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Pujari Ji

सूर्य ग्रह जाप

श्री पशुपति नाथ महादेव मंदिर, हरिद्वार
  • प्रमाणित पुजारी
  • पूरी पूजा सामग्री
  • वैदिक विधि-विधान
  • मार्गदर्शन व सहायता
सूर्य ग्रह जाप

सूर्य ग्रह शांति पूजा वैदिक ज्योतिष में सूर्य से संबंधित ग्रह दोषों एवं प्रतिकूल प्रभावों की शांति के लिए सम्पन्न की जाती है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार सूर्य आत्मबल, पिता, प्रतिष्ठा, नेतृत्व, राजसत्ता, सरकारी कार्य, यश, ऊर्जा एवं जीवन शक्ति का प्रमुख कारक माना जाता है।

जब जन्मकुंडली में सूर्य पीड़ित या प्रतिकूल स्थिति में हो, तब व्यक्ति के जीवन में आत्मविश्वास, करियर, सरकारी कार्य, पारिवारिक संबंधों एवं सामाजिक प्रतिष्ठा से संबंधित चुनौतियों की संभावना मानी जाती है। ऐसे में सूर्य देव की आराधना तथा ग्रह शांति अनुष्ठान के माध्यम से शुभ प्रभावों की मंगलकामना की जाती है।

हरिद्वार स्थित पशुपतिनाथ मंदिर भगवान शिव को समर्पित एक श्रद्धेय धार्मिक स्थल है। भगवान पशुपतिनाथ की साक्षी में सूर्य ग्रह शांति पूजा श्रद्धा एवं संकल्प के साथ सम्पन्न कराई जाती है।

Duration

3h – 4h

Best time

सुबह

Starting price

₹6,100

लाभ

  • धार्मिक एवं ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार सूर्य ग्रह से संबंधित अशुभ प्रभावों की शांति की प्रार्थना की जाती है।
  • आत्मबल, आत्मविश्वास एवं साहस की प्राप्ति के लिए मंगलकामना की जाती है।
  • यश, प्रतिष्ठा एवं सम्मान की प्राप्ति के लिए श्रद्धापूर्वक प्रार्थना की जाती है।
  • करियर एवं सरकारी कार्यों में अनुकूलता, प्रगति एवं सफलता की मंगलकामना की जाती है।
  • पिता के साथ संबंधों में प्रेम, सुख, सम्मान एवं सामंजस्य की प्रार्थना की जाती है।
  • उत्तम स्वास्थ्य, जीवन शक्ति एवं शारीरिक स्फूर्ति के लिए मंगलकामना की जाती है।
  • मानसिक शांति, सकारात्मक सोच एवं सकारात्मक ऊर्जा की प्राप्ति के लिए प्रार्थना की जाती है।
  • भगवान सूर्य नारायण एवं भगवान पशुपतिनाथ की कृपा, आशीर्वाद एवं संरक्षण की मंगलकामना की जाती है।

सूर्य ग्रह जाप

वैदिक ज्योतिष में सूर्य को आत्मा, आत्मबल, पिता, यश, प्रतिष्ठा, नेतृत्व, ऊर्जा एवं जीवन शक्ति का कारक माना गया है। जन्मकुंडली में सूर्य की स्थिति व्यक्ति के जीवन के विभिन्न क्षेत्रों पर ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जाती है।

यदि सूर्य अशुभ स्थिति में हो अथवा सूर्य से संबंधित ग्रह प्रभाव प्रतिकूल माने जाएँ, तो आत्मविश्वास की कमी, कार्यक्षेत्र में बाधा, सरकारी कार्यों में कठिनाई, पिता से मतभेद तथा सामाजिक प्रतिष्ठा से जुड़ी चुनौतियों की संभावना बताई जाती है। ऐसी परिस्थितियों में सूर्य ग्रह शांति पूजा श्रद्धापूर्वक सम्पन्न कराई जाती है।

पशुपतिनाथ मंदिर, हरिद्वार में भगवान सूर्य नारायण के साथ भगवान पशुपतिनाथ, भगवान श्रीहरि विष्णु एवं नवग्रह देवताओं की आराधना की जाती है। अनुष्ठान का उद्देश्य सूर्य ग्रह से संबंधित अशुभ प्रभावों की शांति तथा जीवन में आत्मबल, सकारात्मकता एवं मंगल की प्रार्थना करना है।

मुख्य देवता एवं धार्मिक महत्व

इस पूजा के मुख्य देवता भगवान सूर्य नारायण हैं। इनके साथ निम्न देवताओं का पूजन किया जाता हैः

  • भगवान पशुपतिनाथ
  • भगवान श्रीहरि विष्णु
  • नवग्रह देवता

धार्मिक मान्यता के अनुसार सूर्य देव की आराधना से आत्मबल, तेज, यश एवं प्रतिष्ठा की मंगलकामना की जाती है। भगवान पशुपतिनाथ की आराधना आध्यात्मिक शक्ति, संरक्षण एवं कल्याण की प्रार्थना से जुड़ी है।

मुहूर्त / यह पूजा कब करानी चाहिए?

