनुष्ठान पितृ दोष की शांति, दिवंगत पूर्वजों की सद्गति, पितरों की तृप्ति एवं परिवार के आध्यात्मिक कल्याण की मंगलकामना के लिए किया जाता है। पिशाचमोचन कुंड में पितृ गायत्री मंत्र जाप, पितृ तर्पण एवं श्राद्ध संबंधी विधियों के माध्यम से पितरों के प्रति श्रद्धा एवं कृतज्ञता अर्पित की जाती है।

    इस उन्नत पैकेज में 3 अनुभवी वैदिक आचार्य द्वारा पूजा, मंत्र जाप, पितृ तर्पण एवं हवन सहित सम्पूर्ण वैदिक अनुष्ठान सम्पन्न कराया जाता है।

    पूजा में शामिल विधियां

    • स्वस्तिवाचन एवं संकल्प
    • गणेश पूजन
    • कलश स्थापना
    • पितृ आवाहन
    • भगवान विष्णु पूजन
    • पितृ देवता पूजन
    • पितृ गायत्री मंत्र जाप – 11,000 जप
    • वैदिक हवन
    • पूर्णाहुति
    • आरती एवं पितृ आशीर्वाद प्रार्थना

    विशेष सुविधाएं

    • पिशाचमोचन कुंड, वाराणसी में शास्त्रोक्त विधि से सम्पूर्ण पितृ शांति अनुष्ठान।
    • 3 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा पूजा एवं मंत्र जाप।
    • यजमान के नाम एवं गोत्र से वैदिक संकल्प।
    • पितृ गायत्री मंत्र जाप के साथ पितृ तर्पण एवं श्राद्ध संबंधी विधियां।
    • पितरों की तृप्ति एवं सद्गति की मंगलकामना हेतु विशेष प्रार्थना।

    आवश्यक जानकारी

    • यजमान का नाम
    • गोत्र
    • दिवंगत पितरों का नाम, यदि ज्ञात हो
    • संपर्क विवरण

    पितृ देवताओं एवं भगवान विष्णु की कृपा से सम्पन्न यह पितृ गायत्री मंत्र जाप पितरों के प्रति श्रद्धा एवं कृतज्ञता अर्पित करने तथा उनकी तृप्ति, सद्गति एवं परिवार के सुख-शांति की मंगलकामना हेतु अत्यंत पवित्र वैदिक अनुष्ठान माना जाता है।

    सभी पूजा सामग्रीदक्षिणा
    ₹11,000₹15,00027% off

    2 वस्तुएँ शामिल

  • श्रेष्ठ

    11 आचार्य + सभी पूजा सामग्री

    3h

    यह विशेष वैदिक पितृ शांति अनुष्ठान पिशाचमोचन कुंड, वाराणसी में पूर्ण शास्त्रोक्त विधि-विधान के साथ सम्पन्न कराया जाता है। यह अनुष्ठान पितृ दोष, पूर्वजों की अतृप्ति, पारिवारिक बाधाओं तथा पितृ संबंधी अशुभ प्रभावों की शांति के लिए किया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार पिशाचमोचन कुंड में पितृ गायत्री मंत्र जाप, तर्पण एवं महाहवन के माध्यम से पितरों की सद्गति, शांति एवं मोक्ष की मंगलकामना की जाती है। इस श्रेष्ठ पैकेज में 11 अनुभवी वैदिक आचार्य द्वारा विस्तृत वैदिक विधि, विशेष मंत्र जाप एवं महाहवन सम्पन्न कराया जाता है।

    पूजा में शामिल विधियां

    • स्वस्तिवाचन एवं संकल्प
    • गणेश पूजन
    • कलश स्थापना
    • पितृ आवाहन
    • भगवान विष्णु पूजन
    • पितृ देवता पूजन
    • पितृ गायत्री मंत्र जाप – 51,000 जप
    • विशेष वैदिक महाहवन
    • पूर्णाहुति
    • आरती एवं पितृ आशीर्वाद प्रार्थना

    विशेष सुविधाएं

    • पिशाचमोचन कुंड, वाराणसी में 11 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा विस्तृत शास्त्रोक्त अनुष्ठान।
    • यजमान के नाम, गोत्र एवं पितरों के संकल्प के साथ पूजा सम्पन्न की जाएगी।
    • पितृ गायत्री मंत्र के 51,000 जाप सहित विशेष वैदिक अनुष्ठान।
    • पितृ सद्गति एवं परिवार के कल्याण की मंगलकामना के साथ महाहवन किया जाएगा।

    आवश्यक जानकारी

    • यजमान का नाम
    • गोत्र
    • दिवंगत पितरों के नाम (यदि ज्ञात हों)
    • संपर्क विवरण

    पिशाचमोचन कुंड, वाराणसी में सम्पन्न यह पितृ गायत्री मंत्र जाप पितृ दोष की शांति, पितरों की सद्गति एवं शांति तथा परिवार के सुख-समृद्धि और आध्यात्मिक कल्याण की मंगलकामना करने वाला अत्यंत पवित्र वैदिक अनुष्ठान माना जाता है।

