“पूरी प्रक्रिया बहुत सरल थी। पंडित जी ने पूरी श्रद्धा से सत्यनारायण पूजा संपन्न की और हमें उसी दिन वीडियो प्रमाण मिल गया।”
प्रिया शर्मा
मुंबई• Satyanarayan Puja

यह पवित्र अनुष्ठान पिशाच मोचन कुंड, वाराणसी में पूर्ण वैदिक विधि-विधान के अनुसार सम्पन्न कराया जाता है। भगवान शिव की पावन नगरी काशी में स्थित यह प्राचीन तीर्थ विशेष रूप से पितृ दोष, पितरों की शांति, पारिवारिक अशांति, विवाह में विलंब, संतान संबंधी बाधाओं, आर्थिक रुकावटों एवं जीवन में बार-बार आने वाली समस्याओं के निवारण की मंगलकामना हेतु अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
Duration
45 min – 2h
Best time
पूरा दिन
Starting price
₹5,100
यह पवित्र श्राद्ध पूजा पावन पिशाच मोचन कुंड, वाराणसी में अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा पूर्ण शास्त्रोक्त विधि-विधान के अनुसार सम्पन्न कराई जाती है। सनातन धर्म में श्राद्ध को पूर्वजों के प्रति श्रद्धा, कृतज्ञता एवं सम्मान व्यक्त करने का सर्वोच्च धार्मिक कर्तव्य माना गया है। इस अनुष्ठान के माध्यम से पितरों का तर्पण, पिंडदान एवं वैदिक मंत्रों के साथ उनकी आत्मा की शांति एवं सद्गति की मंगलकामना की जाती है।
पिशाच मोचन कुंड काशी के अत्यंत प्राचीन एवं पवित्र तीर्थों में से एक है। धार्मिक मान्यता है कि इस पवित्र स्थल पर श्रद्धापूर्वक सम्पन्न किया गया श्राद्ध, तर्पण एवं पिंडदान पितरों को तृप्ति प्रदान करता है तथा पितृ दोष एवं पूर्वजों से संबंधित बाधाओं की शांति में विशेष फलदायी माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि यहाँ सम्पन्न पितृ कर्मों से अशुभ शक्तियों, प्रेत बाधाओं एवं पितृ असंतोष से मुक्ति की मंगलकामना की जाती है, जिसके कारण इस तीर्थ का विशेष धार्मिक महत्व है।
श्राद्ध पूजा विशेष रूप से उन श्रद्धालुओं के लिए लाभकारी मानी जाती है जो पितृ दोष, पारिवारिक अशांति, संतान प्राप्ति में बाधा, विवाह में विलंब, आर्थिक रुकावट, कार्यों में बार-बार विफलता, स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं अथवा पूर्वजों से संबंधित अशुभ संकेतों का सामना कर रहे हों।
पूजा का प्रारम्भ भगवान श्री गणेश के पूजन एवं संकल्प से किया जाता है। इसके पश्चात पितृ आवाहन, तर्पण, पिंडदान, वैदिक मंत्रोच्चार, ब्राह्मण पूजन एवं पितृ तृप्ति हेतु आवश्यक वैदिक विधियाँ सम्पन्न कराई जाती हैं। अंत में पितरों की शांति, परिवार के कल्याण, सुख-समृद्धि एवं वंश की उन्नति की मंगलकामना की जाती है।
मुख्य देवता एवं धार्मिक महत्व
इस पवित्र अनुष्ठान में मुख्य रूप से पितृ देवताओं, भगवान शिव, भगवान श्री विष्णु, भगवान गणेश एवं यम धर्मराज का स्मरण एवं पूजन किया जाता है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार श्रद्धापूर्वक सम्पन्न किया गया श्राद्ध पितरों की आत्मा को तृप्ति एवं शांति प्रदान करता है। भगवान शिव की पावन नगरी काशी में स्थित पिशाच मोचन कुंड पर सम्पन्न यह अनुष्ठान पितृ दोष की शांति, पितरों के आशीर्वाद एवं आध्यात्मिक कल्याण की मंगलकामना के लिए विशेष फलदायी माना जाता है।
यह पूजा कब करानी चाहिए?
