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Pujari Ji

शनि ग्रह शांति पूजा

इन शहरों में घर पर सेवा उपलब्ध:बेंगलुरुमुंबई
  • प्रमाणित पुजारी
  • पूरी पूजा सामग्री
  • वैदिक विधि-विधान
  • मार्गदर्शन व सहायता
शनि ग्रह शांति पूजा

शनि ग्रह शांति पूजा में भगवान शनिदेव की उपासना, वैदिक मंत्रों का जाप और निर्धारित धार्मिक विधियों के अनुसार पूजन किया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार शनिदेव कर्म, न्याय, अनुशासन और कर्मफल के देवता हैं। इस अनुष्ठान का उद्देश्य शनि ग्रह से संबंधित चिंताओं के बीच मानसिक शांति, धैर्य और सकारात्मक दृष्टिकोण की कामना करना है।

Duration

3h – 5h

Best time

शाम

Starting price

₹13,000

लाभ

  • शनि दोष, साढ़े साती एवं ढैय्या से संबंधित अशुभ प्रभावों की शांति तथा जीवन में अनुकूल परिस्थितियों की प्राप्ति के लिए प्रार्थना की जाती है। जीवन में स्थिरता, धैर्य, आत्मबल एवं सफलता की प्राप्ति के लिए मंगलकामना की जाती है। आर्थिक समस्याओं, ऋण संबंधी कठिनाइयों एवं कार्यों में आने वाली बाधाओं से राहत तथा आर्थिक स्थिरता की प्राप्ति के लिए प्रार्थना की जाती है। मानसिक तनाव, भय एवं नकारात्मक विचारों से राहत तथा मन की शांति और सकारात्मकता की मंगलकामना की जाती है। नौकरी, व्यवसाय एवं करियर में प्रगति, उन्नति और अनुकूल अवसरों की प्राप्ति के लिए श्रद्धापूर्वक प्रार्थना की जाती है।

शनि ग्रह शांति पूजा

शनि ग्रह शांति पूजा हिंदू ज्योतिष और वैदिक परंपरा में विशेष महत्व रखती है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, शनि की महादशा, अंतर्दशा, साढ़े साती या ढैय्या के दौरान कुछ लोग जीवन में विलंब, जिम्मेदारियों, कार्यों में रुकावट अथवा आर्थिक और मानसिक दबाव का अनुभव कर सकते हैं। ऐसी परिस्थितियों में श्रद्धालु भगवान शनिदेव की कृपा प्राप्त करने और जीवन में संतुलन एवं धैर्य बनाए रखने की कामना से यह पूजा कराते हैं।

किसी कुंडली में शनि की स्थिति के आधार पर पूजा की आवश्यकता का निर्णय अलग-अलग हो सकता है। इसलिए व्यक्तिगत ज्योतिषीय परामर्श के अनुसार पूजा की विधि निर्धारित करना उचित माना जाता है।

मुख्य देवता एवं धार्मिक महत्व

इस पूजा के मुख्य देवता भगवान शनिदेव हैं, जिन्हें कर्मफलदाता और न्याय का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक परंपरा में शनिदेव की उपासना व्यक्ति को अपने कर्मों, कर्तव्यों और आचरण के प्रति जागरूक रहने की प्रेरणा देती है।

पूजा के अवसर पर भगवान हनुमान और भगवान शिव की उपासना भी की जा सकती है। श्रद्धालु इनकी आराधना के माध्यम से साहस, आत्मबल, मानसिक शांति और जीवन की कठिन परिस्थितियों का सामना करने की शक्ति की कामना करते हैं।

शुभ मुहूर्त / यह पूजा कब करानी चाहिए?

  • शनिवार का दिन भगवान शनिदेव की उपासना के लिए विशेष माना जाता है।
  • शनि की महादशा या अंतर्दशा के दौरान ज्योतिषीय परामर्श के अनुसार यह पूजा कराई जा सकती है।
  • साढ़े साती या ढैय्या के समय श्रद्धालु शनि ग्रह शांति के लिए पूजा और मंत्र जाप कर सकते हैं।
  • पुष्य, अनुराधा और उत्तराभाद्रपद नक्षत्रों को कुछ ज्योतिषीय परंपराओं में इस पूजा के लिए अनुकूल माना जाता है।
  • पूजा का सटीक मुहूर्त व्यक्ति की जन्मकुंडली, स्थानीय पंचांग और अनुष्ठान की परंपरा के अनुसार निर्धारित किया जा सकता है।

किन परिस्थितियों में यह पूजा करानी चाहिए?