  • रविवार के दिन, विशेष रूप से सूर्योदय के समय।
  • सूर्य की महादशा अथवा अंतर्दशा के दौरान।
  • सूर्य के प्रतिकूल गोचर की स्थिति में।
  • जन्मकुंडली में सूर्य की प्रतिकूल स्थिति होने पर।
  • कृतिका, उत्तराफाल्गुनी एवं उत्तराषाढ़ा नक्षत्रों में।
  • योग्य ज्योतिषाचार्य द्वारा निर्धारित शुभ तिथि एवं मुहूर्त में।

किन परिस्थितियों में यह पूजा करानी चाहिए?

  • आत्मविश्वास की कमी होने पर।
  • सरकारी कार्यों में बार-बार बाधा आने पर।
  • करियर अथवा व्यवसाय में रुकावट होने पर।
  • पिता से मतभेद अथवा संबंधों में तनाव होने पर।
  • सामाजिक यश एवं प्रतिष्ठा में कमी की स्थिति में।
  • सूर्य ग्रह से संबंधित अशुभ योग अथवा ग्रह दोष होने पर।
  • जीवन में आत्मबल, सकारात्मकता एवं नेतृत्व क्षमता की मंगलकामना हेतु।

मुख्य मंत्र

तांत्रिक मंत्रः

ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः॥

वैदिक मंत्रः

ॐ आकृष्णेन रजसा वर्तमानो निवेशयन्नमृतं मर्त्यं च। हिरण्ययेन सविता रथेन देवो याति भुवनानि पश्यन्॥

पूजा के लाभ

धार्मिक एवं ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस अनुष्ठान के माध्यम से निम्न मंगलकामनाएँ की जाती हैंः

  • सूर्य ग्रह से संबंधित अशुभ प्रभावों की शांति की प्रार्थना की जाती है।
  • आत्मबल, आत्मविश्वास एवं साहस की मंगलकामना की जाती है।
  • यश, प्रतिष्ठा एवं सम्मान की प्रार्थना की जाती है।
  • करियर एवं सरकारी कार्यों में अनुकूलता की मंगलकामना की जाती है।
  • पिता के साथ संबंधों में सुख एवं सामंजस्य की प्रार्थना की जाती है।
  • स्वास्थ्य एवं जीवन शक्ति के लिए मंगलकामना की जाती है।
  • मानसिक शांति एवं सकारात्मक ऊर्जा की प्रार्थना की जाती है।
  • भगवान सूर्य नारायण एवं भगवान पशुपतिनाथ की कृपा की मंगलकामना की जाती है।

आध्यात्मिक महत्व

सूर्य देव को प्रकाश, ऊर्जा एवं जीवन शक्ति का दिव्य स्वरूप माना जाता है। सूर्य की आराधना आत्मबल, तेज, सकारात्मकता एवं आध्यात्मिक जागरण की मंगलकामना से जुड़ी है।

पशुपतिनाथ मंदिर, हरिद्वार में भगवान शिव के पावन सान्निध्य में सम्पन्न यह अनुष्ठान श्रद्धालु को सूर्य उपासना एवं शिव आराधना से जोड़ता है। वैदिक मंत्र जाप, पूजन, हवन एवं पूर्णाहुति के माध्यम से श्रद्धालु जीवन में शुभता, आत्मबल, मानसिक शांति एवं आध्यात्मिक उन्नति की प्रार्थना करते हैं।

विशेष जानकारी

  • अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा शास्त्रोक्त विधि से अनुष्ठान सम्पन्न कराया जाता है।
  • यजमान के नाम एवं गोत्र के साथ वैदिक संकल्प लिया जाता है।
  • आवश्यकता के अनुसार जन्मकुंडली के आधार पर अनुष्ठान की विधि निर्धारित की जा सकती है।
  • पूजा में आवश्यक सम्पूर्ण सामग्री उपलब्ध कराई जाती है।
  • वैदिक मंत्रोच्चार, हवन एवं पूर्णाहुति सहित सम्पूर्ण अनुष्ठान सम्पन्न किया जाता है।