किन समस्याओं में यह पूजा करानी चाहिए?
श्राद्ध पूजा के लाभ
आध्यात्मिक महत्व
श्राद्ध पूजा केवल एक वैदिक कर्मकाण्ड नहीं, बल्कि अपने पूर्वजों के प्रति श्रद्धा, कृतज्ञता एवं सम्मान व्यक्त करने का दिव्य माध्यम है। यह अनुष्ठान व्यक्ति को अपनी पारिवारिक परंपराओं, संस्कारों एवं पितृ ऋण के प्रति जागरूक करता है तथा आध्यात्मिक संतुलन एवं आंतरिक शांति की भावना को सुदृढ़ करता है।
पिशाच मोचन कुंड, वाराणसी में वैदिक मंत्रों एवं शास्त्रोक्त विधि-विधान के साथ सम्पन्न यह अनुष्ठान पितरों की सद्गति, पितृ दोष की शांति एवं भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने का प्रभावशाली माध्यम माना जाता है। इससे परिवार में सुख-समृद्धि, सकारात्मक ऊर्जा एवं आध्यात्मिक उन्नति की मंगलकामना की जाती है।
हमारे अनुभवी वैदिक आचार्य पूर्ण शास्त्रोक्त विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रों के अनुसार यह अनुष्ठान श्रद्धापूर्वक सम्पन्न कराते हैं।
विशेष जानकारी
पिशाच मोचन कुंड, वाराणसी में सम्पन्न यह श्राद्ध पूजा पितरों की आत्मा की शांति, पितृ दोष की शांति, परिवार में सुख-समृद्धि, वंश की उन्नति, सकारात्मक ऊर्जा एवं आध्यात्मिक कल्याण की मंगलकामना हेतु अत्यंत पवित्र एवं प्रभावशाली वैदिक अनुष्ठान माना जाता है।

वाराणसी
पिशाच मोचन कुंड, वाराणसी का एक पवित्र तीर्थ स्थल है, जहाँ अकाल या असामान्य मृत्यु से पीड़ित आत्माओं की शांति हेतु अनुष्ठान किए जाते हैं।
यह स्थान प्रेत योनि, पितृ दोष और ब्रह्म दोष से मुक्ति के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ त्रिपिंडी श्राद्ध, नारायण बलि, पिंडदान और तर्पण जैसे प्रमुख अनुष्ठान संपन्न होते हैं।
निकट स्थित कपर्दीश्वर महादेव मंदिर इसकी आध्यात्मिक महत्ता को बढ़ाता है। कुंड के पास स्थित पीपल वृक्ष को असंतुष्ट आत्माओं की शांति का प्रतीक माना जाता है।
पितृपक्ष के दौरान हजारों श्रद्धालु यहाँ पूर्वजों की शांति और मोक्ष के लिए आते हैं।
पिशाच मोचन कुंड, वाराणसी में स्थित एक अत्यंत पवित्र तीर्थ स्थल है। यह स्थान प्रेत योनि, पितृ दोष, ब्राह्मण दोष तथा अकाल मृत्यु से मुक्ति के लिए विशेष रूप से प्रसिद्ध है।
काशी को मोक्ष की नगरी कहा जाता है, जहाँ भगवान शिव स्वयं आत्मा को तारक मंत्र देकर मुक्ति प्रदान करते हैं। किंतु जो व्यक्ति काशी के बाहर अकाल या असामयिक मृत्यु को प्राप्त होते हैं, उनकी आत्मा की शांति एवं उद्धार के लिए पिशाच मोचन कुंड का विशेष महत्व है।
इतिहास एवं पौराणिक कथा
काशी खंड एवं गरुड़ पुराण के अनुसार, पिशाच मोचन का प्राचीन नाम विमल तीर्थ या विमलोदक तीर्थ था। इसकी उत्पत्ति गंगा के पृथ्वी पर अवतरण से भी पूर्व मानी जाती है।
मान्यता है कि भगवान शिव के भक्त कपर्दी ने इस कुंड की स्थापना की। उनकी तपस्या से यहाँ कपर्दीश्वर महादेव प्रकट हुए।