धार्मिक मान्यता के अनुसार, निम्न परिस्थितियों में श्रद्धालु शनि ग्रह शांति पूजा कराने पर विचार कर सकते हैंः

  • कार्यों में बार-बार विलंब या बाधाओं का अनुभव होना।
  • नौकरी, व्यवसाय या आर्थिक योजनाओं में कठिनाइयों का सामना करना।
  • कर्ज अथवा वित्तीय दबाव के समय मानसिक स्थिरता और विवेक की कामना करना।
  • शनि की महादशा, अंतर्दशा, साढ़े साती या ढैय्या के दौरान आध्यात्मिक शांति की इच्छा होना।
  • जीवन में अनुशासन, धैर्य, जिम्मेदारी और सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने की कामना करना।

स्वास्थ्य, कानूनी या आर्थिक समस्याओं के लिए आवश्यक व्यावहारिक सहायता भी लेते रहना चाहिए। केवल ग्रहों की स्थिति को इन समस्याओं का निश्चित कारण नहीं मानना चाहिए।

प्रमुख मंत्र

पूजा के दौरान परंपरा और संकल्प के अनुसार निम्न मंत्रों का जाप किया जा सकता हैः

  • शनिदेव मंत्रः ॐ शं शनैश्चराय नमः॥
  • भगवान शिव मंत्रः ॐ नमः शिवाय॥
  • भगवान हनुमान मंत्रः ॐ हनुमते नमः॥

मंत्र जाप की संख्या और पूजा की विधि अनुष्ठान की परंपरा तथा वैदिक आचार्यों के मार्गदर्शन के अनुसार निर्धारित की जा सकती है।

पूजा के लाभ

धार्मिक मान्यता के अनुसार, शनि ग्रह शांति पूजा श्रद्धालुओं को मानसिक शांति, धैर्य और आत्मचिंतन की प्रेरणा प्रदान करती है। भगवान शनिदेव की उपासना को कर्मों की शुद्धता, जिम्मेदारियों के निर्वहन और कठिन परिस्थितियों में संयम बनाए रखने से जोड़ा जाता है।

इस पूजा से जुड़े प्रमुख आध्यात्मिक लाभ इस प्रकार माने जाते हैंः

  • मानसिक शांति और धैर्यः पूजा तथा मंत्र जाप व्यक्ति को चिंता के समय मन को स्थिर रखने और कठिन परिस्थितियों का धैर्यपूर्वक सामना करने की प्रेरणा दे सकते हैं।
  • कर्म एवं अनुशासन के प्रति जागरूकताः शनिदेव की उपासना व्यक्ति को ईमानदारी, परिश्रम, समयपालन और अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहने का संदेश देती है।
  • बाधाओं का सामना करने का संबलः श्रद्धा और प्रार्थना के माध्यम से व्यक्ति जीवन की चुनौतियों का सामना करने के लिए आत्मबल और सकारात्मक दृष्टिकोण प्राप्त करने की कामना करता है।
  • आर्थिक विवेक और जिम्मेदारीः यह अनुष्ठान सोच-समझकर निर्णय लेने, अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रखने और आर्थिक जिम्मेदारियों के प्रति सजग रहने की प्रेरणा दे सकता है।
  • कार्य एवं व्यवसाय में स्थिरता की कामनाः श्रद्धालु नौकरी, व्यवसाय और अन्य महत्वपूर्ण कार्यों में निरंतर प्रयास, उचित निर्णय और स्थिर प्रगति के लिए शनिदेव का आशीर्वाद मांगते हैं।
  • आध्यात्मिक संतुलनः नियमित प्रार्थना, मंत्र जाप और सत्कर्म व्यक्ति को जीवन में संयम, विनम्रता और संतुलन बनाए रखने की प्रेरणा दे सकते हैं।