पशुपतिनाथ मंदिर, हरिद्वार में सम्पन्न होने वाली सूर्य ग्रह शांति पूजा केवल ग्रह दोष निवारण का अनुष्ठान नहीं, बल्कि आत्मबल, तेज, सकारात्मक ऊर्जा एवं आध्यात्मिक जागरण की मंगलकामना करने का दिव्य माध्यम भी है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान पशुपतिनाथ एवं सूर्य देव की कृपा से व्यक्ति के जीवन में प्रकाश, सफलता, सम्मान एवं आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त होने की प्रार्थना की जाती है।

पूजा स्थानहरिद्वार

श्री पशुपति नाथ महादेव मंदिर

श्री पशुपति नाथ महादेव मंदिर

हरिद्वार

हरिद्वार उत्तराखंड की प्रमुख तीर्थनगरी है, जिसे प्राचीन काल से ही गंगा तट पर स्थित महत्वपूर्ण धार्मिक एवं आध्यात्मिक केंद्र माना जाता है। पवित्र गंगा, प्राचीन मंदिरों, आश्रमों और वैदिक परंपराओं के कारण हरिद्वार का हिंदू तीर्थ परंपरा में विशेष स्थान है। गंगा के मैदानी क्षेत्र में प्रवेश करने वाला यह नगर देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख आध्यात्मिक केंद्र रहा है।

पशुपति नाथ मंदिर, हरिद्वार भगवान शिव के पशुपति स्वरूप को समर्पित एक श्रद्धास्थल है। उपलब्ध प्रकाशित विवरणों के अनुसार यह मंदिर हरिद्वार में श्रवणनाथ मठ से जुड़ा हुआ है और भगवान पशुपतिनाथ की उपासना के लिए प्रसिद्ध है।

धार्मिक परंपरा में भगवान शिव को पशुपतिनाथ, अर्थात समस्त जीवों के स्वामी के रूप में पूजा जाता है। हरिद्वार की गंगा, शिव उपासना और तीर्थ परंपरा से जुड़ा वातावरण इस मंदिर की आध्यात्मिक महत्ता को और विशेष बनाता है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार श्रद्धालु यहाँ भगवान शिव की कृपा, सुख-शांति, आरोग्य, संरक्षण, बाधाओं की शांति तथा आध्यात्मिक उन्नति की मंगलकामना से पूजा-अर्चना करते हैं।

पशुपति नाथ मंदिर का धार्मिक महत्व

भगवान शिव के पशुपति स्वरूप की उपासना सनातन परंपरा में विशेष धार्मिक महत्व रखती है। पशुपति स्वरूप भगवान शिव को समस्त जीवों के स्वामी, संरक्षक और कल्याणकारी देव के रूप में संबोधित करता है।

हरिद्वार स्थित पशुपति नाथ मंदिर में भगवान शिव की आराधना श्रद्धालुओं के लिए भक्ति और आध्यात्मिक साधना का माध्यम मानी जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भक्त यहाँ विभिन्न आध्यात्मिक एवं पारिवारिक मंगलकामनाओं के साथ पूजा-अर्चना करते हैं।

श्रद्धालु विशेष रूप से—

  • भगवान शिव की कृपा प्राप्ति की कामना से।
  • मानसिक शांति और आत्मबल की प्रार्थना हेतु।
  • स्वास्थ्य एवं दीर्घायु की मंगलकामना से।
  • जीवन की बाधाओं और भय से राहत की प्रार्थना हेतु।
  • परिवार में सुख और शांति की कामना से।
  • ग्रहजनित बाधाओं की शांति के लिए।
  • वैवाहिक एवं पारिवारिक सुख की मंगलकामना से।
  • व्यवसाय और कार्यक्षेत्र में उन्नति की प्रार्थना हेतु।
  • आध्यात्मिक उन्नति और शिव भक्ति की कामना से।

पूजा एवं धार्मिक अनुष्ठान कराते हैं।

पशुपति नाथ मंदिर, हरिद्वार में होने वाली प्रमुख पूजाएं

भगवान शिव की उपासना से संबंधित विभिन्न धार्मिक एवं वैदिक अनुष्ठान श्रद्धा के अनुसार किए जाते हैं। किसी विशेष पूजा की उपलब्धता, विधि और आयोजन मंदिर की स्थानीय परंपरा तथा संबंधित आचार्य की व्यवस्था पर निर्भर कर सकती है।

