मुख्य सामग्री पर जाएं
Pujari Ji

कृष्ण चतुर्दशी जनन शांति पूजा

इन शहरों में घर पर सेवा उपलब्ध:बेंगलुरुमुंबई
  • प्रमाणित पुजारी
  • पूरी पूजा सामग्री
  • वैदिक विधि-विधान
  • मार्गदर्शन व सहायता
कृष्ण चतुर्दशी जनन शांति पूजा

कृष्ण चतुर्दशी जनन शांति पूजा उन जातकों के लिए विशेष मानी जाती है जिनका जन्म कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि में हुआ हो। धर्मशास्त्रीय एवं ज्योतिषीय परंपराओं में कुछ विशेष जन्म तिथियों को शांति योग्य माना गया है। ऐसी मान्यता के अनुसार जन्म तिथि से संबंधित अशुभ प्रभावों की शांति के लिए वैदिक अनुष्ठान सम्पन्न कराया जाता है।

शास्त्रीय परंपरा में चतुर्दशी तिथि को छह भागों में विभाजित करके जन्मकाल का विचार किया जाता है। यदि जन्म द्वितीय, तृतीय अथवा षष्ठ भाग में हुआ हो, तो सामान्य जनन शांति के साथ विशेष गोमुख प्रसव शांति का विधान बताया गया है। अन्य भागों में जन्म होने पर कृष्ण चतुर्दशी जनन शांति सम्पन्न कराने की परंपरा बताई जाती है।

यह अनुष्ठान भगवान शिव, रुद्र, वरुण एवं भगवान विष्णु की आराधना, वैदिक मंत्रोच्चार तथा हवन के माध्यम से जन्म से संबंधित अशुभ प्रभावों की शांति एवं परिवार के कल्याण की प्रार्थना के लिए किया जाता है।

Duration

3h – 5h

Best time

सुबह

Starting price

₹13,000

लाभ

  • जन्म तिथि से संबंधित दोषों एवं अशुभ प्रभावों की शांति तथा जीवन में शुभता की प्राप्ति के लिए प्रार्थना की जाती है।
  • मानसिक तनाव, भय एवं भावनात्मक अस्थिरता से राहत तथा मानसिक शांति की मंगलकामना की जाती है।
  • चंद्र दोष एवं ग्रहों से संबंधित प्रतिकूल प्रभावों की शांति तथा अनुकूल परिस्थितियों की प्राप्ति के लिए श्रद्धापूर्वक प्रार्थना की जाती है।
  • परिवार में सुख, शांति, सुरक्षा एवं सकारात्मक वातावरण की प्राप्ति की मंगलकामना की जाती है।
  • भगवान शिव की कृपा एवं आशीर्वाद से जीवन में स्थिरता, आत्मबल एवं कार्यों में सफलता की मंगलकामना की जाती है।

कृष्ण चतुर्दशी जनन शांति पूजा

कृष्ण चतुर्दशी जनन शांति एक पारंपरिक वैदिक शांति अनुष्ठान है। धार्मिक एवं ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी में जन्म लेने वाले जातक के लिए जन्म तिथि से संबंधित शांति कर्म कराया जा सकता है।

परंपरागत विधानों में जन्म के समय, तिथि के भाग तथा अन्य ज्योतिषीय परिस्थितियों का विचार किया जाता है। विशेष परिस्थितियों में गोमुख प्रसव शांति सहित विस्तृत अनुष्ठान सम्पन्न कराया जाता है।

इस पूजा का उद्देश्य किसी निश्चित घटना की भविष्यवाणी करना नहीं, बल्कि धार्मिक परंपरा के अनुसार जन्म से संबंधित अशुभ प्रभावों की शांति, ईश्वर की कृपा तथा जातक एवं परिवार के मंगल की प्रार्थना करना है।

मुख्य देवता एवं धार्मिक महत्व

इस अनुष्ठान में मुख्य रूप से निम्न देवताओं की आराधना की जाती हैः

  • भगवान शिव एवं रुद्र

भगवान शिव की आराधना शांति, संरक्षण एवं आध्यात्मिक कल्याण की भावना से की जाती है। रुद्र पूजन एवं मंत्रोच्चार के माध्यम से मंगलकामना की जाती है। वरुण पूजन तथा भगवान विष्णु की आराधना भी अनुष्ठान की पारंपरिक विधि का हिस्सा हो सकती है।

शुभ समय / यह पूजा कब करानी चाहिए?

  • कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी में जन्म होने पर
  • जन्म तिथि से संबंधित शांति की आवश्यकता होने पर
  • जन्म कुंडली में चंद्र अथवा अन्य ग्रहों के प्रतिकूल प्रभाव बताए जाने पर
  • जातक के जन्मकाल से संबंधित विशेष शांति विधान होने पर
  • नवजात शिशु के लिए परिवार की मंगलकामना हेतु
  • अनुभवी ज्योतिषाचार्य अथवा वैदिक आचार्य के परामर्शानुसार

किन परिस्थितियों में यह पूजा करानी चाहिए?

  • जन्म तिथि से संबंधित अशुभ प्रभावों की शांति हेतु
  • जातक अथवा शिशु के मंगल एवं कल्याण की प्रार्थना हेतु
  • मानसिक तनाव, भय अथवा अस्थिरता की स्थिति में
  • चंद्रमा से संबंधित ज्योतिषीय अशुभ प्रभावों की शांति हेतु
  • स्वास्थ्य एवं पारिवारिक सुख-शांति की मंगलकामना हेतु
  • जीवन में बार-बार आने वाली बाधाओं की शांति हेतु
  • जन्मकाल से संबंधित विशेष शांति विधान के अंतर्गत

प्रमुख मंत्र

इस अनुष्ठान में विधि एवं संकल्प के अनुसार वैदिक मंत्रों का पाठ किया जाता है। प्रमुख रूप से भगवान शिव एवं रुद्र की आराधना के लिए निम्न मंत्र का जप किया जा सकता हैः

  • ॐ नमः शिवाय॥
  • ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥

अनुष्ठान की पूर्ण मंत्र विधि आचार्य द्वारा निर्धारित संकल्प एवं शास्त्रोक्त प्रक्रिया के अनुसार सम्पन्न की जाती है।

पूजा के लाभ

  • जन्म तिथि से संबंधित अशुभ प्रभावों की शांति की मंगलकामना की जाती है।
  • जातक एवं परिवार के स्वास्थ्य, सुख एवं कल्याण के लिए प्रार्थना की जाती है।
  • मानसिक शांति, आत्मबल एवं भावनात्मक संतुलन की प्रार्थना की जाती है।
  • चंद्रमा एवं अन्य ग्रहों से संबंधित अशुभ प्रभावों की शांति हेतु अनुष्ठान किया जाता है।
  • परिवार में सुख-शांति, सामंजस्य एवं सकारात्मक वातावरण की मंगलकामना की जाती है।
  • जीवन में आने वाली बाधाओं एवं प्रतिकूल परिस्थितियों की शांति के लिए प्रार्थना की जाती है।
  • भगवान शिव एवं अन्य आराध्य देवताओं की कृपा से आध्यात्मिक संरक्षण एवं शुभता की मंगलकामना की जाती है।

आध्यात्मिक महत्व

कृष्ण चतुर्दशी जनन शांति पूजा का आध्यात्मिक महत्व जन्म से संबंधित शांति कर्म, देव आराधना एवं वैदिक मंत्रों के श्रद्धापूर्वक पाठ में निहित है। धार्मिक मान्यता के अनुसार शांति अनुष्ठान व्यक्ति एवं परिवार को ईश्वर के प्रति श्रद्धा, प्रार्थना एवं समर्पण की भावना से जोड़ता है।