इन लाभों को धार्मिक और आध्यात्मिक मान्यताओं के संदर्भ में समझना चाहिए। पूजा से आर्थिक लाभ, रोगमुक्ति या सभी बाधाओं के समाप्त होने की गारंटी नहीं दी जा सकती।

आध्यात्मिक महत्व

शनि ग्रह शांति पूजा का आध्यात्मिक संदेश कर्म, न्याय, धैर्य और अनुशासन से जुड़ा है। हिंदू धार्मिक मान्यता के अनुसार, शनिदेव व्यक्ति को अपने कर्मों के प्रति सजग रहने और कठिन समय में भी सत्यनिष्ठा बनाए रखने की प्रेरणा देते हैं।

यह अनुष्ठान केवल ग्रह शांति की कामना तक सीमित नहीं है, बल्कि आत्मचिंतन, जिम्मेदारी और सत्कर्मों के महत्व को भी रेखांकित करता है। श्रद्धालु प्रार्थना के माध्यम से जीवन में विवेक, मानसिक संतुलन और आध्यात्मिक उन्नति की कामना करते हैं।

विशेष जानकारी

  • पूजा की विधि, मंत्र जाप और संकल्प व्यक्ति की आस्था, पारिवारिक परंपरा तथा ज्योतिषीय परामर्श के अनुसार निर्धारित किए जा सकते हैं।
  • शनिवार को शनिदेव की उपासना के साथ जरूरतमंदों की सहायता, सेवा और दान को भी धार्मिक परंपराओं में महत्व दिया जाता है।
  • पुजारीजी.कॉम के माध्यम से अनुभवी वैदिक आचार्यों के मार्गदर्शन में पूजा की व्यवस्था की जा सकती है।

यह शनि ग्रह शांति अनुष्ठान व्यक्ति को अपने कर्मों के प्रति जागरूक रहने तथा जीवन में अनुशासन, धैर्य एवं संतुलन बनाए रखने की प्रेरणा देने वाला पवित्र धार्मिक अनुष्ठान माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शनिदेव की कृपा से व्यक्ति अपने कर्मों का शुभ फल, जीवन में स्थिरता एवं सफलता प्राप्त करने की मंगलकामना करता है। हमारे अनुभवी एवं विद्वान वैदिक आचार्य, जो पारंपरिक वैदिक पाठशालाओं से शिक्षित हैं, पूर्ण विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ यह पूजा श्रद्धापूर्वक सम्पन्न कराते हैं।

हमारी गारंटी

100% प्रमाणित पुजारी
पूरी पूजा सामग्री शामिल
वैदिक विधि-विधान
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  • उन्नत

    2 आचार्य + सभी पूजा सामग्री

    3h

    उन्नत पैकेज के अंतर्गत 2 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा शनि ग्रह शांति पूजा पूर्ण विधि-विधान एवं श्रद्धापूर्वक संपन्न कराई जाती है। इस अनुष्ठान में शनि मंत्रों का विधिवत जाप, पूजन एवं हवन किया जाता है। इसकी अवधि लगभग 2.5 से 4 घंटे होती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह पूजा शनि ग्रह के अशुभ प्रभावों, साढ़ेसाती, ढैय्या तथा शनि की महादशा, अंतर्दशा एवं गोचर से संबंधित बाधाओं की शांति के लिए की जाती है। यह अनुष्ठान विशेष रूप से उन श्रद्धालुओं के लिए उपयुक्त है जो जीवन में बार-बार आने वाली बाधाओं, आर्थिक समस्याओं, कर्ज, नौकरी या व्यवसाय में रुकावटों से राहत तथा स्थिरता, धैर्य और मानसिक शांति की मंगलकामना करते हैं।

    पूजा में शामिल विधियां

    • संकल्प
    • गौरी-गणेश पूजन
    • कलश पूजन
    • वैदिक आचार्य पूजन
    • नवग्रह पूजन
    • शनि देव पूजन
    • शनि वैदिक मंत्र जाप — 23,000 जप
    • शनि तांत्रिक मंत्र जाप — ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनये नमः
    • हवन
    • पूर्णाहुति
    • आरती एवं प्रसाद वितरण