प्रमुख रूप से किए जाने वाले शिव-संबंधित अनुष्ठानों में शामिल हो सकते हैं—

  • रुद्राभिषेक
  • महामृत्युंजय जाप
  • शिव पूजन
  • महामृत्युंजय हवन
  • शिव महापूजन
  • विशेष वैदिक हवन
  • नवग्रह शांति पूजा
  • ग्रह शांति अनुष्ठान
  • राहु-केतु शांति पूजा
  • शनि ग्रह शांति पूजा
  • मंगल ग्रह शांति पूजा
  • गुरु ग्रह शांति पूजा
  • शुक्र ग्रह शांति पूजा
  • सूर्य ग्रह शांति पूजा
  • पितृ शांति अनुष्ठान

पूजा की विधि, मंत्र जाप और संकल्प व्यक्ति की धार्मिक आवश्यकता तथा जन्मकुंडली के आधार पर आचार्य द्वारा निर्धारित किए जा सकते हैं।

मंदिर परिसर एवं हरिद्वार का आध्यात्मिक महत्व

भगवान पशुपतिनाथ की आराधना

मंदिर में भगवान शिव के पशुपति स्वरूप की उपासना श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख धार्मिक केंद्र है। भक्त भगवान शिव का पूजन, अभिषेक और मंत्र जाप कर सुख, शांति, आरोग्य एवं संरक्षण की मंगलकामना करते हैं।

पवित्र गंगा

हरिद्वार की धार्मिक पहचान पवित्र गंगा से गहराई से जुड़ी हुई है। गंगा के तट पर स्नान, आचमन, पूजन और दीपदान हिंदू धार्मिक परंपरा में विशेष महत्व रखते हैं। गंगा का सान्निध्य हरिद्वार की तीर्थ परंपरा और आध्यात्मिक वातावरण को विशेष बनाता है।

हर की पौड़ी

हर की पौड़ी हरिद्वार के प्रमुख तीर्थ स्थलों में से एक है। यहाँ गंगा आरती और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। मंदिर की यात्रा के साथ हर की पौड़ी और गंगा तट का दर्शन श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण आध्यात्मिक अनुभव हो सकता है।

हरिद्वार के पंचतीर्थ

हरिद्वार की धार्मिक परंपरा में गंगाद्वार, कुशावर्त, कनखल, बिल्व तीर्थ और नील पर्वत को पंचतीर्थ के रूप में विशेष महत्व दिया जाता है। ये स्थल हरिद्वार की व्यापक तीर्थ परंपरा और धार्मिक विरासत को दर्शाते हैं।

पशुपति नाथ मंदिर में पूजा करवाने के लाभ

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान पशुपतिनाथ की श्रद्धापूर्वक आराधना से विभिन्न आध्यात्मिक एवं सांसारिक मंगलकामनाएँ की जाती हैं। इन लाभों को धार्मिक आस्था और परंपरा के संदर्भ में समझना चाहिए।

  • भगवान शिव की कृपा एवं आशीर्वाद प्राप्ति की मंगलकामना।
  • मन की शांति और आत्मबल की प्राप्ति की प्रार्थना।
  • जीवन में आने वाली बाधाओं और नकारात्मकता से राहत की कामना।
  • स्वास्थ्य एवं दीर्घायु के लिए मंगलकामना।
  • परिवार में सुख, शांति और सौहार्द की प्रार्थना।
  • ग्रहजनित बाधाओं की शांति के लिए धार्मिक प्रार्थना।
  • कार्यक्षेत्र और व्यवसाय में उन्नति की मंगलकामना।
  • भय एवं मानसिक अशांति से राहत की प्रार्थना।
  • आध्यात्मिक उन्नति तथा शिव भक्ति को मजबूत करने की कामना।

पशुपति नाथ मंदिर का आध्यात्मिक वातावरण

हरिद्वार का धार्मिक वातावरण गंगा, मंदिरों, आश्रमों, साधना परंपराओं, वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों से जुड़ा हुआ है। गंगा तट पर होने वाली आरती, दीपदान और मंत्रोच्चार तीर्थनगरी के आध्यात्मिक वातावरण को विशेष बनाते हैं।

पशुपति नाथ मंदिर में भगवान शिव की आराधना के साथ श्रद्धालु हरिद्वार की व्यापक तीर्थ परंपरा का अनुभव कर सकते हैं। श्रावण मास और महाशिवरात्रि जैसे शिव-संबंधित अवसरों पर भगवान शिव की उपासना का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है।