रुद्र पूजन, भगवान विष्णु की आराधना, वरुण पूजन, मंत्रोच्चार तथा हवन के माध्यम से जातक एवं परिवार के मंगल, शांति एवं आध्यात्मिक कल्याण की प्रार्थना की जाती है।

विशेष जानकारी

  • अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा घर पर शास्त्रोक्त विधि से पूजा सम्पन्न कराई जाती है।
  • श्रद्धालु अथवा शिशु के नाम एवं गोत्र के अनुसार संकल्प लिया जाता है।
  • आवश्यकता होने पर जन्म तिथि, जन्म समय एवं जन्म स्थान के आधार पर अनुष्ठान की विधि निर्धारित की जा सकती है।
  • यदि जन्म तिथि के विशेष भाग के कारण गोमुख प्रसव शांति आवश्यक मानी जाए, तो उसके अनुसार अतिरिक्त शांति विधान किया जा सकता है।
  • पूजा के लिए आवश्यक संपूर्ण सामग्री की व्यवस्था की जाती है।
  • अनुष्ठान वैदिक मंत्रोच्चार, पूजन एवं हवन सहित निर्धारित विधि के अनुसार सम्पन्न किया जाता है।

घर पर सम्पन्न किया जाने वाला यह कृष्ण चतुर्दशी जनन शांति अनुष्ठान कृष्ण चतुर्दशी तिथि में जन्म से संबंधित दोषों की शांति तथा जीवन में शांति, सुरक्षा एवं सकारात्मक ऊर्जा की मंगलकामना के लिए श्रद्धापूर्वक कराया जाता है।

हमारी गारंटी

100% प्रमाणित पुजारी
पूरी पूजा सामग्री शामिल
वैदिक विधि-विधान
मार्गदर्शन व सहायता

पैकेज चुनें

  • उन्नत

    2 आचार्य + सभी पूजा सामग्री

    3h

    यह विशेष वैदिक अनुष्ठान घर पर 2 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा पूर्ण शास्त्रोक्त विधि-विधान से संपन्न कराया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार कृष्ण चतुर्दशी तिथि में जन्म से संबंधित दोष, मानसिक अशांति, चंद्र संबंधी अशुभ प्रभाव एवं ग्रहजन्य बाधाओं की शांति के लिए यह अनुष्ठान किया जाता है। पूजा में भगवान शिव, चंद्र देव एवं नवग्रहों की आराधना के साथ विशेष मंत्र जाप, हवन एवं पूर्णाहुति संपन्न कराई जाती है।

    पूजा में शामिल विधियां

    • संकल्प
    • गणेश पूजन
    • कलश स्थापना
    • मातृका पूजन
    • नवग्रह पूजन
    • भगवान शिव एवं रुद्र पूजन
    • रुद्राभिषेक
    • विशेष वैदिक हवन एवं आहुति
    • पूर्णाहुति
    • आरती एवं प्रसाद वितरण

    विशेष सुविधाएं

    • घर पर पूर्ण शास्त्रोक्त विधि-विधान से अनुष्ठान
    • 2 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा पूजा संपन्न
    • सभी आवश्यक पूजा सामग्री आचार्यों द्वारा लाई जाएगी
    • कृष्ण चतुर्दशी जन्म से संबंधित दोषों की शांति के लिए विशेष संकल्प
    • चंद्र एवं ग्रहजन्य अशुभ प्रभावों के शमन के लिए विशेष पूजा एवं मंत्र जाप
    • पूजा की संपूर्ण व्यवस्था आचार्यों द्वारा की जाएगी

    घर पर श्रद्धापूर्वक संपन्न किया जाने वाला यह कृष्ण चतुर्दशी जनन शांति अनुष्ठान भगवान शिव एवं अन्य देवताओं की आराधना, मंत्र जाप, हवन और पूर्णाहुति के माध्यम से जन्म से संबंधित दोषों एवं ग्रहजन्य अशुभ प्रभावों के शमन की प्रार्थना के लिए किया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार यह अनुष्ठान यजमान एवं परिवार के जीवन में शांति, सुरक्षा, संतुलन और सकारात्मकता की मंगलकामना के साथ संपन्न किया जाता है।