    विशेष सुविधाएं

    • अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा विधि-विधान से शनि ग्रह शांति पूजा
    • शनि देव की आराधना एवं मंत्र जाप के साथ विशेष वैदिक अनुष्ठान
    • साढ़ेसाती, ढैय्या, महादशा, अंतर्दशा एवं गोचर संबंधी बाधाओं की शांति के लिए संकल्प
    • पूजा की तैयारी एवं आवश्यक निर्देशों के संबंध में जानकारी
    • घर पर पूजा कराने की स्थिति में आचार्य सभी आवश्यक पूजा सामग्री अपने साथ लाएंगे
    • यजमान को बैठने की व्यवस्था एवं आसन जैसी सामान्य व्यवस्थाएं तैयार रखनी होंगी
    • आवश्यक सामग्री की विस्तृत सूची पूजा से पहले उपलब्ध कराई जाएगी

    अनुष्ठान की अवधि

    यह पूजा लगभग 2.5 से 4 घंटे में संपन्न कराई जाती है। वास्तविक अवधि पूजा विधि एवं अनुष्ठान की आवश्यकताओं के अनुसार अलग हो सकती है।

    भगवान शनि देव की आराधना, मंत्र जाप, हवन एवं पूर्णाहुति के माध्यम से यह अनुष्ठान जीवन में स्थिरता, धैर्य, अनुशासन और मानसिक शांति की मंगलकामना के लिए किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार श्रद्धापूर्वक संपन्न शनि ग्रह शांति पूजा से शनि संबंधी बाधाओं के शमन, कार्यक्षेत्र में प्रगति, आर्थिक स्थिरता तथा परिवार के सुख-समृद्धि की प्रार्थना की जाती है।

    सभी आवश्यक पूजा सामग्री जैसे हल्दी, अबीर, गुलाल, आम के पत्ते, तुलसी, कलश, वस्त्र, पान के पत्ते, समिधा, घी आदि आचार्य द्वारा लाई जाएगी।

    यजमान को घर की सामान्य वस्तुएं जैसे बर्तन, दीपक, आसन, कटोरी, चौकी, हवन कुंड, थाली, फोटो आदि की व्यवस्था करनी होगी।

    नोट: बुकिंग के बाद विस्तृत निर्देश साझा किए जाएंगे।

    सभी पूजा सामग्रीदक्षिणा
    ₹13,000₹15,00013% off

    2 वस्तुएँ शामिल

  • श्रेष्ठ

    7 आचार्य + सभी पूजा सामग्री

    3h

    श्रेष्ठ पैकेज के अंतर्गत 7 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा शनि ग्रह शांति पूजा पूर्ण विधि-विधान एवं श्रद्धापूर्वक संपन्न कराई जाती है। यह पवित्र अनुष्ठान लगभग 3 से 4 घंटे में संपन्न होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह पूजा शनि ग्रह से संबंधित अशुभ प्रभावों, साढ़ेसाती, ढैय्या, आर्थिक बाधाओं तथा जीवन में आने वाली कठिनाइयों की शांति के लिए की जाती है। इस अनुष्ठान में शनिदेव की आराधना के माध्यम से जीवन में स्थिरता, सफलता, धैर्य एवं मानसिक संतुलन की मंगलकामना की जाती है।

    यह पूजा विशेष रूप से उन श्रद्धालुओं के लिए उपयुक्त मानी जाती है जो शनि दोष, साढ़ेसाती, ढैय्या, कर्ज, नौकरी या व्यवसाय में बाधाओं तथा लगातार आने वाली कठिनाइयों से राहत की प्रार्थना करना चाहते हैं।

    पूजा में शामिल विधियां

    • संकल्प
    • गौरी-गणेश पूजन
    • कलश पूजन
    • ब्राह्मण पूजन
    • नवग्रह पूजन
    • शनि देव पूजन
    • शनि मंत्र जाप — 92,000 जप
    • शनि तांत्रिक मंत्र जाप — ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनये नमः
    • विशेष वैदिक हवन
    • पूर्णाहुति
    • आरती एवं प्रसाद वितरण