विशेष अवसरों पर पशुपति नाथ मंदिर का महत्व

भगवान शिव की उपासना के लिए निम्न अवसरों को धार्मिक दृष्टि से विशेष माना जाता है—

  • श्रावण मास
  • सावन सोमवार
  • महाशिवरात्रि
  • प्रदोष व्रत
  • सोमवार
  • अमावस्या
  • पूर्णिमा
  • जन्मकुंडली के अनुसार निर्धारित शुभ मुहूर्त

इन अवसरों पर श्रद्धालु अपनी आस्था और धार्मिक परंपरा के अनुसार भगवान शिव का अभिषेक, पूजन, जाप एवं हवन करा सकते हैं।

पशुपति नाथ मंदिर, हरिद्वार कैसे पहुंचे

हवाई मार्ग

हरिद्वार के लिए निकटतम प्रमुख हवाई अड्डा जॉली ग्रांट एयरपोर्ट, देहरादून है। हवाई अड्डे से हरिद्वार तक सड़क मार्ग द्वारा पहुँचा जा सकता है।

रेल मार्ग

हरिद्वार रेलवे स्टेशन देश के अनेक प्रमुख शहरों से रेल मार्ग द्वारा जुड़ा हुआ है। रेलवे स्टेशन से स्थानीय परिवहन के माध्यम से मंदिर क्षेत्र तक पहुँचा जा सकता है।

सड़क मार्ग

हरिद्वार दिल्ली, देहरादून, ऋषिकेश और उत्तर भारत के अन्य प्रमुख शहरों से सड़क मार्ग द्वारा जुड़ा हुआ है। निजी वाहन, टैक्सी और बस के माध्यम से हरिद्वार पहुँचा जा सकता है।

दर्शन हेतु सर्वोत्तम समय

पशुपति नाथ मंदिर में भगवान शिव की आराधना के लिए श्रद्धालु वर्षभर आ सकते हैं। धार्मिक दृष्टि से श्रावण मास, सावन सोमवार और महाशिवरात्रि जैसे अवसर विशेष माने जाते हैं।

यदि शांत वातावरण में दर्शन करना हो तो सामान्य दिनों में अपेक्षाकृत कम भीड़ वाले समय को चुना जा सकता है। पर्वों और विशेष धार्मिक अवसरों पर श्रद्धालुओं की संख्या अधिक हो सकती है।

पूजा या विशेष अनुष्ठान के लिए जाने से पहले स्थानीय स्तर पर पूजा व्यवस्था, उपलब्धता और समय की जानकारी प्राप्त करना उचित है।

निष्कर्ष

पशुपति नाथ मंदिर, हरिद्वार भगवान शिव के पशुपति स्वरूप की आराधना से जुड़ा एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है। हरिद्वार की पवित्र गंगा, प्राचीन तीर्थ परंपरा और शिव भक्ति से जुड़ा वातावरण इस मंदिर की आध्यात्मिक पहचान को विशेष बनाता है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यहाँ भगवान शिव की पूजा-अर्चना, अभिषेक, मंत्र जाप और अन्य धार्मिक अनुष्ठान सुख-शांति, आरोग्य, पारिवारिक कल्याण, बाधाओं की शांति तथा आध्यात्मिक उन्नति की मंगलकामना से किए जाते हैं। हरिद्वार की तीर्थ परंपरा के साथ पशुपतिनाथ की उपासना श्रद्धालुओं के लिए भक्ति, साधना और आध्यात्मिक चिंतन का अवसर प्रदान करती है।

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    हरिद्वार के पवित्र पशुपतिनाथ मंदिर में 1 अनुभवी वैदिक आचार्य द्वारा सूर्य ग्रह शांति पूजा पूर्ण शास्त्रोक्त विधि-विधान और श्रद्धापूर्वक संपन्न कराई जाती है। यह वैदिक अनुष्ठान लगभग 1.5 से 2 घंटे में पूर्ण होता है। इसमें सूर्य दोष, सूर्य महादशा, अंतर्दशा एवं प्रतिकूल गोचर से संबंधित अशुभ प्रभावों की शांति के लिए विशेष प्रार्थना की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह पूजा आत्मबल, स्वास्थ्य, करियर, सरकारी कार्यों, यश एवं मान-सम्मान से संबंधित मंगलकामनाओं के लिए की जाती है।