कथा के अनुसार महर्षि वाल्मीकि के मार्गदर्शन में एक ब्राह्मण, जो अपने पूर्व कर्मों के कारण प्रेत योनि में था, इस कुंड में स्नान कर कपर्दीश्वर महादेव की पूजा करने से मुक्त हुआ। तभी से यह स्थल “पिशाच मोचन” कहलाया।
आध्यात्मिक महत्व
पवित्र पीपल वृक्ष
कुंड के समीप स्थित पीपल वृक्ष लोक-मान्यता के अनुसार असंतुष्ट आत्माओं की शांति से जुड़ा है। यहाँ प्रतीकात्मक रूप से सिक्के और कीलें लगाई जाती हैं। यद्यपि यह शास्त्रसम्मत परंपरा नहीं है, परंतु यह वर्षों से लोक-विश्वास का भाग रही है।
यहाँ किए जाने वाले प्रमुख अनुष्ठान
🔸 त्रिपिंडी श्राद्ध
सत्व, रज और तम – तीनों प्रकार की प्रेत योनियों से मुक्ति हेतु।
ब्रह्मा, विष्णु एवं शिव की पूजा तथा तिल, जौ और चावल के आटे से पिंडदान।
🔸 नारायण बलि
दुर्घटना, आत्महत्या या अकाल मृत्यु से ग्रस्त आत्माओं की शांति हेतु।
🔸 पिंडदान एवं तर्पण
तीन पीढ़ियों तक के पितरों की शांति और पितृ दोष निवारण के लिए।
पूजारी जी द्वारा उपलब्ध सेवाएँ
हम प्रत्येक अनुष्ठान को पूर्ण श्रद्धा, शुद्ध वैदिक विधि और पारदर्शिता के साथ संपन्न कराते हैं।
👉 पूजारी जी से पिशाच मोचन कुंड में अपनी सेवा बुक करें और पितरों को शांति एवं मोक्ष प्रदान करने का पुण्य लाभ प्राप्त करें।
पिशाच मोचन कुंड, वाराणसी का एक पवित्र तीर्थ स्थल है, जहाँ अकाल या असामान्य मृत्यु से पीड़ित आत्माओं की शांति हेतु अनुष्ठान किए जाते हैं।
यह स्थान प्रेत योनि, पितृ दोष और ब्रह्म दोष से मुक्ति के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ त्रिपिंडी श्राद्ध, नारायण बलि, पिंडदान और तर्पण जैसे प्रमुख अनुष्ठान संपन्न होते हैं।
निकट स्थित कपर्दीश्वर महादेव मंदिर इसकी आध्यात्मिक महत्ता को बढ़ाता है। कुंड के पास स्थित पीपल वृक्ष को असंतुष्ट आत्माओं की शांति का प्रतीक माना जाता है।
पितृपक्ष के दौरान हजारों श्रद्धालु यहाँ पूर्वजों की शांति और मोक्ष के लिए आते हैं।
पिशाच मोचन कुंड, वाराणसी में स्थित एक अत्यंत पवित्र तीर्थ स्थल है। यह स्थान प्रेत योनि, पितृ दोष, ब्राह्मण दोष तथा अकाल मृत्यु से मुक्ति के लिए विशेष रूप से प्रसिद्ध है।
काशी को मोक्ष की नगरी कहा जाता है, जहाँ भगवान शिव स्वयं आत्मा को तारक मंत्र देकर मुक्ति प्रदान करते हैं। किंतु जो व्यक्ति काशी के बाहर अकाल या असामयिक मृत्यु को प्राप्त होते हैं, उनकी आत्मा की शांति एवं उद्धार के लिए पिशाच मोचन कुंड का विशेष महत्व है।
इतिहास एवं पौराणिक कथा
काशी खंड एवं गरुड़ पुराण के अनुसार, पिशाच मोचन का प्राचीन नाम विमल तीर्थ या विमलोदक तीर्थ था। इसकी उत्पत्ति गंगा के पृथ्वी पर अवतरण से भी पूर्व मानी जाती है।
मान्यता है कि भगवान शिव के भक्त कपर्दी ने इस कुंड की स्थापना की। उनकी तपस्या से यहाँ कपर्दीश्वर महादेव प्रकट हुए।