    विशेष सुविधाएं

    • 7 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा विधि-विधान से शनि ग्रह शांति अनुष्ठान
    • शनि मंत्र का 92,000 बार जाप
    • शनि देव की विशेष आराधना एवं ग्रह शांति के लिए संकल्प
    • साढ़ेसाती, ढैय्या एवं शनि दोष से संबंधित अशुभ प्रभावों के शमन की मंगलकामना
    • आर्थिक बाधाओं, नौकरी एवं व्यवसाय संबंधी कठिनाइयों से राहत की प्रार्थना
    • पूजा की प्रक्रिया एवं आवश्यक निर्देशों की जानकारी

    पूजा के लिए सभी आवश्यक सामग्री वैदिक आचार्य अपने साथ लेकर आएंगे। यजमान को घर पर बैठने की उचित व्यवस्था एवं आसन तैयार रखने होंगे। आवश्यक सामग्री की विस्तृत सूची पूजा की तैयारी के समय उपलब्ध कराई जा सकती है।

    शनिदेव की कृपा की मंगलकामना के साथ संपन्न यह पवित्र अनुष्ठान जीवन में स्थिरता, धैर्य, कर्मनिष्ठा एवं मानसिक शांति के लिए प्रार्थना का माध्यम है। श्रद्धापूर्वक किए गए मंत्र जाप, पूजन, हवन एवं पूर्णाहुति के माध्यम से यजमान और उनके परिवार के सुख, समृद्धि, सफलता तथा जीवन की कठिनाइयों से राहत की मंगलकामना की जाती है।

    सभी आवश्यक पूजा सामग्री जैसे हल्दी, अबीर, गुलाल, आम के पत्ते, तुलसी, कलश, वस्त्र, पान के पत्ते, समिधा, घी आदि आचार्य द्वारा लाई जाएगी।

    यजमान को घर की सामान्य वस्तुएं जैसे बर्तन, दीपक, आसन, कटोरी, चौकी, हवन कुंड, थाली, फोटो आदि की व्यवस्था करनी होगी।

    नोट: बुकिंग के बाद विस्तृत निर्देश साझा किए जाएंगे।

    सभी पूजा सामग्रीदक्षिणा
    ₹28,000₹31,00010% off

    2 वस्तुएँ शामिल

  • विशिष्ट

    7 आचार्य + सभी पूजा सामग्री

    4h

    इस विशिष्ट पैकेज के अंतर्गत 7 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा शनि ग्रह शांति पूजा एवं विशेष वैदिक अनुष्ठान विधि-विधान और श्रद्धापूर्वक संपन्न कराया जाता है। यह अनुष्ठान लगभग 4 से 5 घंटे में संपन्न होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह पूजा शनि ग्रह के अशुभ प्रभावों, साढ़ेसाती, ढैय्या, आर्थिक कठिनाइयों तथा जीवन में आने वाली बाधाओं की शांति के लिए की जाती है। भगवान शनिदेव की आराधना के माध्यम से जीवन में स्थिरता, धैर्य, संतुलन एवं सफलता की मंगलकामना की जाती है।

    इस अनुष्ठान में शनि के वैदिक मंत्र का 23,000 बार जाप कराया जाता है।

    मुख्य मंत्र

    ॐ शन्नोदेवीर भिष्टयऽआपो भवन्तु पीतये। शंय्योरभिस्त्रवन्तुनः॥

    पूजा में शामिल विधियां

    • संकल्प
    • गौरी-गणेश पूजन
    • कलश पूजन
    • वैदिक आचार्य पूजन
    • नवग्रह पूजन
    • शनि देव पूजन
    • शनि वैदिक मंत्र जाप — 23,000 जप
    • हवन
    • पूर्णाहुति
    • आरती एवं प्रसाद वितरण

    विशेष सुविधाएं

    • 7 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा सामूहिक वैदिक अनुष्ठान
    • शनि ग्रह शांति के लिए विशेष संकल्प एवं मंत्र जाप
    • साढ़ेसाती, ढैय्या एवं शनि दोष से संबंधित अशुभ प्रभावों की शांति की मंगलकामना
    • आर्थिक कठिनाइयों, बार-बार आने वाली बाधाओं एवं असफलताओं से राहत की प्रार्थना
    • हवन, पूर्णाहुति एवं आरती सहित विस्तृत अनुष्ठान
    • पूजा की प्रक्रिया एवं आवश्यक निर्देशों की जानकारी