    पूजा में शामिल विधियां

    • संकल्प
    • गौरी-गणेश पूजन
    • कलश स्थापना
    • नवग्रह पूजन
    • सूर्य देव पूजन
    • भगवान पशुपतिनाथ एवं भगवान शिव का पूजन
    • सूर्य तांत्रिक मंत्र जाप — 7,000 जप
    • अर्घ्यदान
    • विशेष वैदिक हवन
    • पूर्णाहुति
    • आरती एवं आशीर्वाद

    विशेष सुविधाएं

    • पवित्र पशुपतिनाथ मंदिर, हरिद्वार में वैदिक विधि-विधान से अनुष्ठान
    • अनुभवी वैदिक आचार्य द्वारा संकल्प एवं पूजा संपन्न
    • सूर्य देव एवं भगवान पशुपतिनाथ की विशेष आराधना
    • 7,000 सूर्य तांत्रिक मंत्र जाप
    • अर्घ्यदान एवं विशेष वैदिक हवन
    • पूर्णाहुति एवं आरती सहित विस्तृत अनुष्ठान

    अनुष्ठान की अवधि

    यह वैदिक अनुष्ठान लगभग 1.5 से 2 घंटे में संपन्न कराया जाता है।

    आवश्यक जानकारी

    • यजमान का नाम
    • गोत्र
    • जन्म तिथि
    • जन्म समय
    • जन्म स्थान
    • जन्मकुंडली, यदि उपलब्ध हो

    भगवान सूर्य नारायण एवं भगवान पशुपतिनाथ की कृपा की मंगलकामना के साथ संपन्न यह पवित्र अनुष्ठान सूर्य ग्रह से संबंधित अशुभ प्रभावों के शमन, आत्मबल, स्वास्थ्य, करियर, यश एवं मान-सम्मान की मंगलकामना के लिए किया जाता है। मंत्र जाप, अर्घ्यदान, हवन एवं पूर्णाहुति के माध्यम से यजमान के जीवन में सकारात्मकता, स्थिरता, सफलता एवं आध्यात्मिक उन्नति की प्रार्थना की जाती है।

    सभी पूजा सामग्रीदक्षिणा
    ₹6,100₹8,10025% off

    2 वस्तुएँ शामिल

  • श्रेष्ठ

    3 आचार्य + सभी पूजा सामग्री

    3h

    श्रेष्ठ पैकेज के अंतर्गत हरिद्वार के पवित्र पशुपतिनाथ मंदिर में 3 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा सूर्य ग्रह शांति पूजा पूर्ण शास्त्रोक्त विधि-विधान एवं श्रद्धापूर्वक संपन्न कराई जाती है। यह पवित्र वैदिक अनुष्ठान लगभग 2.5 से 3.5 घंटे में संपन्न होता है। इसमें सूर्य दोष, सूर्य महादशा, अंतर्दशा एवं प्रतिकूल गोचर से संबंधित अशुभ प्रभावों की शांति के लिए विशेष प्रार्थना की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह अनुष्ठान आत्मबल, स्वास्थ्य, करियर, सरकारी कार्यों में सफलता, यश एवं मान-सम्मान की मंगलकामना के लिए किया जाता है।

    पूजा में शामिल विधियां

    • संकल्प
    • गौरी-गणेश पूजन
    • कलश स्थापना
    • वैदिक आचार्य पूजन
    • नवग्रह पूजन
    • सूर्य देव पूजन
    • भगवान पशुपतिनाथ एवं भगवान शिव का पूजन
    • सूर्य तांत्रिक मंत्र जाप — 28,000 जप
    • अर्घ्यदान
    • विशेष वैदिक हवन
    • पूर्णाहुति
    • आरती एवं आशीर्वाद

    विशेष सुविधाएं

    • सूर्य तांत्रिक मंत्र का 28,000 जप शास्त्रोक्त विधि से कराया जाएगा
    • पशुपतिनाथ मंदिर, हरिद्वार में अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा वैदिक अनुष्ठान
    • सूर्य ग्रह से संबंधित अशुभ प्रभावों की शांति के लिए विशेष संकल्प
    • सूर्य देव एवं भगवान पशुपतिनाथ की विशेष आराधना
    • अर्घ्यदान, हवन एवं पूर्णाहुति सहित विस्तृत अनुष्ठान
    • पूजा की आवश्यक व्यवस्था आचार्यों द्वारा विधि-विधान के अनुसार की जाएगी

    अनुष्ठान की अवधि

    यह पवित्र वैदिक अनुष्ठान लगभग 2.5 से 3.5 घंटे में संपन्न कराया जाता है।

    आवश्यक जानकारी

    • यजमान का नाम
    • गोत्र
    • जन्म तिथि
    • जन्म समय
    • जन्म स्थान
    • जन्मकुंडली, यदि उपलब्ध हो