    सभी आवश्यक पूजा सामग्री जैसे हल्दी, अबीर, गुलाल, आम के पत्ते, तुलसी, कलश, वस्त्र, पान के पत्ते, समिधा, घी आदि आचार्य द्वारा लाई जाएगी।

    यजमान को घर की सामान्य वस्तुएं जैसे बर्तन, दीपक, आसन, कटोरी, चौकी, हवन कुंड, थाली, फोटो आदि की व्यवस्था करनी होगी।

    नोट: बुकिंग के बाद विस्तृत निर्देश साझा किए जाएंगे।

    सभी पूजा सामग्रीदक्षिणा
    ₹13,000₹15,00013% off

    2 वस्तुएँ शामिल

  • श्रेष्ठ

    5 आचार्य + सभी पूजा सामग्री

    5h

    यह विशेष एवं विस्तृत वैदिक अनुष्ठान यजमान के घर पर पूर्ण शास्त्रोक्त विधि-विधान से संपन्न कराया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार कृष्ण चतुर्दशी तिथि में जन्म से संबंधित दोष, चंद्रमा से जुड़े अशुभ प्रभाव, मानसिक अस्थिरता तथा ग्रहजन्य बाधाओं की शांति के लिए यह अनुष्ठान किया जाता है। श्रेष्ठ पैकेज में 5 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा विस्तृत मंत्र जाप, आवश्यकतानुसार गोमुख प्रसव शांति, रुद्राभिषेक एवं विशेष वैदिक हवन सहित पूजा संपन्न कराई जाती है। यह अनुष्ठान लगभग 3 से 5 घंटे में पूर्ण किया जाता है।

    पूजा में शामिल विधियां

    • संकल्प
    • स्वस्ति वाचन
    • गणेश पूजन
    • पुण्याह वाचन
    • कलश स्थापना
    • मातृका पूजन
    • नवग्रह पूजन
    • गोमुख प्रसव शांति, आवश्यकतानुसार
    • भगवान शिव एवं रुद्र पूजन
    • रुद्राभिषेक
    • वरुण पूजन
    • विष्णु पूजन
    • चंद्र शांति मंत्र जाप
    • महामृत्युंजय मंत्र जाप — 11,000 जप
    • विशेष वैदिक हवन एवं आहुति
    • पूर्णाहुति
    • आरती एवं प्रसाद वितरण

    विशेष सुविधाएं

    • यजमान के घर पर 5 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा शास्त्रोक्त विधि से अनुष्ठान
    • सभी आवश्यक पूजा सामग्री आचार्यों द्वारा लाई जाएगी
    • कृष्ण चतुर्दशी जनन शांति के अनुरूप विस्तृत वैदिक मंत्र जाप एवं पूजन
    • आवश्यकतानुसार गोमुख प्रसव शांति का विधान
    • भगवान शिव एवं रुद्र की विशेष आराधना के साथ रुद्राभिषेक
    • विशेष हवन एवं पूर्णाहुति सहित विस्तृत अनुष्ठान
    • पूजा की संपूर्ण व्यवस्था आचार्यों द्वारा की जाएगी

    यजमान के लिए स्वच्छ एवं पारंपरिक वस्त्र

    कृष्ण चतुर्दशी जनन शांति अनुष्ठान श्रद्धापूर्वक संपन्न किए गए मंत्र जाप, पूजन, रुद्राभिषेक, हवन एवं पूर्णाहुति के माध्यम से कृष्ण चतुर्दशी जन्म से संबंधित दोषों तथा ग्रहजन्य अशुभ प्रभावों के शमन की प्रार्थना के लिए किया जाता है। भगवान शिव की आराधना एवं महामृत्युंजय मंत्र जाप के माध्यम से यजमान और परिवार के जीवन में शांति, सुरक्षा, स्थिरता एवं मंगल की प्रार्थना की जाती है।