    सभी पूजा सामग्रीदक्षिणा
    ₹31,000₹41,00024% off

    2 वस्तुएँ शामिल

  • विशिष्ट

    25 आचार्य + सभी पूजा सामग्री

    4h

    यह विशेष महा वैदिक पितृ शांति अनुष्ठान पिशाचमोचन कुंड, वाराणसी में अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा पूर्ण शास्त्रोक्त विधि-विधान से सम्पन्न कराया जाता है। यह विशिष्ट अनुष्ठान गंभीर पितृ दोष, पूर्वजों की अतृप्ति, संतान संबंधी बाधाओं, विवाह में विलंब, आर्थिक अस्थिरता, पारिवारिक अशांति एवं आध्यात्मिक अवरोधों की शांति हेतु कराया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार पिशाचमोचन कुंड में पितृ गायत्री मंत्र जाप, पितृ तर्पण, पिंड अर्पण, विष्णु सहस्रनाम पाठ एवं महायज्ञ के माध्यम से पितरों की तृप्ति, सद्गति एवं मोक्ष की मंगलकामना की जाती है।

    इस विशिष्ट पैकेज में 25 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा विस्तृत वैदिक विधि से सम्पूर्ण अनुष्ठान सम्पन्न कराया जाता है।

    पूजा में शामिल विधियां

    • स्वस्तिवाचन एवं संकल्प
    • गणेश पूजन
    • कलश स्थापना
    • पितृ आवाहन
    • विष्णु पूजन
    • पितृ देवता पूजन
    • पितृ गायत्री मंत्र जाप – 1,25,000 जप
    • विष्णु सहस्रनाम पाठ
    • श्रीमद्भगवद्गीता के 15वें अध्याय का पाठ
    • पितृ शांति हवन
    • पूर्णाहुति
    • आरती एवं पितृ मोक्ष प्रार्थना

    विशेष सुविधाएं

    • पिशाचमोचन कुंड, वाराणसी में विस्तृत वैदिक विधि से पितृ शांति अनुष्ठान।
    • 25 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा सामूहिक वैदिक अनुष्ठान।
    • आपके नाम, गोत्र एवं पितरों के संकल्प से पूजा सम्पन्न की जाएगी।
    • पितृ गायत्री मंत्र के 1,25,000 जाप सहित विस्तृत अनुष्ठान।
    • पितरों की तृप्ति, सद्गति एवं परिवार के कल्याण की विशेष मंगलकामना।

    आवश्यक जानकारी

    • यजमान का नाम
    • गोत्र
    • दिवंगत पितरों के नाम, यदि ज्ञात हों
    • संपर्क विवरण

    पिशाचमोचन कुंड, वाराणसी में सम्पन्न यह विशिष्ट पितृ गायत्री मंत्र जाप पितृ शांति, पितरों की तृप्ति एवं सद्गति, परिवार की सुख-समृद्धि तथा पूर्वजों के शुभ आशीर्वाद की मंगलकामना हेतु अत्यंत पवित्र वैदिक अनुष्ठान माना जाता है।

    सभी पूजा सामग्रीदक्षिणा
    ₹75,000₹91,00018% off

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पितृ गायत्री मंत्र जाप के बारे में हमसे बात करें

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भक्तों की प्रतिक्रिया

भक्तों का अनुभव

पूरी प्रक्रिया बहुत सरल थी। पंडित जी ने पूरी श्रद्धा से सत्यनारायण पूजा संपन्न की और हमें उसी दिन वीडियो प्रमाण मिल गया।

प्रिया शर्मा

मुंबईSatyanarayan Puja

विदेश में रहते हुए काशी में प्रामाणिक पूजा कराने को लेकर चिंतित था। पुजारीजी ने सब कुछ संभाला — सामग्री से लेकर संकल्प तक।

राजेश गुप्ता

सैन फ्रांसिस्को, अमेरिकाRudrabhishek

अपने नए घर के लिए ग्रह शांति पूजा बुक की। पंडित जी बहुत ज्ञानी थे और हर चरण समझाया। वीडियो रिकॉर्डिंग बहुत अच्छी लगी।

मीना अय्यर

बैंगलोरGraha Shanti Puja

सामान्य पूछे जाने वाले प्रश्न

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कैसे काम करता है

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  3. पुजारीजी

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  4. पुजारीजी

    वैदिक विधि-विधान से पूजा संपन्न

    तीर्थ पर आपके नाम और संकल्प से।

  5. पुजारीजी

    आपको प्रसाद व आशीर्वाद मिलता है

    संपन्न पूजा का आशीर्वादित प्रसाद और पूर्ण आशीर्वाद आपको।

हर चरण पर कॉल और व्हाट्सएप पर मार्गदर्शन व सहायता।

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