    भगवान सूर्य नारायण एवं भगवान पशुपतिनाथ की कृपा की मंगलकामना के साथ संपन्न यह अनुष्ठान सूर्य ग्रह से संबंधित अशुभ प्रभावों के शमन, आत्मबल, स्वास्थ्य, ऊर्जा, यश एवं मान-सम्मान की प्रार्थना के लिए किया जाता है। मंत्र जाप, सूर्य देव की आराधना, अर्घ्यदान, हवन एवं पूर्णाहुति के माध्यम से यजमान के जीवन में सफलता, स्थिरता, सकारात्मकता और आध्यात्मिक उन्नति की मंगलकामना की जाती है।

    सभी पूजा सामग्रीदक्षिणा
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    2 वस्तुएँ शामिल

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    3h

    हरिद्वार के पवित्र पशुपतिनाथ मंदिर में 3 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा सूर्य ग्रह शांति पूजा पूर्ण शास्त्रोक्त विधि-विधान एवं श्रद्धापूर्वक संपन्न कराई जाती है। यह पवित्र वैदिक अनुष्ठान लगभग 3 से 4 घंटे में संपन्न होता है। इसमें सूर्य दोष, सूर्य महादशा, अंतर्दशा एवं प्रतिकूल गोचर से संबंधित अशुभ प्रभावों की शांति के लिए विशेष प्रार्थना की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह अनुष्ठान आत्मबल, स्वास्थ्य, करियर, सरकारी कार्यों में सफलता, यश एवं मान-सम्मान की मंगलकामना के लिए किया जाता है।

    पूजा में शामिल विधियां

    • संकल्प
    • गौरी-गणेश पूजन
    • कलश स्थापना
    • वैदिक आचार्य पूजन
    • नवग्रह पूजन
    • सूर्य देव पूजन
    • भगवान पशुपतिनाथ एवं भगवान श्रीहरि विष्णु की आराधना
    • सूर्य वैदिक मंत्र जाप — 7,000 जप
    • अर्घ्यदान
    • विशेष वैदिक हवन
    • पूर्णाहुति
    • आरती एवं आशीर्वाद

    विशेष सुविधाएं

    • पशुपतिनाथ मंदिर, हरिद्वार में 3 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा सामूहिक वैदिक अनुष्ठान
    • सूर्य ग्रह से संबंधित अशुभ प्रभावों की शांति के लिए विशेष संकल्प
    • सूर्य देव, भगवान पशुपतिनाथ एवं भगवान श्रीहरि विष्णु की विशेष आराधना
    • 7,000 सूर्य वैदिक मंत्र जाप
    • अर्घ्यदान एवं विशेष वैदिक हवन
    • पूर्णाहुति एवं आरती सहित विस्तृत अनुष्ठान

    अनुष्ठान की अवधि

    यह विशेष वैदिक अनुष्ठान लगभग 3 से 4 घंटे में संपन्न कराया जाता है।

    आवश्यक जानकारी

    • यजमान का नाम
    • गोत्र
    • जन्म तिथि
    • जन्म समय
    • जन्म स्थान
    • जन्मकुंडली, यदि उपलब्ध हो

    भगवान सूर्य नारायण, भगवान पशुपतिनाथ एवं भगवान श्रीहरि विष्णु की कृपा की मंगलकामना के साथ संपन्न यह पवित्र अनुष्ठान सूर्य ग्रह से संबंधित अशुभ प्रभावों के शमन, आत्मबल, स्वास्थ्य, ऊर्जा, करियर में उन्नति, यश एवं मान-सम्मान की प्रार्थना के लिए किया जाता है। मंत्र जाप, पूजन, अर्घ्यदान, हवन एवं पूर्णाहुति के माध्यम से यजमान के जीवन में सुख, शांति, स्थिरता और सकारात्मकता की मंगलकामना की जाती है।

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    11 आचार्य + सभी पूजा सामग्री

    4h

    दिव्य पैकेज में हरिद्वार के पवित्र पशुपतिनाथ मंदिर में 11 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा सूर्य ग्रह शांति पूजा एवं विशेष वैदिक अनुष्ठान पूर्ण शास्त्रोक्त विधि-विधान से संपन्न कराया जाता है। इसमें सूर्य दोष, आत्मविश्वास की कमी, स्वास्थ्य संबंधी बाधाओं, करियर में रुकावट तथा सरकारी कार्यों में आने वाली समस्याओं की शांति के लिए विशेष प्रार्थना की जाती है।