कथा के अनुसार महर्षि वाल्मीकि के मार्गदर्शन में एक ब्राह्मण, जो अपने पूर्व कर्मों के कारण प्रेत योनि में था, इस कुंड में स्नान कर कपर्दीश्वर महादेव की पूजा करने से मुक्त हुआ। तभी से यह स्थल “पिशाच मोचन” कहलाया।
आध्यात्मिक महत्व
पवित्र पीपल वृक्ष
कुंड के समीप स्थित पीपल वृक्ष लोक-मान्यता के अनुसार असंतुष्ट आत्माओं की शांति से जुड़ा है। यहाँ प्रतीकात्मक रूप से सिक्के और कीलें लगाई जाती हैं। यद्यपि यह शास्त्रसम्मत परंपरा नहीं है, परंतु यह वर्षों से लोक-विश्वास का भाग रही है।
यहाँ किए जाने वाले प्रमुख अनुष्ठान
🔸 त्रिपिंडी श्राद्ध
सत्व, रज और तम – तीनों प्रकार की प्रेत योनियों से मुक्ति हेतु।
ब्रह्मा, विष्णु एवं शिव की पूजा तथा तिल, जौ और चावल के आटे से पिंडदान।
🔸 नारायण बलि
दुर्घटना, आत्महत्या या अकाल मृत्यु से ग्रस्त आत्माओं की शांति हेतु।
🔸 पिंडदान एवं तर्पण
तीन पीढ़ियों तक के पितरों की शांति और पितृ दोष निवारण के लिए।
पूजारी जी द्वारा उपलब्ध सेवाएँ
हम प्रत्येक अनुष्ठान को पूर्ण श्रद्धा, शुद्ध वैदिक विधि और पारदर्शिता के साथ संपन्न कराते हैं।
पूजारी जी से पिशाच मोचन कुंड में अपनी सेवा बुक करें और पितरों को शांति एवं मोक्ष प्रदान करने का पुण्य लाभ प्राप्त करें।
जो भक्त यात्रा नहीं कर पाते, उनके लिए हम तीर्थ पर उनके नाम और संकल्प से पूजा संपन्न कराते हैं और, जहाँ संभव हो, वीडियो व प्रसाद उन तक पहुँचाते हैं — पूरा अनुष्ठान, आपकी ओर से।
1 आचार्य + सभी पूजा सामग्री
यह पवित्र वैदिक अनुष्ठान पिशाच मोचन कुंड, वाराणसी में पूर्ण शास्त्रोक्त विधि-विधान से अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा सम्पन्न कराया जाता है। सनातन धर्म में पिशाच मोचन कुंड को श्राद्ध पूजा, पितृ तर्पण, पितृ दोष निवारण एवं पितरों की सद्गति के लिए अत्यंत पवित्र एवं सिद्ध तीर्थ माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान शिव की पावन नगरी काशी में स्थित इस दिव्य तीर्थ पर सम्पन्न श्राद्ध पूजा पितरों की आत्मा की शांति, सद्गति, पितृ दोष की शांति, पूर्वजों के आशीर्वाद, पारिवारिक सुख-समृद्धि एवं आध्यात्मिक उन्नति के लिए विशेष फलदायी मानी जाती है।
इस उन्नत पैकेज में 1 अनुभवी वैदिक आचार्य द्वारा लगभग 45 मिनट से 2 घंटे तक पूर्ण वैदिक विधि-विधान के अनुसार श्राद्ध पूजा सम्पन्न कराई जाती है।
पूजा में शामिल प्रमुख अनुष्ठान
विशेष सुविधाएं
आवश्यक जानकारी
पिशाच मोचन कुंड, वाराणसी में सम्पन्न यह श्राद्ध पूजा पितरों की आत्मा की शांति, सद्गति, पितृ दोष निवारण, पूर्वजों के आशीर्वाद, पारिवारिक सुख-समृद्धि तथा जीवन में सकारात्मक ऊर्जा की प्राप्ति हेतु अत्यंत पवित्र एवं पुण्यदायी वैदिक अनुष्ठान माना जाता है। भगवान शिव की कृपा से यह अनुष्ठान पितृ ऋण से मुक्ति एवं आध्यात्मिक कल्याण की दिशा में विशेष महत्व रखता है।
