“पूरी प्रक्रिया बहुत सरल थी। पंडित जी ने पूरी श्रद्धा से सत्यनारायण पूजा संपन्न की और हमें उसी दिन वीडियो प्रमाण मिल गया।”
प्रिया शर्मा
मुंबई• Satyanarayan Puja

ग्रहण दोष तब बनता है जब राहु सूर्य को प्रभावित करता है, जिससे, करियर में भ्रम, अस्थिरता, पहचान की कमी और मानसिक तनाव उत्पन्न होता है। यह पूजा मंत्र जाप, हवन और विधि-विधान के माध्यम से इन प्रभावों को शांत कर आत्मविश्वास, स्थिरता और प्रगति प्रदान करती है।
Duration
2h – 3h
ग्रहण दोष एक महत्वपूर्ण ज्योतिषीय दोष है जो तब बनता है जब जन्मकुंडली में सूर्य या चंद्रमा के साथ राहु-केतु की युति या दृष्टि होती है, या ये ग्रह एक ही भाव में स्थित होते हैं। यह दोष केवल एक खगोलीय घटना नहीं है बल्कि एक गूढ़ ज्योतिषीय स्थिति मानी जाती है जो व्यक्ति के मन, भावना, निर्णय क्षमता और भाग्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है। इससे व्यक्ति जीवन के महत्वपूर्ण क्षेत्रों में उतार-चढ़ाव, भ्रम, मानसिक तनाव, अवसाद़ जैसी स्थितियों का सामना कर सकता है।
कुंडली में ग्रहण दोष कई स्थानों पर विभिन्न प्रभाव डालता हैः
दशम भाव में ग्रहण दोष करियर में रुकावटें, नौकरी बदलने की स्थितियाँ या व्यापार में निरंतर अस्थिरता ला सकता है।
द्वितीय, छठा, ग्यारहवाँ भाव में दोष वित्तीय बाधाएं, धन हानि या देनदारी जैसी समस्याएं उत्पन्न कर सकता है।
सातवें भाव में ग्रहण योग वैवाहिक जीवन में मतभेद, संबंधों में कड़वाहट या समझौता-हीन स्थिति ला सकता है।
चतुर्थ भाव दोष परिवार, घर-परिवार के सुख-शांति में कमी तथा स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानियों को जन्म दे सकता है।
ग्रहण दोष के प्रभाव इसीलिए गंभीर माने जाते हैं कि यह सूर्य की जीवन शक्ति और चंद्रमा की मानसिक स्थिरता को प्रभावित करता है। सूर्य आत्म-विश्वास, शक्ति, प्रतिष्ठा और स्वास्थ्य का प्रतिनिधित्व करता है, जबकि चंद्रमा मन, भावनाएँ और मानसिक संतुलन का कारक है। जब इनका प्रभाव राहु-केतु के प्रतिकूल संयोजन से बाधित होता है, तो व्यक्ति अक्सर प्रयास करके भी सफलता न मिलना, मेहनत का फल न मिलना, करियर में अस्थिरता, बार-बार नौकरी बदलना या व्यवसाय का सही दिशा न पाना जैसी स्थितियों से गुजरता है।
ग्रहण दोष शांति पूजा के विशेष लाभ
ग्रहण दोष को शांत करने के लिए वैदिक शास्त्रों में ग्रहण दोष शांति पूजा सबसे प्रभावी उपाय माना गया है। इस पूजा में संकल्प, गणेश-नवग्रह पूजन, विशिष्ट मंत्रों का जाप, वैदिक हवन और शांति-पाठ होता है। पूजा के मुख्य लाभ इस प्रकार हैंः
ग्रहण दोष पूजा सिर्फ कुंडली दोष का निवारण नहीं है, यह जीवन के हर क्षेत्र में रोक-टोक और बाधाओं को तोड़कर उन्नति, मानसिक संतुलन व स्थिरता प्रदान करने का शक्तिशाली उपाय भी है।
पूजा के दौरान कुछ विशेष नियम भी अपनाए जाते हैं — जैसे पवित्र वस्त्र पहनना, जो विशेष रूप से पूजा के समय शुभ माना जाता है, और पूजा समाप्ति के बाद इन्हें वहीं छोड़ देना। इसके अतिरिक्त दान भी किया जाता है, जिसमें राहु-केतु से संबंधित दान सामग्री जैसे सफेद वस्त्र, चंदन, चांदी आदि का दान करना शुभ फल देता है।
पुजारी जी से पूजा बुकिंग के लाभ
आज यह पूजा आप आसानी से पुजारी जी के माध्यम से विश्व-स्तरीय सेवाओं के साथ बुक कर सकते हैं, जहाँ अनुभवी, पारंपरिक और वैदिक ज्ञान मे पारंगत पंडित पूजा को सही मुहूर्त पर सम्पन्न कराते हैं। इसके लाभः्
सभी सामग्री और मंत्रों का समुचित प्रबंध।
इस पूजा से जीवन में सकारात्मक परिवर्तन, नए अवसर, स्थिरता और मानसिक संतुलन आता है — यही कारण है कि ग्रहण दोष शांति पूजा को आजकल बहुत लोगों द्वारा अपनाया जा रहा है।

त्र्यंबकेश्वर
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WhatsAppभक्तों की प्रतिक्रिया
“पूरी प्रक्रिया बहुत सरल थी। पंडित जी ने पूरी श्रद्धा से सत्यनारायण पूजा संपन्न की और हमें उसी दिन वीडियो प्रमाण मिल गया।”
प्रिया शर्मा
मुंबई• Satyanarayan Puja
“विदेश में रहते हुए काशी में प्रामाणिक पूजा कराने को लेकर चिंतित था। पुजारीजी ने सब कुछ संभाला — सामग्री से लेकर संकल्प तक।”
राजेश गुप्ता
सैन फ्रांसिस्को, अमेरिका• Rudrabhishek
“अपने नए घर के लिए ग्रह शांति पूजा बुक की। पंडित जी बहुत ज्ञानी थे और हर चरण समझाया। वीडियो रिकॉर्डिंग बहुत अच्छी लगी।”
मीना अय्यर
बैंगलोर• Graha Shanti Puja
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