    इस पवित्र अनुष्ठान में सूर्य वैदिक मंत्र का 28,000 जप कराया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह मंत्र जाप सूर्य ग्रह से संबंधित अशुभ प्रभावों की शांति, आत्मबल, ऊर्जा, स्वास्थ्य, सफलता एवं मान-सम्मान की मंगलकामना के लिए किया जाता है। यह अनुष्ठान विशेष रूप से उन श्रद्धालुओं के लिए किया जाता है जिनकी कुंडली में सूर्य से संबंधित प्रतिकूल प्रभाव या जीवन में सूर्य ग्रह से जुड़ी बाधाएं मानी जाती हैं।

    पूजा में शामिल विधियां

    • संकल्प
    • गौरी-गणेश पूजन
    • कलश स्थापना
    • वैदिक आचार्य पूजन
    • नवग्रह पूजन
    • सूर्य देव पूजन
    • भगवान पशुपतिनाथ एवं भगवान शिव का पूजन
    • सूर्य वैदिक मंत्र जाप — 28,000 जप
    • अर्घ्यदान
    • विशेष वैदिक हवन
    • पूर्णाहुति
    • आरती एवं आशीर्वाद

    विशेष सुविधाएं

    • पशुपतिनाथ मंदिर, हरिद्वार में 11 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा सामूहिक वैदिक अनुष्ठान
    • सूर्य देव एवं भगवान पशुपतिनाथ की विशेष आराधना
    • अर्घ्यदान, विशेष हवन एवं पूर्णाहुति सहित विस्तृत अनुष्ठान

    आवश्यक जानकारी

    • यजमान का नाम
    • गोत्र
    • जन्म तिथि
    • जन्म समय
    • जन्म स्थान
    • जन्मकुंडली, यदि उपलब्ध हो

    भगवान सूर्य नारायण एवं भगवान पशुपतिनाथ की कृपा की मंगलकामना के साथ संपन्न यह पवित्र अनुष्ठान सूर्य ग्रह से संबंधित अशुभ प्रभावों के शमन, आत्मबल, ऊर्जा, स्वास्थ्य, सफलता एवं मानसिक स्थिरता की प्रार्थना के लिए किया जाता है। वैदिक मंत्र जाप, सूर्य देव की आराधना, अर्घ्यदान, हवन एवं पूर्णाहुति के माध्यम से यजमान के जीवन में सुख, समृद्धि, यश, मान-सम्मान एवं सकारात्मकता की मंगलकामना की जाती है।

    सभी पूजा सामग्रीदक्षिणा
    ₹41,000₹45,0009% off

    2 वस्तुएँ शामिल

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भक्तों की प्रतिक्रिया

भक्तों का अनुभव

पूरी प्रक्रिया बहुत सरल थी। पंडित जी ने पूरी श्रद्धा से सत्यनारायण पूजा संपन्न की और हमें उसी दिन वीडियो प्रमाण मिल गया।

प्रिया शर्मा

मुंबईSatyanarayan Puja

विदेश में रहते हुए काशी में प्रामाणिक पूजा कराने को लेकर चिंतित था। पुजारीजी ने सब कुछ संभाला — सामग्री से लेकर संकल्प तक।

राजेश गुप्ता

सैन फ्रांसिस्को, अमेरिकाRudrabhishek

अपने नए घर के लिए ग्रह शांति पूजा बुक की। पंडित जी बहुत ज्ञानी थे और हर चरण समझाया। वीडियो रिकॉर्डिंग बहुत अच्छी लगी।

मीना अय्यर

बैंगलोरGraha Shanti Puja

सामान्य पूछे जाने वाले प्रश्न

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कैसे काम करता है

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  1. आप

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    जाँचे-परखे, आपकी पूजा के अनुसार।

  3. पुजारीजी

    हम पूरी पूजा सामग्री की व्यवस्था करते हैं

    हर वस्तु लाई जाती है — आपको कुछ नहीं जुटाना।

  4. पुजारीजी

    वैदिक विधि-विधान से पूजा संपन्न

    तीर्थ पर आपके नाम और संकल्प से।

  5. पुजारीजी

    आपको प्रसाद व आशीर्वाद मिलता है

    संपन्न पूजा का आशीर्वादित प्रसाद और पूर्ण आशीर्वाद आपको।

हर चरण पर कॉल और व्हाट्सएप पर मार्गदर्शन व सहायता।

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