    अनुष्ठान की अवधि

    यह विशेष वैदिक अनुष्ठान लगभग 4 से 5 घंटे में संपन्न कराया जाता है।

    पूजा की व्यवस्था: आचार्य सभी आवश्यक पूजा सामग्री अपने साथ लेकर आएंगे। यजमान को बैठने की व्यवस्था एवं आसन आदि की सामान्य तैयारी करनी होगी। आवश्यक सामग्री की सूची अनुष्ठान निर्धारित होने के बाद उपलब्ध कराई जा सकती है।

    भगवान शनिदेव की कृपा की मंगलकामना के साथ संपन्न यह पवित्र अनुष्ठान शनि ग्रह से संबंधित अशुभ प्रभावों के शमन, मानसिक शांति, धैर्य, आर्थिक स्थिरता एवं जीवन की बाधाओं से राहत की प्रार्थना के लिए किया जाता है। मंत्र जाप, पूजन, हवन एवं पूर्णाहुति के माध्यम से यजमान और उसके परिवार के जीवन में सुख, शांति, सुरक्षा, संतुलन एवं समृद्धि की मंगलकामना की जाती है।

    सभी आवश्यक पूजा सामग्री जैसे हल्दी, अबीर, गुलाल, आम के पत्ते, तुलसी, कलश, वस्त्र, पान के पत्ते, समिधा, घी आदि आचार्य द्वारा लाई जाएगी।

    यजमान को घर की सामान्य वस्तुएं जैसे बर्तन, दीपक, आसन, कटोरी, चौकी, हवन कुंड, थाली, फोटो आदि की व्यवस्था करनी होगी।

    नोट: बुकिंग के बाद विस्तृत निर्देश साझा किए जाएंगे।

    सभी पूजा सामग्रीदक्षिणा
    ₹31,000₹35,00011% off

    2 वस्तुएँ शामिल

  • दिव्य

    31 आचार्य + सभी पूजा सामग्री

    5h

    दिव्य पैकेज के अंतर्गत 31 अनुभवी वैदिक ब्राह्मणों द्वारा शनि ग्रह शांति पूजा एवं विशेष वैदिक अनुष्ठान शास्त्रोक्त विधि-विधान से संपन्न कराया जाता है। यह विस्तृत अनुष्ठान 3, 5 या 7 दिनों में निर्धारित अवधि के अनुसार संपन्न किया जा सकता है। इसमें शनि देव की आराधना, वैदिक मंत्र जाप एवं हवन के माध्यम से शनि दोष, साढ़ेसाती, ढैय्या, आर्थिक कठिनाइयों, कार्यक्षेत्र की बाधाओं तथा जीवन में आने वाली अन्य समस्याओं के शमन की मंगलकामना की जाती है।

    इस अनुष्ठान में शनि वैदिक मंत्र का कुल 92,000 बार जाप कराया जाता है, जो 23,000 मंत्र जाप के चार गुना के अनुसार निर्धारित है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शनि देव की श्रद्धापूर्वक उपासना से जीवन में धैर्य, अनुशासन, स्थिरता एवं सकारात्मकता के लिए प्रार्थना की जाती है।

    पूजा में शामिल विधियां

    • संकल्प
    • गौरी-गणेश पूजन
    • कलश पूजन
    • ब्राह्मण पूजन
    • नवग्रह पूजन
    • शनि देव पूजन
    • शनि वैदिक मंत्र जाप — 92,000 जप
    • मंत्र — ॐ शन्नोदेवीर भिष्टयऽआपो भवन्तु पीतये। शंय्योरभिस्त्रवन्तुनः॥
    • वैदिक हवन
    • पूर्णाहुति
    • आरती एवं प्रसाद वितरण

    विशेष सुविधाएं

    • 31 ब्राह्मणों की सहभागिता से सामूहिक वैदिक अनुष्ठान
    • अनुष्ठान की अवधि 3, 5 या 7 दिनों में निर्धारित करने की सुविधा
    • निर्धारित अवधि के दौरान सभी दिनों में ब्राह्मणों की सहभागिता सहित सामूहिक मंत्र जाप
    • शनि देव की आराधना एवं शनि ग्रह शांति के लिए विशेष संकल्प
    • वैदिक मंत्र जाप, हवन एवं पूर्णाहुति सहित विस्तृत धार्मिक अनुष्ठान
    • पूजा की व्यवस्था एवं आवश्यक निर्देशों की जानकारी पहले से उपलब्ध कराई जाएगी