    सभी आवश्यक पूजा सामग्री जैसे हल्दी, अबीर, गुलाल, आम के पत्ते, तुलसी, कलश, वस्त्र, पान के पत्ते, समिधा, घी आदि आचार्य द्वारा लाई जाएगी।

    यजमान को घर की सामान्य वस्तुएं जैसे बर्तन, दीपक, आसन, कटोरी, चौकी, हवन कुंड, थाली, फोटो आदि की व्यवस्था करनी होगी।

    नोट: बुकिंग के बाद विस्तृत निर्देश साझा किए जाएंगे।

    सभी पूजा सामग्रीदक्षिणा
    ₹25,000₹31,00019% off

    2 वस्तुएँ शामिल

कृष्ण चतुर्दशी जनन शांति पूजा के बारे में हमसे बात करें

WhatsApp

भक्तों की प्रतिक्रिया

भक्तों का अनुभव

“पूरी प्रक्रिया बहुत सरल थी। पंडित जी ने पूरी श्रद्धा से सत्यनारायण पूजा संपन्न की और हमें उसी दिन वीडियो प्रमाण मिल गया।”

प्रिया शर्मा

मुंबई• Satyanarayan Puja

“विदेश में रहते हुए काशी में प्रामाणिक पूजा कराने को लेकर चिंतित था। पुजारीजी ने सब कुछ संभाला — सामग्री से लेकर संकल्प तक।”

राजेश गुप्ता

सैन फ्रांसिस्को, अमेरिका• Rudrabhishek

“अपने नए घर के लिए ग्रह शांति पूजा बुक की। पंडित जी बहुत ज्ञानी थे और हर चरण समझाया। वीडियो रिकॉर्डिंग बहुत अच्छी लगी।”

मीना अय्यर

बैंगलोर• Graha Shanti Puja

सामान्य पूछे जाने वाले प्रश्न

और अधिक जानें

कैसे काम करता है

एक बार बुक करें — बाकी सब पुजारीजी संभाले

एक बार जानकारी दें। पुजारी, सामग्री, विधि-विधान और अपडेट — सब आपके लिए संभाला जाता है।

  1. आप

    बुक करें और संकल्प बताएँ

    पूजा, तिथि और संकल्प की जानकारी दें।

  2. पुजारीजी

    हम प्रमाणित पुजारी नियुक्त करते हैं

    जाँचे-परखे, आपकी पूजा के अनुसार।

  3. पुजारीजी

    हम पूरी पूजा सामग्री की व्यवस्था करते हैं

    हर वस्तु लाई जाती है — आपको कुछ नहीं जुटाना।

  4. पुजारीजी

    वैदिक विधि-विधान से पूजा संपन्न

    आपके घर पर, नियुक्त पुजारी द्वारा।

  5. पुजारीजी

    आपको प्रसाद व आशीर्वाद मिलता है

    संपन्न पूजा का आशीर्वादित प्रसाद और पूर्ण आशीर्वाद आपको।

हर चरण पर कॉल और व्हाट्सएप पर मार्गदर्शन व सहायता।
पावन तीर्थों में पूजा

अपनी श्रद्धा को पावन तीर्थ तक ले जाएँ

तीर्थ यात्रा की योजना है या किसी प्रतिष्ठित मंदिर में कृष्ण चतुर्दशी जनन शांति पूजा करवाना चाहते हैं? इन पावन स्थलों को जानें और अपनी यात्रा के लिए उपयुक्त पूजा पैकेज चुनें।

अभी बुक करें कृष्ण चतुर्दशी जनन शांति पूजा

ऊपर दिए गए पैकेज में से चुनें या पूछताछ करें, हमारी टीम आपकी तारीख और विवरणों की पुष्टि करेगी।