2 वस्तुएँ शामिल
2 आचार्य + सभी पूजा सामग्री
यह विशेष वैदिक अनुष्ठान पिशाच मोचन कुंड, वाराणसी में पूर्ण शास्त्रोक्त विधि-विधान से अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा सम्पन्न कराया जाता है। सनातन धर्म में पिशाच मोचन कुंड को श्राद्ध पूजा, पितृ तर्पण, पितृ दोष निवारण एवं पितरों की सद्गति के लिए अत्यंत पवित्र एवं सिद्ध तीर्थ माना जाता है। यह विशेष श्राद्ध पूजा पितरों की आत्मा की शांति, पितृ दोष निवारण, पारिवारिक बाधाओं के निवारण, संतान सुख, मानसिक शांति, समृद्धि एवं पूर्वजों के दिव्य आशीर्वाद की प्राप्ति के लिए विशेष रूप से की जाती है। भगवान शिव की पावन नगरी काशी में सम्पन्न यह अनुष्ठान अत्यंत पुण्यदायी एवं फलदायी माना जाता है।
इस श्रेष्ठ पैकेज में 2 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा लगभग 45 मिनट से 2 घंटे तक विस्तृत वैदिक विधि-विधान के साथ सम्पूर्ण श्राद्ध पूजा सम्पन्न कराई जाती है।
पूजा में शामिल प्रमुख अनुष्ठान
विशेष सुविधाएं
आवश्यक जानकारी
पिशाच मोचन कुंड, वाराणसी में सम्पन्न यह श्रेष्ठ श्राद्ध पूजा पितरों की आत्मा की शांति, सद्गति, पितृ दोष निवारण, पारिवारिक सुख-समृद्धि, संतान सुख, मानसिक शांति एवं जीवन में सकारात्मक ऊर्जा की प्राप्ति हेतु अत्यंत पवित्र एवं पुण्यदायी वैदिक अनुष्ठान माना जाता है। भगवान शिव की कृपा से यह अनुष्ठान पूर्वजों के दिव्य आशीर्वाद एवं आध्यात्मिक कल्याण की प्राप्ति का श्रेष्ठ माध्यम माना जाता है।
2 वस्तुएँ शामिल
श्राद्ध पूजा के बारे में हमसे बात करें
WhatsAppभक्तों की प्रतिक्रिया
“पूरी प्रक्रिया बहुत सरल थी। पंडित जी ने पूरी श्रद्धा से सत्यनारायण पूजा संपन्न की और हमें उसी दिन वीडियो प्रमाण मिल गया।”
प्रिया शर्मा
मुंबई• Satyanarayan Puja
“विदेश में रहते हुए काशी में प्रामाणिक पूजा कराने को लेकर चिंतित था। पुजारीजी ने सब कुछ संभाला — सामग्री से लेकर संकल्प तक।”
राजेश गुप्ता
सैन फ्रांसिस्को, अमेरिका• Rudrabhishek
“अपने नए घर के लिए ग्रह शांति पूजा बुक की। पंडित जी बहुत ज्ञानी थे और हर चरण समझाया। वीडियो रिकॉर्डिंग बहुत अच्छी लगी।”
मीना अय्यर
बैंगलोर• Graha Shanti Puja
एक बार जानकारी दें। पुजारी, सामग्री, विधि-विधान और अपडेट — सब आपके लिए संभाला जाता है।
पूजा, तिथि और संकल्प की जानकारी दें।
जाँचे-परखे, आपकी पूजा के अनुसार।
हर वस्तु लाई जाती है — आपको कुछ नहीं जुटाना।
तीर्थ पर आपके नाम और संकल्प से।
संपन्न पूजा का आशीर्वादित प्रसाद और पूर्ण आशीर्वाद आपको।
ऊपर दिए गए पैकेज में से चुनें या पूछताछ करें, हमारी टीम आपकी तारीख और विवरणों की पुष्टि करेगी।