    अनुष्ठान की अवधि

    यह विशेष अनुष्ठान 1, 3 या, 5 दिनों में ब्राह्मणों की उपलब्धता के आधार पे संपन्न कराया जा सकता है। सभी दिनों में सम्मिलित रूप से 31 ब्राह्मण अनुष्ठान में भाग लेंगे तथा निर्धारित मंत्र जाप संपन्न किया जाएगा।

    पूजा के लिए आवश्यक सामग्री वैदिक ब्राह्मण अपने साथ लेकर आएंगे। यजमान को घर पर बैठने की उचित व्यवस्था एवं आसन आदि तैयार रखने होंगे। आवश्यक सामग्री की विस्तृत सूची अनुष्ठान से पहले उपलब्ध कराई जाएगी।

    शनि देव की आराधना के साथ संपन्न यह पवित्र अनुष्ठान जीवन में धैर्य, अनुशासन, स्थिरता एवं सुख-समृद्धि की मंगलकामना के लिए किया जाता है। श्रद्धापूर्वक मंत्र जाप, पूजन, हवन एवं पूर्णाहुति के माध्यम से यजमान और उनके परिवार के कल्याण, मानसिक शांति, कार्यक्षेत्र में प्रगति तथा जीवन की बाधाओं के शमन के लिए प्रार्थना की जाती है। सभी आवश्यक पूजा सामग्री जैसे हल्दी, अबीर, गुलाल, आम के पत्ते, तुलसी, कलश, वस्त्र, पान के पत्ते, समिधा, घी आदि आचार्य द्वारा लाई जाएगी।

    यजमान को घर की सामान्य वस्तुएं जैसे बर्तन, दीपक, आसन, कटोरी, चौकी, हवन कुंड, थाली, फोटो आदि की व्यवस्था करनी होगी।

    नोट: बुकिंग के बाद विस्तृत निर्देश साझा किए जाएंगे।

    सभी पूजा सामग्रीदक्षिणा
    ₹99,000₹1,25,00021% off

    2 वस्तुएँ शामिल

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भक्तों की प्रतिक्रिया

भक्तों का अनुभव

“पूरी प्रक्रिया बहुत सरल थी। पंडित जी ने पूरी श्रद्धा से सत्यनारायण पूजा संपन्न की और हमें उसी दिन वीडियो प्रमाण मिल गया।”

प्रिया शर्मा

मुंबई• Satyanarayan Puja

“विदेश में रहते हुए काशी में प्रामाणिक पूजा कराने को लेकर चिंतित था। पुजारीजी ने सब कुछ संभाला — सामग्री से लेकर संकल्प तक।”

राजेश गुप्ता

सैन फ्रांसिस्को, अमेरिका• Rudrabhishek

“अपने नए घर के लिए ग्रह शांति पूजा बुक की। पंडित जी बहुत ज्ञानी थे और हर चरण समझाया। वीडियो रिकॉर्डिंग बहुत अच्छी लगी।”

मीना अय्यर

बैंगलोर• Graha Shanti Puja

सामान्य पूछे जाने वाले प्रश्न

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कैसे काम करता है

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  4. पुजारीजी

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    आपके घर पर, नियुक्त पुजारी द्वारा।

  5. पुजारीजी

    आपको प्रसाद व आशीर्वाद मिलता है

    संपन्न पूजा का आशीर्वादित प्रसाद और पूर्ण आशीर्वाद आपको।

हर चरण पर कॉल और व्हाट्सएप पर मार्गदर्शन व सहायता।
पावन तीर्थों में पूजा

अपनी श्रद्धा को पावन तीर्थ तक ले जाएँ

तीर्थ यात्रा की योजना है या किसी प्रतिष्ठित मंदिर में शनि ग्रह शांति पूजा करवाना चाहते हैं? इन पावन स्थलों को जानें और अपनी यात्रा के लिए उपयुक्त पूजा पैकेज चुनें।

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